तेज़ हवा ओले व बारिश से फसलें चौपट, किसानो के चेहरों पर मायूसी

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फर्रुखाबादः बीती देर रात से शुरू हुई बारिश व तेज हवाओं से जहां जन जीवन अस्त व्यस्त हो गया है वहीं फसलों को भारी नुकसान होने से किसोनों के चेहरों पर मायूसी छा गयी है।

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2011 की आखिरी शाम तक तो मौसम खुशनुमा रहा लेकिन बीती देर रात से शुरू हुई बारिश ने नव वर्ष मनाने वाले लोगों को दायरे में ही समेट दिया। जैसे ही नव वर्ष 2012 का आगमन हुआ तो तेज हवाओं के साथ बारिश शुरू हो गयी। जिससे खुले में डीजे आदि पर डांस कर खुशियां मना रहे लोगों को अपने-अपने घरों में ही दुबक कर खुशियां मनानी पड़ीं। सुबह 7 बजे खुलने वाला मार्केट दोपहर 12 बजे के बाद खुल सका। जिससे बाजार पर भी प्रभाव पड़ा। प्रति वर्ष जहां नव वर्ष पर रेस्तरां, होटलों में पूरे दिन भीड़ लगी रहती थी वहीं इस बार लोगों ने बारिश हवाओं की बजह से अपने घरों में रहकर ही नववर्ष की खुशियां मनाना मुनासिब समझा और मोबाइल से एसएमएस व फोन कर बधाइयां देते रहे।
तेज हवाओं व बारिश से आम जनजीवन के साथ ही फसलों में भारी नुकसान हो गया। आलू की फसल पौधे टूटने से जहां पैदावार पर असर पड़ेगा वहीं उसकी गुणवत्ता भी पूर्णतः नष्ट हो गयी। वहीं गेहूं की फसल में भी पानी भरने व तेज बूंदों से नये कल्ले टूटने से गेहूं की फसल चौपट हो गयी। सरसों आदि की फसल भी गिरने से पूर्णतः चौपट हो गयी। वहीं कई क्षेत्रों में ओले गिरने की भी सूचना है।
आलू की कीमतें कम होने से जहां किसान परेशान था वहीं आलू की फसल नष्ट होने से पैदाबार पर भी असर पड़ना तय है। ऐसे में किसानों के चेहरों पर एक बार फिर मायूसी छा गयी है। वहीँ कोल्ड स्टोरेजो के बाहर पड़ा आलू अब सडना तय है|

 

 

 

 

 

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