तम्बाकू एक धीमा जहर,धीरे-धीरे देता मौत

0
114

फर्रुखाबाद: पहले के समय में भी हुक्का-चिल्लम, बीड़ी, खैनी आदि के द्वारा लोग नशा करते रहे हैं, किन्तु आज स्थिति कहीं ज्यादा विस्फोटक हो चुकी है। अब तो जमाना एडवांस हो गया है और एडवांस हो गए हैं नशे करने के तरीके! बीड़ी की जगह सिगरेट ने ले ली है तो हुक्का और चिल्लम की जगह स्मैक, ड्रग्स ने, और खैनी बन गया है गुटखा! इसी के चलते विधालय के बच्चो को भी तम्बाकू से होने वाले नुकसान के बारे में बताया|
तम्बाकू नियंत्रण प्रकोष्ठ के प्रभाकर राजपूत व काउंसलर अमित सिसोदिया के द्वारा ग्राम अजमतपुर के प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विधालय के बच्चो को तम्बाकू से होने वाली हानि से अवगत कराया|इस दौरान हेडमास्टर माधुरी शर्मा,अनुराधा कटियार,रोली,सुरजीत वर्मा,रिचा चतुर्वेदी व करिश्मा सिंह आदि रहे|

[adrotate banner="3"]
[adrotate banner="2"]