ढाई दशक पुराने वाहनों के भरोसे जिले की अग्निशमन व्यवस्था

0
121

fire brigedFARRUKHABAD : जनपद में अग्निशमन व्यवस्था बद से बदतर होती जा रही है। आग बुझाने के लिए लगायी गयी अग्निशमन गाड़ियां भी इतनी जर्जर हालत में हो चुकी हैं कि एक दर्जन लोगों द्वारा धक्का लगाने पर ही स्टार्ट हो रही हैं।

[adrotate banner="3"]

गर्मियां शुरू हो चुकी हैं, तेज धूप में छोटी चिंगारी भी शोले का रूप धारण कर सकती है। यह बात प्रशासनिक अधिकारियों के जेहन में शायद अभी नहीं आया है यही कारण है कि जनपद में लगायी गयी अग्निशमन के तौर पर गाड़िया लगभग ढाई दशक पुरानी है। जिले की एक अग्नि शमन गाड़ी 1990 में खरीदी गयी थी। जोकि लगभग 24 वर्ष पुरानी हो चुकी है। वहीं दूसरी गाड़ी इससे भी ज्यादा खचाड़ा है जो 27 वर्ष पुरानी है। किसी हादसे से इनका कोई इत्तेफाक नहीं दिखायी देता। दोनो गाड़ियां धक्का परेड हैं। यदि कोई व्यक्ति आग लगने की सूचना अभी देता है तो उसके चार पांच घंटे बाद ही एम्बुलेंस मौके पर पहुंचती है। लेकिन इस बदतर व्यवस्था को सुधरवाने के लिए विभाग द्वारा कोई कार्य नहीं किया जा रहा है।

[bannergarden id=”8″]

गर्म मौसम में हर वर्ष किसानों की हजारों बीघा जमीन में खड़ी तैयार फसल जलकर नष्ट हो जाती है। लेकिन प्रशासन के ऊपर इसका कोई फर्क नहीं पड़ता। किसान जलें, किसानों की फसलें जलें, किसानों के घर जलें, आम जनता के घर मकान गृहस्थी जल जाये लेकिन अधिकारी व फायरब्रिगेड कर्मचारी मात्र डीजल घोटाले के अलावा और कोई काम नहीं करना चाहते। यही बजह है कि जनपद में दो फायर ब्रिगेड के भरोसे पूरी अग्निशमन व्यवस्था होने के बाद भी दोनो गाड़िया धक्कापरेड व खचाड़ा हैं।

[adrotate banner="2"]