फर्रुखाबाद:(जेएनआई ब्यूरो) जो हर किसी का दर्द सुनता है, उसकी समस्या भी सुननी होगी : डॉ. कविता शर्माफर्रुखाबाद। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) फर्रुखाबाद की नवनियुक्त अध्यक्ष डॉ. कविता शर्मा के नेतृत्व में नेकपुर स्थित मेडियस हॉस्पिटल में संगठन की पहली बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले के चिकित्सकों की विभिन्न समस्याओं और उनके त्वरित समाधान को लेकर गहन विचार-विमर्श किया गया।बैठक को संबोधित करते हुए आईएमए अध्यक्ष डॉ. कविता शर्मा ने कहा कि चिकित्सक के पास जब भी कोई मरीज आता है, वह पूरी निष्ठा और जिम्मेदारी के साथ उसका उपचार कर उसे स्वस्थ करने का प्रयास करता है। कई बार मरीज की स्थिति अत्यंत गंभीर होने या विपरीत परिस्थितियों के कारण डॉक्टर के तमाम प्रयासों के बावजूद उसकी जान नहीं बच पाती। ऐसे दुखद मामलों में बिना पूरी सच्चाई जाने चिकित्सक को सीधे दोषी ठहराना न्यायसंगत नहीं है।उन्होंने कहा कि प्रशासनिक एवं विभागीय स्तर पर कई बार ऐसी स्थिति सामने आती है, जब चिकित्सक का पक्ष सुने बिना या पूरे मामले की वास्तविकता जाने बिना कार्रवाई शुरू कर दी जाती है। यह उचित प्रक्रिया नहीं है। उन्होंने कहा, “जो डॉक्टर हर मरीज का दर्द सुनता है, उसकी समस्या और आवाज भी जिम्मेदार अधिकारियों को सुननी होगी।”डॉ. कविता शर्मा ने स्पष्ट कहा कि जिले में किसी भी चिकित्सक का उत्पीड़न आईएमए बर्दाश्त नहीं करेगी। संगठन अपने सभी सदस्यों के हितों की रक्षा और उनकी समस्याओं के समाधान के लिए पूरी मजबूती से कार्य करेगा। उन्होंने चिकित्सकों से भी एकजुट होकर संगठन के माध्यम से अपनी समस्याएं सामने रखने का आह्वान किया।बैठक में डॉ. सतीश कुमार, डॉ. अरुण यादव, डॉ. विशाल अग्रवाल, डॉ. विनीता अग्रवाल, डॉ. इमरान अली, डॉ. पूनम शर्मा, डॉ. आसमा हसीन, डॉ. रूपक दुबे, डॉ. राहुल दुबे, डॉ. उदयराज सिंह, डॉ. अंकित मिश्रा, डॉ. मंजीत सिंह, डॉ. अहमद खान, डॉ. वैभव पाठक, डॉ. अरविंद गुप्ता, डॉ. बीके गुप्ता, डॉ. पुनीत रस्तोगी, डॉ. सुरभि, डॉ. हरिकिशन, डॉ. केके, डॉ. जेएम वर्मा, डॉ. केएम द्विवेदी, डॉ. अंकित गंगवार, डॉ. खुशबू दुबे, डॉ. शिखर सक्सैना, डॉ. रजत गोयल, डॉ. एसपी सिंह, डॉ. ऋषिकांत जैन, डॉ. अनुराग, डॉ. एसके अग्रवाल, डॉ. प्रशांत श्रीवास्तव, डॉ. प्रतोष अग्रवाल, डॉ. एनके शर्मा, डॉ. नम्रता दास, डॉ. मनीष भल्ला, डॉ. आशा भल्ला सहित कई चिकित्सक मौजूद रहे।
डॉ. कविता बनी आईएमए अध्यक्ष, चिकित्सकों की समस्याओं पर गहनता से मंथन
[adrotate banner="3"]
[adrotate banner="2"]



