डीएम की मेहनत पर डीएसओ ने पानी फेरा, नकली डीजल बनाने में कोटेदार को क्लीनचिट

0
101

फर्रुखाबाद: शहर के बीचोबीच स्थित सुनहरी मस्जिद के निकट केरोसिन से नकली डीजल बनाने की फैक्ट्री पर दिन भर चले छापे के बाद देर शाम पूर्ति विभाग ने आखिर जिलाधिकारी के तमाम प्रयासों पर पानी फेर दिया। सैकड़ों लीटर अपमिश्रित डीजल व केरोसिन बरामद होने के बावजूद कारोबार के मालिक लवी पालीवाल का कोटेदार भाई साफ बच गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार लवी सहित चार के विरुद्व एफआईआर की तहरीर तैयार की गयी है।

[adrotate banner="3"]

विदित है बुधवार को एक मारुति वैन में नकली डीजल व केरोसिन पकड़ा गया था। वैन में मौजूद व्यापारी ब्रहृमाशंकर व उसके ड्राइवर मुकेश की निशानदेही पर अपर जिलाधिकारी ने स्वयं मौके पर पहुंचकर सुनहरी मस्जिद के निकट स्थित चल रहे नकली डीजल के कारखाने पर छापा मारा था। छापे के दौरान कारखाने से 2970 लीटर अपमिश्रित नकली डीजल व 600 लीटर केरोसिन का जखीरा बरामद किया गया था। कोटेदार पुनीत पालीवाल की दुकान के ठीक बगल में स्थित परिसर में उसके भाई लवी पालीवाल द्वारा संचालित इस अवैध कारोबार के मामले में पूर्ति विभाग ने जिन चार अभियुक्तों के विरुद्व एफआईआर की तैयारी की है उनमें कोटेदार पुनीत पालीवाल का उल्लेख नहीं है। पूर्ति विभाग की ओर से तैयार की जा रही तहरीर के अनुसार इस प्रकरण में शाहजहांपुर निवासी ब्रहृमाशंकर गुप्ता, उसका साझीदार लल्ला सिंह व ड्राइवर मुकेश कुमार गुप्ता के अतिरिक्त लवी पालीवाल को आरोपी बनाया गया है।

मजे की बात है कि इस पूरे प्रकरण में दिन भर चली छापेमार कार्यवाही के दौरान पूर्ति विभाग के अधिकारियों ने केरोसिन से डीजल बनाने के इस अवैध कारखाने के संचालक लवी पालीवाल के कोटेदार भाई पुनीत पालीवाल के स्टॉक व वितरण रजिस्टर के सत्यापन की कोई पहल नहीं की। अधिकारियों ने अपनी पूरी ऊर्जा इस अवैध कारखाने की भूमि, उसके स्वामित्व व किरायेदारी की तकनीकी औपचारिकताओं को खोजने में लगा दी, परन्तु इस ओर किसी ने ध्यान देने की जरूरत तक महशूस नहीं की कि आखिर लवी पालीवाल के पास केरोसिन का ऐसा कौन सा कुआं है जहां से वह तेल निकालकर इस नकली डीजल के कारोबार को इतनी सफलतापूर्वक संचालित करता है। अधिकारी बरामद अपमिश्रित नकली डीजल व केरोसिन की सुपुर्दगी को लेकर शाम होने का इंतजार करते रहे। जाहिर है कि अब यदि कल पुनीत पालीवाल के स्टाक व वितरण रजिस्टर का सत्यापन किया भी जाता है तो सब कुछ ठीकठाक ही मिलेगा।

जिला पूर्ति अधिकारी आर एन चतुर्वेदी ने बताया कि कोटेदार को बचाने जैसी कोई बात नहीं है। प्रकरण की पूरी गंभीरता से जांच की जायेगी। दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्सा नहीं जायेगा।

[adrotate banner="2"]