डाटा फीडिग के नाम पर शिक्षकों का न हो उत्पीड़न

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फर्रुखाबाद:(जेएनआई ब्यूरो) बेसिक शिक्षा विभाग में इन दिनों प्रेरणा पोर्टल पर डाटा फीडिंग का कार्य चल रहा है। विभाग के अफसरों का दबाव है कि यह कार्य शिक्षक ही करें। मगर शिक्षकों को यह काम सौंपना नागवार लग रहा है। इस संबंध में राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ ने जोरदारी से विरोध किया| संगठन नें साफ कहा कि यदि शिक्षकों पर डाटा फीडिंग का दबाब डाला गया तो आंदोलन किया गया|
फतेहगढ़ के उर्मिला वाटिका में आयोजित बैठक में संगठन जिलाध्यक्ष संजय तिवारी नें कहा कि डाटा फीडिंग कम्प्यूटर आपरेटर से कराई जाए। शिक्षकों को उनके मूल कार्य शिक्षण के लिए प्रेरित करें। यह भी बताया गया है कि परिषदीय स्कूलों में न तो कम्प्यूटर है न टैबलेट जिससे शिक्षकों के माध्यम से डाटा फीडिंग करना संभव नहीं है। संगठन की ओर से कहा गया है कि यदि शिक्षकों पर डाटा फीडिंग के लिए दबाव दिया गया तो संगठन आदोलन करने को विवश होगा। शिक्षकों का कहना है कि बिना जरूरी संसाधन मुहैया कराए ऐसे काम सौंप दिए जाते हैं जिससे न तो शिक्षण हो पाता है न तो बेवजह थोपा गया काम।
उन्होंने कहा कि इस तरह के तकनीकी कार्य के लिए बीआरसी पर प्रशिक्षित कंप्यूटर आपरेटर तैनात किए गए हैं। न तो कंप्यूटर आपरेटर हैं न ही टैबलेट जैसे आवश्यक उपकरण हैं। अधिकांश शिक्षक डाटा फीडिग जैसे कार्य को कर पाने में दक्ष भी नहीं हैं। ऐसी स्थिति में प्रेरणा पोर्टल पर डाटा फीडिग अपलोड करने में असमर्थ है| जिलाध्यक्ष नें कहा यदि शिक्षकों पर दबाब बनाया गया तो संगठन आंदोलन करनें पर बाध्य होगा| कोषाध्यक्ष जगदीश अवस्थी ने कहा इस सत्र में अधिक से अधिक सदस्य बनायें|
हटाये गये निष्क्रिय व्लाक अध्यक्ष
संगठन नें तय किया कि नवाबगंज, राजेपुर, शमसाबाद व मोहम्मदाबाद के व्लाक अध्यक्ष व कुछ पदाधिकारियों को निष्क्रियता के चलते हटाया गया| दीपक शर्मा, पवन मिश्रा आदि रहे|

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