फर्रुखाबाद:(राजेपुर संवाददाता) बीते कई महीनें गुजर जानें के बाद भी आशा को आत्महत्या करनें के लिए मजबूर करनें वाले स्वास्थ्य विभाग ने बीसीपीएम को बचानें का प्रयास चल रहा है| योगी सरकार में महिलाओं की सुरक्षा दिये जानें का प्रयास चल रहा है लेकिन यहाँ एक आरोपी सरकारी अफसर को बचानें का प्रयास चल रहा है| उसके खिलाफ की गयी शिकायतें फाइलों के नीचे दबकर रह गयीं है| जिससे रोष है|
दरअसल कस्बा निवासी आशा ममता कुशवाह पत्नी धर्मेन्द्र कुशवाह कस्बे के ही सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में तैनात थी| बीते 24 अप्रैल 2021 को उसने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली मृतका के पति धर्मेन्द्र कुशवाह नें आलाधिकारियों से लिखित रूप से की गयी शिकायत में आरोप लगाया था कि बीसीपीएम आशा बहुओं से अबैध बसूली करनें और उन्हें शरीरिक सम्बन्ध के लिए राजी करनें का दबाब बनाता था| जिससे प्रताड़ित होकर ममता नें फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली|
घटना के बाद बीसीपीएम के खिलाफ रिश्वतखोरी की कई आशाओं द्वारा लिखित शिकायत किये जाने पर नवाबगंज तबादला कर दिया गया| लेकिन ममता को आत्महत्या के लिए उकसानें की कार्यवाही बीसीपीएम पर नही की गयी| उसके खिलाफ हुई शिकायतें फाइलों में दबी है| जिससे ममता के परिजनों में रोष है|
ठंडे बस्ते में बीसीपीएम के खिलाफ आशा को आत्महत्या के लिए उकसानें का मामला!
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