टीईटी: मेरिट में नंबर दिलवाने के नाम पर लाखों वसूलने का पर्दाफाश, पांच गिरफ्तार

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50 अभ्यर्थियों से वसूले गए 87 लाख बरामद

शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) में छात्रों को पास कराने और मेरिट में नंबर दिलवाने के नाम पर लाखों रुपये वसूलने वाले गिरोह का पर्दाफाश हुआ। आगरा से लखनऊ जा रहे पांच लोगों को शनिवार को रमाबाई नगर पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। इनके कब्जे से 87 लाख रुपये बरामद हुए हैं। पकड़े गए लोगों के मुताबिक लखनऊ में उन्हें दिबियापुर और बदायूं में तैनात दो शिक्षकों को यह रकम देनी थी।

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एसपी माबाई नगर सुभाष चंद्र दुबे ने शनिवार शाम पत्रकारों को बताया कि आज दोपहर सूचना मिली कि औरैया जिले की ओर से आ रही है। जिसमें एक गिरोह लाखों रुपये लेकर लखनऊ जा रहा है। इस पर पुलिस को सतर्क कर गया। अकबरपुर क्षेत्र में कोतवाल और सीओ सदर गाड़ियों की चेकिंग कर रहे थे। एक कार में नोटों से भरे दो बैग बरामद हुए। एसपी ने बताया कि गाड़ी में बैठे रतन कुमार मिश्रा निवासी छतसारी थाना अलीगंज (एटा), अमरेंद्र कुमार जायसवाल निवासी मठियापार थाना दुधरा (संत कबीर नगर), विनय सिंह सिकरवार निवासी कुबेर गंज थाना हतिमादपुर (आगरा), देशराज परिहार निवासी मुटलई थाना डौकी (आगरा) को हिरासत में लिया गया। साथ ही गाड़ी चालक अशोक मिश्रा निवासी याकूबगंज (एटा) को भी पकड़ा गया। इनके कब्जे से बरामद बैगों में एक हजार और पांच सौ रुपए की गड्डियां भरी थीं। पूछताछ में पता चला कि आगरा और इसके आसपास के जिलों में इन्होंने टीईटी परीक्षा में शामिल 50 लोगों के प्रति अभ्यर्थी से दो से ढाई लाख रुपये लिए थे। कुल 87 लाख रुपयों को लखनऊ में दो लोगों को देना था। ये दो लोग औरैया के दिबियापुर प्राथमिक पाठशाला में शिक्षक मनीष चतुर्वेदी और बदायूं में तैनात शिक्षक माधव सिंह हैं। पकड़ा गया रतन कुमार मिश्रा वृंदावन लॉ कालेज, मथुरा में अस्थाई शिक्षक है। उसके पास से 51 लाख बरामद हुए। अमरेंद्र कुमार जायसवाल ने टीईटी परीक्षा दी थी। विनय सिंह प्राथमिक विद्यालय पाह आगरा में शिक्षक है। देशराज, विनय का चचेरा भाई है। पुलिस अधीक्षक ने भारी मात्रा में रकम बरामद होने के बाद आयकर विभाग के एक दल को बुला लिया।

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