जिस हाल में तू रखे तेरा शुक्र है बाजिब, हम छोड़कर दर तेरा न जाएंगे

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फर्रुखाबाद: लोको रोड स्थित शहाबुद्दीन औलिया की दरगाह पर चल रहे तीन रोज़ा सालाना उर्स का समापन हो गया। चादर पोशी गुलपोशी के दौर में सज्जादा नशीन की सरपरस्ती में शिरकत करने पहुंचे जायरीनों ने दरगाह पर माथा टेककर अमन और भाईचारे के लिए दुआ की।
बुधवार को दरगाह शहाबुद्दीन औलिया के उर्स के समापन पर कब्बाल जावेद हुसैन रामपुरी ने जिस हाल में तू रखे तेरा शुक्र है बाजिब, हम छोड़कर दर तेरा न जाएंगे कही और,कलाम पेशकर सभी का दिल जीतने की भरसककोशिश की| सुबह दरगाह के गुश्ल में बड़ी संख्या में अकीदतमंदों ने शिरकत की तो वही कुल शरीफ फातिहा और दुआ में अकीदतमंदों की भारी भीड़ उमड़ी और दुआ की इस मौके पर चादर पोशी और गुलपोशी का दौर चलता रहा। मंगलवार रात रुदौली शरीफ दरगाह सज्जादा नशीन नय्यर मियां को सुनने को पूरी रात लोग मौजूद रहे। कुल शरीफ और फातिहा से पहले कब्बाल जावेद हुसैन रामपुरी की पॉर्टी ने शहाबुद्दीन औलिया की शान में कई कलाम कलाम पेश किये। दरगाह के नायाब सज्जादा नशीन शाह मोहम्मद वसीम ने कहा कि खानकाहे हमेशा मोहब्बत का पैगाम देती रही है। आपसी भाईचारे को कायम किये हैं। इस मौके पर मौलाना कासिम साबरी, सरबजीत सिंह,आरिफ, आकिब खान, गुरजीत सिंह, रफत हुसैन, मोहसिन आदि रहे।

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