जिले में कहां से आ रही ड्रेगन की डोर ‘चाइनीज मांझा’ ?

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फर्रुखाबाद:(जेएनआई ब्यूरो) जिले में प्रतिबंधित चाइनीज मांझे का कारोबार खुलेआम फल-फूल रहा है! लेकिन पुलिस की कार्रवाई नाकाफी साबित हो रही है, आए दिन किसी न किसी थाना क्षेत्र से चाइनीज मांझा बरामद होने की खबरें सामने आती हैं, मगर हर बार कार्रवाई छोटे-छोटे दुकानदारों या फुटकर विक्रेताओं तक ही सीमित रह जाती है। सबसे बड़ा

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सवाल यह है कि आखिर यह प्रतिबंधित चाइनीज मांझा जिले में आ कहां से रहा है और इसके पीछे काम कर रहे बड़े सप्लायर कौन हैं?
सूत्रों की मानें तो चाइनीज मांझा जिले में बाहर से थोक में मंगाया जाता है। आसपास के जनपदों और महानगरों से इसकी सप्लाई होने की चर्चाएं आम हैं। इसके बावजूद पुलिस न तो सप्लाई चैन तक पहुंच पा रही है और न ही थोक विक्रेताओं पर कोई ठोस कार्रवाई कर रही है। नतीजतन, छोटे दुकानदारों को पकड़कर चालान या मुकदमा दर्ज कर मामले में इति श्री कर ली जाती है। चाइनीज मांझा न सिर्फ अवैध है, बल्कि यह जानलेवा भी साबित हो चुका है। इससे गले कटने, पक्षियों की मौत और कई गंभीर हादसे हो चुके हैं। शासन स्तर पर इस पर पूर्ण प्रतिबंध है। बावजूद इसके जिले में इसकी उपलब्धता पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े करती है। पुलिस केवल फुटकर दुकानदारों पर कार्रवाई करने के बजाय चाइनीज मांझे के स्रोत, थोक सप्लायर और ऑनलाइन बिक्री करने वालों तक पहुंचे। जब तक इस पूरे नेटवर्क को तोड़ा नहीं जाएगा, तब तक चाइनीज मांझा जिले में यूं ही जान का खतरा बना रहेगा।

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