जाम से फिर जूझा शहर, एसपी के फरमान की छाया में डग्गामार कर रहे व्यापार

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FARRUKHABAD : यातायात के नाम पर लाखों, करोड़ों रुपये विभाग पर शासन की तरफ से खर्च कर दिये जाते हैं और बड़े बड़े अक्षरों में शहर में जगह जगह पुलिस कप्तान का फरमान लगाया जाता है। लेकिन फरमान को दरकिनार कर उसी फरमान के साये में सड़क के बीचो बीच गाड़ियां खड़ी कर डग्गामारी करने से चालक बाज नहीं आ रहे हैं। यह भी एक मुख्य कारण है कि शहर में जाम की झाम का। निर्देश प्रति दिन अधिकारियों के कमरे से निकलकर सड़कों पर आते हैं और उन्हें दो दिन बाद गटर में डाल दिया जाता है। सोमवार को एक बार फिर रोज की भांति लाल दरबाजे से लेकर बढ़पुर तक वाहनों की लम्बी लम्बी लाइनें जाम में फस गयी। मुख्य बजह सिर्फ डग्गामार वाहनों की मनमानी।jaam

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शहर में जगह जगह पुलिस अधीक्षक व यातायात प्रभारी का फरमान लोहे पर रेडियम से लिखी प्लेटों पर चस्पा है। कहीं लिखा है कि डग्गामारी न करें तो कहीं लिखा है कि भारी वाहन का प्रवेश वर्जित। लेकिन इन आदेशों को मानता कौन है या यूं कहिए कि खुद साहब के ही नुमाइंदे उनके आदेश का छिक्कल उतार देते हैं।

सोमवार को फिर वही हुआ जो रोज होता है। लाल दरबाजे से लेकर बढ़पुर तक जगह जगह डग्गामार वाहन अपनी अपनी सवारियां भरने के लिए सड़कों पर मैजिक, बस इत्यादि खड़ी कर रहे थे। देखते ही देखते डग्गामार वाहनों ने सड़क को अपने कब्जे में ले लिया और एक के बाद दो, दो के बाद चार दोनो तरफ सैकड़ों की संख्या में टैक्सी, स्कूली बस पुलिस की जीपें फंसी नजर आयीं। मजे की बात तो यह है कि न पुलिस का चीता था और न ही भालू। काफी देर खड़े रहने के बाद कुछ लोगों ने एक मैजिक चालक से कहा कि यह कोई सवारी भरने की जगह नहीं है तो चालक ने बड़े ही बेतुके ढंग से बाइक सवार को जबाब दिया। टैक्स देते हैं पुलिस को अलग से जाता है, मर्जी होगी वहां से भरेंगे।

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बाइक सवार अपना सा मुहं लेकर आगे बढ़ गया। जाम तकरीबन एक किलोमीटर से अधिक की परिधि में लगा था। कई घंटे बाद बमुश्किल बसअड्डे पर लगा जाम खुल सका। वहीं लाल दरबाजे से लेकर बजरिया के बीच किसी भी बड़े वाहन का प्रवेश वर्जित है ऐसा पुलिस अधीक्षक का फरमान लाल दरबाजे पर भी गड़ा है और तिकोना पर भी। लेकिन इसके बावजूद भी मौके पर मौजूद कोतवाली की चीता पुलिस व पिकेट मौका देखकर अधिकारियों के आदेश में पंजा मार ही देते हैं। महज 50 रुपये में सोमवार को एक मौरंग लदा ट्रक शहर में घुसता है।

जाम लगाता हुआ तकरीबन दो घंटे में तिकोना चौकी से बजरिया की तरफ मुड़ता है। ओवरलोडिंग की बजह से ट्रक में खराबी आ जाती है और कई घंटों तक वह उसी स्थिति में खड़ा रहता है और चिल्ला चिल्ला कर पुलिस के आला अधिकारियों की तरफ इशारा कर मजाक बनाता रहता है। वहां भी जाम की स्थिति बनी रही।

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