जलभराव से बिर्राबाग़ के नागरिक नारकीय जीवन जीने को मजबूर

0
152

फर्रुखाबाद:प्रशासन व  नगर पालिका की लापरवाही के कारण शहर क्षेत्र का पूरा ही मोहल्ला बिर्राबाग जलमगन हो गया है| हालात ये है कि नाले के गंदे पानी से हो कर गुजरने से बचने के लिये लोगों ने पड़ोसियों के घरों पर सीढ़ियां लगा रखी है। कई घरों की छतें व आंगन आम रास्ता बन गये हैं। आम हालात में यह किसी भी व्यक्ति के लिये आपत्तिजनक हो सकता है परंतु साझी समस्या के चलते लोगों ने इसे नियति मान कर स्वीकार कर लिया है। तुम हमारे घर से गुजरो, हम तुम्हारे घर से गुजरें। मजे की बात है कि पूरे शहर की गंदगी लेकर आने वाले नाले को मोहल्ला बिर्राबाग में लाकर छोड़ दिया गया है। नाले की गंदगी व पानी के कारण संक्रामक रोगों का भी खतरा लगातार बना रहता है।

[adrotate banner="3"]

लगभग ५०० की आबादी वाले मोहल्ला बिर्राबाग के निवासी नारकीय जीवन जीने को मजबूर है| नगरपालिका की लापरवाही के कारण लालदरवाजा से कादरी गेट हो कर आ रहा नाला मोहल्ला बिर्राबाग़ में आ कर समाप्त हो जाता है जिससे सारे शहर का गंदा पानी मोहल्ले में घरों में घुस रहा है| लोगों के लिये निकलने का रास्ता न होने पर आये दिन छोट छोटे बच्चे पानी में से हो गर गुजरते समय पानी में गिर जाते है|

मोहल्ले के निवासी भानु ने बताया कि कुछ दिन पूर्व राजेन्द्र सिंह की ६ वर्षीय पुत्री प्रेरणा पानी में डूबते डूबते बची थी| कई लोग गिरकर चोटिल हो जाते है| गंदे पानी से हो के गुजरने बचने के लिये परिस्थितियों ने लोगों को सह आस्तित्व की नयी परिभाषा सिखा दी है। लोगा एक दूसरे के घरों से सीडियों के साहरे  व खाली पड़े प्लाटों की बाउंड्री से निकलते है| मोहल्ले में एक हैंडपंप लगा है वो भी आधा पानी में डूबा हुआ है जिससे पानी भी बाहर रोड से भरकर लाना पड़ता है|

जलभराव के कारण गंभीर बीमारियों ने भी पैर पसारने शुरू कर दिए है| मोहल्ले के ही ब्रह्मपाल कुशवाहा ने बताया की एक माह पूर्व उसकी ३ वर्षीय पुत्री मर्रो बुखार के कारण भगवान को प्यारी हो गयी| उसकी ८ माह की पुत्री रेखा व ५ साल की प्रिंसी भी बुखार से पीड़ित है|उनकी त्वचा पर सफेद धब्बे पड़ गये हैं।

[adrotate banner="2"]