छिड़काव के नाम पर मलेरिया विभाग में लाखों का गोलमाल

0
127

फर्रुखाबाद: जनपद की स्वास्थ्य व्यवस्था की स्थिति इस समय दीमक लगे पेड़ की तरह हो गयी है, जिसको उसके ही विभाग के लोग दीमक बनकर चाट रहे हैं। बीते कुछ माह पूर्व एनआरएचएम में फंसे पूर्व सीएमओ के अलावा अन्य कई कर्मचारी इसका जीता जागता सबूत हैं। लाखों का तो क्या करोड़ों रुपये के गोलमाल का खुलासा हुआ। वहीं स्थिति अब पुनः विभागीय लोग कर रहे है। जनपद में इस समय मलेरिया व फाइलेरिया विभाग बगैर किसी काम के चांदी काट रही है और किसी को कानो कान खबर तक नहीं। कागजों में ही मलेरिया व फाइलेरिया से सम्बंधित दवाइयों का छिड़काव महज कागजों में ही किया जा रहा है।

[adrotate banner="3"]

बीते दो माह से हुई मूसलाधार बारिश ने जहां जगह-जगह गंदा पानी इकट्ठा कर दिया। जिससे शहर तो क्या ग्रामीण क्षेत्रों में भी मच्छरों का प्रकोप बढ़ने से मलेरिया के मरीजों की संख्या में तेजी से इजाफा हुआ है। लोहिया अस्पताल से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार अगस्त माह में ही 565 मलेरिया के मरीज आये। वहीं इस माह एक सितम्बर से लेकर 20 सितम्बर तक 830 मलेरिया के मरीज लोहिया पहुंचे। जिसमें 490 पुरुष व 340 महिलायें शामिल हैं। मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय के पास ही चल रहे मलेरिया विभाग में कर्मचारी तो नदारत ही रहते हैं। वहीं मलेरिया के प्रकोप को देखते हुए दवाइयों का छिड़काव सिर्फ कागजों पर ही कराकर कर्मचारी व अधिकारी मिलकर तय रकम का बंदरबांट कर रहे हैं।

मजे की बात यह है कि सम्बंधित अधिकारी मलेरिया व फाइलेरिया नियंत्रित करने के लिए छिड़के जाने वाली दवाई का कागजों में ही बाकायदा छिड़काव किया जा रहा है और शहर में मच्छरों का प्रकोप दिन पर दिन बढ़ता जा रहा है। इस सम्बंध में एएमओ हिलाल अहमद ने बताया कि कुछ समय पूर्व डीडीटी का छिड़काव होता था जो अब शासन के आदेश पर बंद कर दिया गया। अब कुछ छिड़काव से सम्बंधित दवाइयां ग्रामीण क्षेत्रों में प्रधान व एएनएम को उपलब्ध करा दी जाती है। ग्रामीण क्षेत्रों में दवा छिड़कवाने का काम प्रधान व एएनएम का है। लेकिन अगर एएमओ की बात पर सत्यता की मोहर लगाये ंतो जो तथ्य सामने आते हैं कि जनपद के कितने क्या न के बराबर ही गांव हैं जिनमें दवाइयां छिड़की गयीं। यह पूरा खेल स्वास्थ्य विभाग और उनके कर्मचारी मिलकर कर रहे हैं। जिसमें लाखों का बंदरबांट किया जा रहा है।

इस सम्बंध में जब एएमओ हिलाल अहमद से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि फाइलेरिया निरीक्षक आर पी पाण्डेय ने दवाई का छिड़काव फतेहगढ़ में करवाया है। जब इस सम्बंध में आर पी पाण्डेय से पूछा गया तो उन्होंने भोलेपुर के आस पास दो एक मोहल्लों के नाम गिनवा दिये। एएमओ ने बताया कि इस सम्बंध में आर पी पाण्डेय ने रिपोर्ट भी उन्हें दे दी है। फिलहाल मामला कुछ भी हो दवाई छिड़काव के नाम पर मलेरिया व फाइलेरिया विभाग मिलकर लाखों का बंदरबाट कर रहे हैं।

[adrotate banner="2"]