फर्रुखाबाद: चार दिवसीय छठ महापर्व के दूसरे दिन खरना पर व्रती परिजनों सहित कुल देवता का पूजन कर व्रत का संकल्प लिया| सुबह स्नान के बाद व्रतियों ने छठ मईया की पूजा अर्चना की। शाम को चूल्हे में आम की लकडिय़ां जलकार उस पर गुड़ की खीर और पूरी बनायी| छठ व्रत रखने वाली महिलाओं के साथ परिवार के सभी सदस्य भी कुल देवता की विधिवत पूजा अर्चना कर व्रत को सफल बनाने और सुख-समृद्धि की कामना की| इसके बाद प्रसाद ग्रहण किया गया । चंद्रास्त के साथ ही व्रती भगवान सूर्य को हाजिर रखकर 36 घंटे का निराहार व्रत शुरू किया|
पूर्वांचल विकास समिति के उपाध्यक्ष अतुल शर्मा के मोहल्ला सेनापति में छठ पूजा के दूसरे दिन खडना पूजा का आयोजन किया गया| पूरे दिन व्रती बिना जल पिये उपवास रखे रहीं| शाम को सूर्य भगवान और षष्ठी मइया को खीर चढ़ाकर प्रसाद का वितरण किया गया|
व्रती पूनम शर्मा नें बताया कि छठ पूजा के लिए न तो कोई विशेष मुहूर्त है और न ही कोई विशेष मंत्र। यह पूजा सिर्फ नियम की है। परंतु इसके नियम में भी घर और घाट की सफाई प्राथमिकता में रहती है। मुहूर्त के नाम पर सिर्फ छठ वाले दिन शाम को सूर्य के अस्त होने का समय और सप्तमी को सूर्य उदय के समय की जानकारी होना आवश्यक है ताकि व्रती समय से घाट पर पहुंचकर सूर्य नारायण को अघ्र्य दे सकें।
इस दौरान किरण पाण्डेय, रुमा शर्मा, रोली शर्मा, केदार शाह, शमीम अहमद खान, पीके झा, आयुष शर्मा, हरेन्द्र दुबे आदि लोग रहे|
छठ पूजा: खरना के साथ शुरू हुआ 36 घंटे का निराहार व्रत
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