चुनाव आते ही तमंचे भी बरामद होने लगे- और आधा दर्जन दबोचे गए

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Election 2014- Tamanchaफर्रुखाबाद: लोकसभा चुनाव सर पर है आचार सहिता लग चुकी है जिसको देखते हुये जनपद के अबैध हथियार बनाने का कारोबार करने वाले कारीगर बड़े पैमाने पर हथियार बनने का माल जनपद में लेकर पहुच रहे है| चुनाव में तमंचा दो गुने से तीन गुने में विकता है | शहर कोतवाली पुलिस ने बीती रात स्वाट टीम के सहयोग से घटियाघाट पुलिस चौकी के निकट छापा मार कर शस्त्र फैक्ट्री बरामद कर 6 लोगो को गिरफ्तार कर लिया।

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जनपद में बनने बाले तमंचो की माग दुसरे जनपदों में भी बड़े पैमाने पर होती है| जिसके चलते जादातर देहात के इलाकों में तमंचो का कारोबार हो रहा है| कोतवाली पुलिस को जब तमंचा फैक्टरी की सूचना मिली तो सीओ सिटी वाईपी सिंह, सीओ मोहम्दाबाद योगेश कुमार के नेतृत्व में स्वाट प्रभारी यतेन्द्र सिंह यादव घटियाघाट चौकी प्रभारी इन्द्रपाल सिंह व घुमना चौकी प्रभारी सुनील कुमार वर्मा आदि पुलिस कर्मियो ने बीती देर रात घटियाघाट चौराहे के निकट पंचायत घर स्कूल के पास सतीश शर्मा के मकान पर छापा मारा। वहा शस्त्र बनाने वाले आधा दर्जन लोगो को गिरफ्तार कर पुलिस ने काफी संख्या में अधबने 315 बोर के तमंचे व शस्त्र फैक्ट्री के उपकरण बरामद किये।
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गिरफ्तार किये गये लोगो में भगुआ नगला निवासी सतीश शर्मा उनका बेटा विमल पड़ोसी जिला हरदोई थाना वेहटा के ग्राम नगला खानपुर निवासी राजकुमार ठाकुर पुत्र बाबू सिंह इसी जिले के थाना लोनार के ग्राम ठेहापुर निवासी केदारनाथ के पुत्र सुनील कुमार शर्मा, ब्रजेश शर्मा, एवं विजय कुमार शर्मा शामिल है। पुलिस अभी आरोपियों से और पूछताछ कर रही है|

पडोसी जनपद हरदोई के शहावाद से आता है जनपद में अबैध हथियार बनने का माल

जनपद अगर तमंचे वनाने के काम में आगे है तो वही पडोसी जनपद हरदोई कच्चा माल सप्लाई करने में, यहाँ अबैध हथियार बनाने बाले कारीगरो के कम दाम में अच्छा माल मिल जाता है और कारीगर को कई गुने का फायदा होता है| हरदोई का कस्वा शहावाद कच्चा माल बेचने में सवसे आगे है| पकडे गये कारीगर राजकुमार सिंह ने बताया की शहावाद से लाये गये माल से वने तमंचा अच्छे अच्छे असलहो को मात दे देते है|

तीन गुने कीमत में बिकता है चुनावी तमंचा

चुनाव में तमंचो का क्या काम होता है यह बात राजनीति करने बालो को अच्छी तरह पता होती है इस वजह से इनकी खरीद फरोक्त भी चुनाव के कई महीने पहले से शुरु हो जाती है कारीगर ने बताया की एक तमंचा तकरीवन 500 रूपए में व चार दिन में बन कर तैयार हो जाता है ,जिसे चुनावी समय में ३००० से ४००० हजार में बड़े आराम से बेच देते है कभी कभी तो पहले से ही तमंचे बनने की बुकिग हो जाती है, और तय समय पर उन्हें हथियार उपलव्ध करना होता है |

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