चुनावी रंजिश में शहर की फिजा खराब करना बलात्‍कार से भी बड़ा जुर्म

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फर्रुखाबाद: शहर के मोहल्‍ला छावनी में एक मासूम बच्‍ची के साथ एक पड़ोसी युवक द्वारा बलात्‍कार के मामले में विगत दो दिनों से चल रहे बवाल के संदर्भ में स्‍थानीय सभासद अकबरी बेगम के पुत्र मुफीद अंसारी ने कहा कि बलात्‍कारी का कोई धर्म नहीं होता, वह यदि दोषी है तो उसके विरुद्ध कड़ी से कड़ी कार्रवाई होनी चाहिये। परंतु मात्र चुनावी रंजिश में शहर की गंगा जमुनी फिजा को खराब करना बलात्‍कार से भी अधिक घिनौनी हरकत है।

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श्री अंसारी ने कहा कि इस पूरे प्रकरण को हवा देने में सफाई कर्मचारियों के स्‍वयंभू नेता हरिओम बाल्‍मिीकि का हाथ है। हिरओम की माताजी गंगा देवी मेरी मां अकबरी बेगम से 7 वोटों से चुनाव हार गयीं थी। इसी खुंदक में वह अल्‍पसंख्‍यकों के विरुद्ध शहर की फिजा खराब करने के लिये प्रकरण को सांम्प्रदायिक रंग देने की कोशिश कर रहे हैं। उन्‍होंने कहा कि यद्यपि घटना के विषय में कई संदेहजनक बाते हैं, परंतु इसके बावजूद अभी तक किसी भी व्‍यक्‍ति ने आरोपी से किसी प्रकार की सहानुभूति प्रकट नहीं की है। मेरा मानना है कि बलात्‍कारी हो या कोई भी अपराधी, उसका कोई धर्म नहीं होता, वह केवल अपराधी होता है। परंतु किसी अपराध की आड़ में राजनैतिक रोटियां सेंकना या शहर की फिजा खराब करना उससे भी कहीं अधिक घिनौना कृत्‍य है। उन्‍होंने कहा कि इस संबंध में पुलिस अधीक्षक को भी अवगत करा दिया गया है।

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