फर्रुखाबाद:(जेएनआई ब्यूरो) औद्योगिक दुर्घटनाओं से निपटने की तैयारियों को परखने के लिए मंगलवार को गैसिंगपुर स्थित इंडेन बॉटलिंग प्लांट में एनडीआरएफ और जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की ओर से संयुक्त मॉक ड्रिल आयोजित की गई। इसमें गैस रिसाव के कारण आग लगने की काल्पनिक स्थिति बनाकर राहत एवं बचाव कार्यों का अभ्यास किया गया। इस दौरान विभिन्न विभागों के बीच समन्वय, अग्निशमन व्यवस्था, चिकित्सा सहायता और यातायात प्रबंधन की तैयारियों को परखा गया। 8वीं वाहिनी एनडीआरएफ, गाजियाबाद और जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के संयुक्त तत्वावधान में 12 और 13 अक्टूबर को यह अभ्यास कराया गया। सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार, फतेहगढ़ में आयोजित बैठक में औद्योगिक दुर्घटना के दौरान विभागों की जिम्मेदारियों, आपातकालीन प्रतिक्रिया और राहत-बचाव कार्यों की रूपरेखा तैयार की गई थी। इसके बाद मंगलवार को प्लांट परिसर में सुबह 11 बजे मॉक ड्रिल शुरू हुई।अभ्यास के दौरान गैस रिसाव से आग लगने की स्थिति मानकर संबंधित विभागों की त्वरित कार्रवाई का अभ्यास किया गया। इसमें अग्निशमन दल की भूमिका, घायलों को चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने, यातायात व्यवस्था संभालने और उपलब्ध संसाधनों के प्रभावी उपयोग पर ध्यान दिया गया। अधिकारियों का उद्देश्य वास्तविक दुर्घटना के दौरान राहत एवं बचाव कार्यों को तेजी से संचालित करना और जन-धन की हानि को कम करना रहा।मॉक ड्रिल में 8वीं वाहिनी एनडीआरएफ के डिप्टी कमांडेंट डॉ. कुबेर शर्मा, निरीक्षक भीम सिंह, उप जिलाधिकारी सदर, सहायक परिवहन अधिकारी, सहायक मुख्य चिकित्सा अधिकारी, मुख्य अग्निशमन अधिकारी, प्लांट के मुख्य संयंत्र प्रबंधक तथा जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के आपदा विशेषज्ञ सहित संबंधित विभागों के अधिकारी शामिल रहे। अधिकारियों के अनुसार, ऐसे अभ्यास से आपातकालीन परिस्थितियों में विभागों के बीच तालमेल बेहतर करने और राहत-बचाव व्यवस्था को मजबूत बनाने में मदद मिलती है।
गैसिंगपुर इंडेन प्लांट में गैस रिसाव से आग लगने पर मॉक ड्रिल, परखी गईं तैयारियां
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