फर्रुखाबाद: सरकार गंगा जल में आचमन कर गयी और उसमे गिरने वाले नाले भी बंद ना कराये जा सके| जो चर्चा का विषय बना है| कानाफूसी हुई कम से कम गंगा यात्रा आने पर तो नाले आस्थाई रूप से बंद कराने थे| लेकिन जिला प्रशासन नें उस ओर कोई ध्यान नही दिया|
दरअसल गंगा यात्रा को सरकार सरकार का लम्बा चौड़ा बजट खर्च किया गया है| जिले से लेकर प्रदेश स्तर पर गंगा को साफ़ रखने की कबायद चल रही है| लेकिन जिला स्तर पर सरकार का कोई भी खौफ नही दिखा| दिखे भी क्यों ना जब साहब अपने को सरकार का करीबी कह रहे है तो कोई कर भी क्या लेगा|
माघ मेला लगे काफी समय हो गया| जिला प्रशासन मौन है| अधिकारी नये हो सकते है लेकिन जिले का मीडिया तो वर्षों से यही सब देख रहा है| पिछली सपा सरकार में माघ मेला रामनगरिया जब लगा तो जिले के एक बड़े नेता जी गंगा में नाला गिरने का विरोध करते हुए धरने पर बैठ गये| जिसके बाद जिला प्रशासन नें नाले को बंद कराया था| गंगा जी ने उन्हें अब माननीय बना दिया लेकिन अब गंगा के नाले नही दिख रहे| जब बुधवार को गंगा यात्रा आयी तो भी नाले गंगा में गिर रहे थे और गंगा यात्रा गुरुवार को चली भी गयी तो भी गंदे नाले गंगा के पवित्र जल को विषैला करते रहे|
मंत्री जी से बात की तो बताया कि सरकार गंगा मे नाले बंद करने की योजना पर कार्य कर रही है| और इतना कहकर कन्नी काट गये|
गंगा में गिरते रहे नाले सरकार कर गयी आचमन
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