फर्रुखाबाद: बाराह वफात के जुलूस में जहां एक ओर तकरीरों और नात ख्वानी के बीच लोग अकीदत के समंदर में डुबकिया लगा रहे थे, वही दूसरी तरफ हलुआ-पराठा ओर कवाब-पूरी की दुकानों पर भी मेला सालगा रहा।
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बारह वफात का जुलूस यूं तो रसूले करीम के शैदाइयों के लिये खुशी का मौका होता है। इसमें बच्चे बूढ़े सभी शिरकत करते हैं। श्रृद्धा के अनुरूप जहां एक ओर बजुर्गों के लिये जुलूस की गाड़ियों के आसपास नारा-ए-तकबीर पर अल्लाह-ओ-अकबर की सदायें बुलंद करना या जलसे के दौरान तकरीरों और नातों पर दाद में वाह-वाह करना बेहतरीन शुग्ल रहता है वहीं किशोरों व नौजवानों के लिये मेले में दोस्तों के साथ घूमना या फिर मेले में चटपटे कवाब-पूरी और लजीज हलुआ-पराठा का लुत्फ लेना सबसे अजीज होता है। इस बार भी मेले में आये दुकानदारों ने जमकर बिक्री की।
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