खरबूजा की फसल पर बरसात बन रही मुसीबत

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फर्रुखाबाद:(मोहम्मदाबाद संवाददाता) बेमौसम हुई बारिश खेतों में खड़ी मक्का आदि के लिए अच्छी है, लेकिन पलेज की खेती करने वाले किसानों के अरमानों पर पानी फिरता नजर आ रहा है। किसानों का कहना है कि तरबूज और खरबूजा की मिठास कम हो जाएगी तो फसल को कीड़े लगने की भी संभावना बड़ गई है।
रामगंगा, गंगा नदी आदि के किनारे पलेज की खेती करने वाले किसानों की फसल में लगभग तैयार होनें को है और बीते दिनों हुई बारिश नें उनकी चिंता को बढ़ा दिया है| पलेज किसान आसमान की तरफ मुंह करके देख रहा है| उसे चिंता सता रही है की यदि मौसम दोबारा बिगड़ा तो उसका बजट बिगड़ जायेगा| यदि मौसम अनुकूल नही हुआ तो पलेज की खेती करने वाले किसानों के अरमानों पर पानी फिरता सकता है। मोहम्मदाबाद के ग्राम खिमसेपुर निवासी पलेज किसान बृजेश नें बताया कि उन्होंने 6 बीघा में खरबूजा किया है| यदि दोबारा पानी बरसा तो तरबूज और खरबूजा की मिठास कम हो जाएगी तो फसल को कीड़े लगने की भी संभावना बड़ गई है। ग्राम नदसा निवासी किसान रामनरायण नें बताया कि उन्होंने 7 बीघा में खरबूजा किया है| खरबूजा की खेती में वर्षा का पानी काफी नुकसान होने की संभावना है| बरसात से खरबूजा की बेल पेड़ बढने में रुकावट हुई है| अगिया जैसा रोग उत्पन्न होने की संभावना है| बरसात से खरबूज का फल लगने में काफी हानि हुई है| खरबूजा की बेल में फूल आ रहा है और गिर रहा है| रामनारायण ने बताया क 7 बीघा खरबूजे की फसल में 10,000 से लेकर 12000 रुपए लागत लगी हुई है| अगर इसी तरीके से बरसात होती रही तो 10 पैसे भी नहीं वसूल हो सकेंगे | वहीं खरबूजे का बीज और दवा बहुत ही महंगी है|

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