कोरोना काल में खाने-पीने का रखें ध्यान, रखे यह साबधानियाँ

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नई दिल्ली: दुनिया में कोरोना संकट को लेकर चिंता बढ़ती जा रही है। कई देशों में लॉकडाउन के दौरान लोग घरों में रहकर के इस संकट से निपट रहे हैं। हमें कोरोना संकट के साथ जीवन जीना है और रोजमर्रा के काम भी निपटाने हैं तो हमें सावधान रहना होगा। खान पान में अतिरिक्त सावधानी बरतनी होगी। कई ऐसी छोटी-छोटी सावधानियां हैं जो हमें कोरोना के संक्रमण से बचा सकती हैं।
विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने खान-पान को लेकर के दिशानिर्देश जारी किए हैं। इन निर्देशों को अपनाकर हम न सिर्फ कोरोना काल में बल्कि उसके बाद भी अन्य बीमारियों को घर के बाहर ही रोक सकते हैं।
पके भोजन को कच्चे भोजन से दूरी : हमें पॉल्ट्री उत्पादों के साथ ही कच्चे मांस और सीफूड को खाने-पीने की दूसरी चीजों से अलग रखना चाहिए। साथ ही कच्चे भोजन को काटने आदि के लिए अलग बर्तनों, चाकू का प्रयोग करना चाहिए। यह सुनिश्चित करें कि आपके द्वारा तैयार भोजन किसी भी तरह से कच्चे भोजन के संपर्क में न आ पाए।
इसलिए है जरूरी: कच्चे भोजन विशेषकर मांस, पॉल्ट्री उत्पादों और सीफूड में आपको नुकसान पहुंचाने वाले सूक्ष्मजीव हो सकते हैं। इनका असर आपके स्वास्थ्य पर पड़ सकता है।रसोई को रखें स्वच्छ : डब्ल्यूएचओ की ओर से जारी निर्देशों के मुताबिक, आपको खाना बनाने से पहले और बनाने के दौरान अपने हाथों को धोते रहना चाहिए। साथ ही टॉयलेट जाने के बाद हाथों को अच्छी तरह से साफ करना चाहिए। सब्जियों को साफ पानी से अच्छे से धोएं। आप जिस स्थान पर खाना बना रहे हैं उस स्थान के साथ चूल्हे और बर्तनों को अच्छी तरह से धोएं और सैनिटाइज करें। अतिरिक्त सावधानी बरतते हुए रसोई को कीड़े मकौड़ों और दूसरे जानवरों की पहुंच से दूर रखना चाहिए।
ये है कारण: सूक्ष्मजीवों हमारे कपड़ों, बर्तनों आदि पर मौजूद रहते हैं। यदि इनका संपर्क खान-पान की चीजों से होता है तो इससे कई तरह की बीमारियां होने का खतरा रहता है।
अच्छी तरह पकाएं खाना : खाने को अच्छी तरह से पकाया जाना चाहिए। सूप या स्टू को पकाते समय तापमान 70 डिग्री सेल्सियस तक जरूर जाना चाहिए। वहीं मांस, पॉल्ट्री उत्पाद और सीफूड को भी अच्छी तरह से पकाएं। पका भोजन खाने से पहले उसे अच्छी तरह से गर्म करें।
इसलिए है जरूरी: खाने को अच्छी तरह से पकाना सूक्ष्मजीवों को नष्ट करने के लिए जरूरी होता है। यदि आप 70 डिग्री तापमान पर खाना पकाना सुनिश्चित करते हैं तो यह खाने लायक हो जाता है। कई रिसर्च में यह बात साफ हो चुकी है।
सुरक्षित तापमान के जरिए मिलेगी सुरक्षा : यदि खाना पक चुका है तो उसे कमरे के तापमान में दो घंटे से ज्यादा वक्त के लिए न रखें। तैयार खाने और जल्द खराब होने वाले भोजन को पांच डिग्री सेल्सियस से कम के तापमान पर फ्रिज में रखना चाहिए। खाना परोसने से पहले उसे एक बार फिर 60 डिग्री सेल्सियस से ज्यादा तापमान पर गर्म करना चाहिए। साथ ही फ्रिज में ज्यादा वक्त के लिए खाना स्टोर करना भी ठीक नहीं है। जमी हुई चीजों को पिघलने के लिए कमरे में न रखें।
इसलिए है जरूरी: यदि आप पके हुए खाने को कमरे के तापमान में रख देते हैं तो सूक्ष्मजीवों के इनमें तेजी से विकसित होने की आशंका हमेशा बनी रहती है। पांच डिग्री से कम और 60 डिग्री से अधिक के तापमान से ज्यादा पर गर्म करने से सूक्ष्मजीवों का विकास रुक जाता है या फिर वे सुस्त पड़ जाते हैं। हालांकि कई बार खतरनाक सूक्ष्मजीव पांच डिग्री से कम तापमान में भी विकसित हो सकते हैं।
स्वच्छ भोजन और साफ पानी ही पीएं : आपको यह सुनिश्चित करना चाहिए कि आप जो पानी पी रहे हैं वो साफ हो। भोजन में ताजा और पौष्टिक सामग्री लें और ऐसा भोजन चुनें जिसकी प्रोसेसिंग सुरक्षित हो जैसे पाश्च्युराइज्ड दूध। साथ ही फल और सब्जियों को कच्चा खाने से पहले आवश्यक रूप से धो लें।
इसलिए है जरूरी: सूक्ष्मजीव बर्फ और पानी में हो सकते हैं, जो शरीर को नुकसान पहुंचा सकते हैं। साथ ही, खराब और बासी खाने में जहरीले रसायन पैदा हो सकते हैं। इसलिए भोजन को पकाने से पहले इन्हें धोने, अच्छी तरह से साफ करने से खतरों से बचा जा सकता है।

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