कोयला घोटाला ,केजरीवाल और मीडिया

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ताबड़तोड़ घोटालो के खुलासे के फेहरिस्त से सुर्खियो में छा जाने वाले अरविन्द केजरीवाल और उनकी टीम के मुह से देश में हुए चर्चित देश के कोल ब्लाक आवंटन में एक लाख छियासी हजार करोड़ का सरकारी घाटे पर कुछ नहीं बोले| जिस कोल ब्लाक आवंटन घोटाले में चर्चित जिंदल ग्रुप को सबसे बड़ा फायदा हुआ, उस पर टीम केजरीवाल के मुह से कुछ क्यूँ नहीं निकलता| बाद मुद्दे की इसलिए है क्यूंकि मीडिया फेम अरविन्द भी जानते हैं कि कुछ लाख का ही सही विकलांगो के साथ धोखे में विकलांगता बेहद ही संवेदनशील मुद्दा है| तो अब राजनीती में उतरे अरविन्द उन घोटालो पर ही अपनी धार प्रमुखता से पैनी करते हैं जिसमे मीडिया के विज्युअल अच्छे बनते है और मीडिया देर तक एंगल बदल बदल कर दिखा सकता है|

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अरविन्द का कोयला घोटाले पर न बोलना और जी न्यूज़ ग्रुप द्वारा अरविन्द केजरीवाल को महत्व न देना दोनों के बीच जिंदल और उनके रिश्तेदारों के बीच गहरा सम्बन्ध है| अरविन्द केजरीवाल की संस्था को कोयला घोटाले के आरोपों से घिरे नवीन जिंदल के उद्योगपति रिश्तेदार सीताराम जिंदल की संस्‍था द्वारा चंदा मिलना और बदले में उनका कोयला घोटाले को प्रमुखता न देना महज इतेफ्फाक नहीं हो सकता| मगर सवाल इसी बात को लेकर उठा है कि कितने पाक और कितने साफ़| बाद शुचिता की राजनीती की है| अन्ना हजारे से मुकाबले का है| साफ़ छवि का है| मैं ये नहीं कहता कि अरविन्द केजरीवाल भ्रष्ट है मगर चंदे के कारण मुह बंद कर लेना उनकी भ्रष्टाचार की मुहीम में रोड़ा जरुर बन सकता है| इसके दो ताजा उदहारण भी दीखते है| जी न्यूज़ जिसने कोयला घोटाले के खुलासे की बुनियाद रखी उसे केजरीवाल ने प्रमुखता नहीं दी तो फिर जी न्यूज़ ने केजरीवाल को हाशिये पर डाल दिया| मगर सवाल लाख टके का ये है कि अरविन्द केजरीवाल कोयला घोटाले पर महज चंदा मिलने के कारण तो मुह बंद नहीं कर रखा है?

फर्रुखाबाद में जब अरविन्द केजरीवाल कांग्रेस सरकार की केबिनेट के पंचरत्न में से एक विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद के घर में घुस कर उन्हें ललकार रहे थे लगभग सारी मीडिया उन्हें लाइव दिखा रही थी, जी न्यूज़ मिलावटी खोया (मावा) की खबर चला रहा था| बात चैनेल के दिखाने की नहीं है कि वो क्या दिखाए ये उनका फैसला है| मगर जब घटनाये एक साथ घट रही हो तो रिश्ते तो बना ही लेती है| ऐसा केवल फर्रुखाबाद में ही नहीं हुआ कल रोहतक में भी अरविन्द केजरीवाल के साथ ऐसा ही हुआ| अरविन्द केजरीवाल की फर्रुखाबाद सभा में कवरेज को पहुची भीड़ में देश के टॉप न्यूज़ चैनेल आज तक, आई बी एन, इंडिया टीवी, एन डी टीवी, इंडिया न्यूज़, एवीपी न्यूज़, ई टीवी सभी अरविन्द और उनकी सभा को लाइव कवरेज दे रहे थे मगर जी न्यूज़ की ओ वी वेन नहीं दिखाई दी| तो वहीँ दूसरी और मंच पर केजरीवाल ने राबर्ट वाड्रा, नितिन गडकरी, रिलायंस के मुकेश अम्बानी से लेकर कई बड़े बड़ो को कटघरे में खड़ा कर दिया मगर कोयला घोटाले और उसके सबसे बड़े फायदे लेने वाले नवीन जिंदल की चर्चा न करना अरविन्द और उनकी संस्था की सुचिता पर सवाल तो खड़ा ही करती है|

अरविंद केजरीवाल का नया खुलासा हो और कोई चैनल उसे महत्व ही न दे तो फिर आसानी से समझ में आ सकता है कि मामला गड़बड़ है। बुधवार को केजरीवाल ने दिल्ली के कांस्टीट्यूशनल क्लब में प्रेस कांफ्रेंस की। जिसमें रिलांयस को लेकर बड़ा खुलासा किया गया। देश के सभी चैनल्स ने इस कांफ्रेंस की लाइव कवरेज की लेकिन जी न्यूज में उस समय कहीं उसका जिक्र तक नहीं था। वह उस समय चक्रवात की खबर दिखा रहा था। ऐसे में जी न्यूज पर सवाल उठना लाजिमी है। यह चैनल नवीन जिंदल से 100 करोड़ रुपए मांगने की खबरों के चलते पहले से ही सवालों में है। तभी तो जिस चैनल ने लाइव कवरेज नहीं दिखाई वह चैनल तब उस समय लाइव कवरेज दिखाने लगा जब कांफ्रेंस में हंगामा हो गया। चैनल ने टिक्कर में भी सिर्फ यह दिखाया गया कि केजरीवाल ने वाजयेपी के दामाद और राडिया की एक टेप जारी की है। हालांकि एक और प्रमुख न्यूज चैनल न्यूज24 ने केजरीवाल को महत्व नहीं दिया लेकिन वह चैनल केंद्रीय मंत्री राजीव शुक्ला का है। यह बात तो समझ में आती है जो व्यक्ति केंद्र सरकार में मंत्री हो, उसका चैनल उसी की सरकार के खिलाफ होने वाली प्रेस कांफ्रेंस नहीं दिखाएगा लेकिन जी न्यूज की ऐसी क्या मजबूरी रही? इंडिया अंगेस्ट क्रप्शन की ओर से एक दिन पहले ही घोषणा कर दी गई थी कि 31 अक्टूबर की शाम को एक और खुलासा होगा। ऐसे में सभी न्यूज चैनल वाले समय से पहले ही अपनी ओवी वैन लेकर पहुंच गए थे। निर्धारित समय 4 बजे अरविंद केजरीवाल की कांफ्रेंस भी शुरू हो गई और सभी चैनल्स ने लाइव कवरेज शुरू कर दी। सभी चैनल्स सिलसिलेवार आरोपों को दिखा रहे थे। लेकिन जी न्यूज चैनल तो भारत में नीलम नामक प्राकृतिक आपदा खबर ही दिखाता रहा। आधे घंटे बाद जी न्यूज ने ब्रेकिंग न्यूज के तौर पर सिर्फ यह खबर दिखानी शुरू की कि आईएसी ने आडियो टेप जारी किया और उसमें अटल बिहारी वाजपेयी के दामाद रंजन भट्टाचार्य और नीरा राडिया का नाम आया है। अरविंद केजरीवाल की प्रेस कांफ्रेंस में जब पौने पांच बजे हंगामा हुआ तब एकाएक जी न्यूज ने उसकी लाइव कवरेज शुरू कर दी कि केजरीवाल से सवाल पूछने पर हंगामा। यानी रिलायंस के बारे में खुलासे की कवरेज नहीं की और हंगामे की तुरंत कर दी। वहीँ आज फर्रुखाबाद में अरविन्द केजरीवाल की पहली राजनैतिक रैली के समय मिलावटी खोया की खबर दिखाना| ये सब कहीं न कहीं कोयला घोटाला, जी-ग्रुप, नवीन जिंदल और अरविन्द केजरीवाल के बीच तिकड़मी संबंधो की और इशारा करता है|

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