काश कि यूपी में बच्चे भी वोटर होते- सत्र के अंत में ही सही बच्चे ड्रेस पाकर खुश हुए

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Rekha Rani Yadavफर्रुखाबाद: इसे विकास का तमाशा कहे या बेचारगी कि पूरा सत्र बीत जाने के बाद ही सरकार स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चो को ड्रेस मुहैया करा पाती है| पूरा एक सत्र बीत जाने के बाद बच्चो को मिली ड्रेस तो चेहरे पर ख़ुशी तो दिखी मगर जो बच्चे मुफ्त ड्रेस पाने के आखिरी साल में है उनके लिए ये ड्रेस किसी गरीबी रेखा में मिलने वाले मुफ्त कपड़ो से ज्यादा कुछ नहीं होगी क्योंकि अलगे वर्ष यानि कक्षा 9 में उनका स्कूल भी बदल जायेगा और ड्रेस भी|

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नवाबगंज के सरकारी सहायता प्राप्त स्कूल यशोदा देवी बालिका इंटर कॉलेज हरदुआ में प्रधानाचार्य ने बालिकाओ को मुफ्त ड्रेस का वितरण किया| कक्षा 6 से 8 तक की 196 बालिकाओ को ड्रेस मुहैया करायी गयी| इस मौके पर पूर्व प्रवक्ता ए के सिंह, एबीआरसी इरमान शेर और खंड शिक्षा अधिकारी संजय पटेल भी मौजूद रहे| बच्चियों ने बताया कि उन्हें ड्रेस मिलने से ख़ुशी तो है मगर अगर ये सत्र के शुरू में ही मिल जाती तो मजा और ही कुछ होता| अब उत्तर प्रदेश की सरकार में ये बच्चे अगर वोटर होते तो शायद ये उम्मीद भी की जा सकती थी|
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