कमालगंज थानेदार के छुट्टी पर जाने का लूट से रिश्ता??? या संयोग

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कमालगंज(फर्रुखाबाद): तेज-तर्रात थानाध्यक्ष सुनील तिवारी का लंबा कार्यकाल उनकी स्थानीय लोक प्रियता का पैमाना ही कहा जायेगा। हाल में बढी आपराधिक वारादातों की यदि प्रदेश स्तर पर बिगड़ती कानून व्यवस्था की स्थिति से तुलना करें तो स्थिति ज्यादा खराब भी नहीं हैं। क्षेत्रीय अपराधियों में उनकी हनक कहें या कुछ और, क्षेत्र में बड़ी वारदात अक्सर श्री तिवारी के अवकाश पर होने के दिन ही होती है। अब आप इसे संयोग भी कह सकते हैं कि पिछली बार जब जरारी के सर्राफ के साथ लूट की घटना हुई थी तब भी श्री तिवारी अवकाश पर थे।

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लगभग डेढ वर्ष से भी अधिक से थाना कमालगंज में तैनात थानध्यक्ष सुनील तिवारी अपनी कार्य प्रणाली के चर्चित रहे हैं। वैसे तो कानून व्यवस्था की स्थिति पूरे प्रदेश में खराब है, परंतु कमालगंज क्षेत्र में अपराधियों के हौसले काफी बुलंद हैं। कमालगंज थाना क्षेत्र की घटनाओं की समीक्षा के दौरान एक बात तो साफ तौर पर नजर आती है कि क्षेत्र की अपराधिक घटनाओं का थानाध्यक्ष सुनील तिवारी के अवकाश पर जाने से संयोगवश सीधा रिश्ता है। अब इसे श्री तिवारी का अपराधियों में दबदबा कहें, कि उनके चार्ज पर रहते अपराधी वारदात करने की हिम्म्त नहीं करते, या कुछ और। उदाहरण के लिये विगत 18 सिंतंबर को जरारी के एक सर्राफ के साथ पेरी नवाद मोड़ के पास दो पल्सर मोटर साइकिलों पर सवार चार युवकों ने लूट लिया। एसओजी ने बाद में घटना का खुलासा कर आधा-अधूरा माल भी बरामद कर लिया। विगत 20 मार्च को जरारी के पास सरेशाम लुटेरों ने एक मेजिक पर लदे टायर लूट लिये व चालक को पेड़ से बांध कर फरार हो गये। आज तक घटना का खुलास नहीं हुआ। कुछ दिन पूर्व एक पत्रकार से मोटर साइकिल लूट ली गयी। इन सभी घटनाओं में कम से एक समानता है-घटना के दिन थानाध्यक्ष सुनील तिवारी अवकाश पर थे। है न दुर्लभ संयोग। इस लिये कहना ही पड़ेगा कि एसपी साहब! अगली बार जब श्री तिवारी का अवकाश प्रार्थनापत्र आये तो जीडी रोकने का इशारा जरूर कर दीजियेगा।

 

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