एलआईसी एजेंट की डिग्गी से टप्पेबाज ने 90 हजार उड़ाये, भीड़ ने दौड़ाकर पकड़ा

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फर्रुखाबाद: थाना मऊदरवाजा क्षेत्र के नगला गुलार बरौन निवासी एलआईसी एजेंट अनिल पुत्र दयाशंकर से टप्पेबाज ने बूरावाली गली के बाहर शहर कोतवाली से चंद कदमों की दूरी पर बाइक की डिग्गी में रखे 90 हजार रुपये उड़ा दिये। मौके पर मौजूद लोगों टप्पेबाज को दौड़ाकर पकड़ लिया व पुलिस के हवाले कर दिया।

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जानकारी के मुताबिक अनिल एलआईसी एजेंट का काम करता है। जिसने गुरुवार को दोपहर बाद पंजाब नेशनल बैंक रेलवे रोड शाखा से एक लाख 20 हजार रुपये निकाले और शहर की कुछ दुकानों पर लेनदेन करने के पास उसके पास 90 हजार रुपये रह गये थे। जिसको उसने अपनी बाइक की डिग्गी में रख लिये। तभी अनिल बूरा वाली गली के निकट छोले भटूरे की दुकान पर भटूरा खाने लगा। मौका देखकर पहले से ही घात लगाये बैठे टप्पेबाज बागेश पुत्र दिलीप निवासी शहाबुद्दीनपुरवा हरदोई ने बाइक संख्या यूपी 76ई 8533 की डिग्गी से रुपये निकाल लिये और भागने लगा। मौके पर मौजूद रामू बाथम निवासी तलैया मोहल्ला ने अन्य युवकों की मदद से उसे दौड़ाकर पकड़ लिया और उसके पास से रुपये बरामद कर लिये। टप्पेबाजों को पकड़कर भीड़ ने शहर कोतवाली पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस ने अनिल की तहरीर पर आरोपी बागेश के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत कर लिया।

टप्पेबाज ने निकाले 90 हजार और पुलिस ने लिखवाये 5 हजार
मौके पर मौजूद सूत्रों के अनुसार अनिल की बाइक से टप्पेबाज ने जो रुपये निकाले थे उनकी संख्या 90 हजार थी। लेकिन पुलिस ने मामले को दबाते हुए पांच हजार रुपये तहरीर में लिखवा कर मुकदमा पंजीकृत कर लिया। पूछे जाने पर पीड़ित अनिल ने दबी जुबान से बताया कि अदालत में पेश करने के लिए 90 हजार रुपये न फंसे इसलिए पुलिस की बात मानकर पांच हजार रुपये ही दिखा दिये।

बहन की शादी के लिए किया था चोरी का प्रयास
एलआईसी एजेंट की बाइक की डिग्गी से 90 हजार रुपये उड़ाकर भाग रहे चोर को लोगों ने पुलिस के हवाले किया तो पुलिस ने तत्काल उसे हवालात में डाल दिया। आरोपी बागेश ने बताया कि वह दिल्ली में मजदूरी करता है। पिता दिलीप कोई काम काज नहीं करते हैं। मैं सिर्फ कक्षा आठ तक ही पढ़ा हूं इसलिए अच्छी नौकरी नहीं मिल पाई तो दिल्ली में मजदूरी करने चला गया। घर में एक जवान बहन है। जिसकी शादी करने के लिए रुपयों की जरूरत है। आज सुबह ही मैं दिल्ली से कालिंदी द्वारा फर्रुखाबाद उतरा। दिमाग में रुपये घर ले जाने की बात गूंज रही थी। इस पर मैंने बहन की शादी के लिए बाइक की डिग्गी से रुपये चुराने का प्रयास किया।

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