एनआरएचएम में लैकफेड, पैक्स्फेड, सीएंडडीएस ने किया घोटाला, नहीं मिलेगा पैसा

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लखनऊ : उत्तर प्रदेश में राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन (एनआरएचएम) के अंतर्गत हाल-फ़िलहाल कोई भी निर्माण कार्य नहीं होंगे। सिर्फ इतना ही नहीं अगले वित्तीय वर्ष में भी निर्माण कार्य के लिए एक भी पैसा जारी नहीं किया जाएगा। ऐसा इसलिए किया जा रहा है क्योंकि अभी वर्ष 2010-11 में ही निर्माण के लिए दिए गए पैसे के खर्च की कोई रिपोर्ट नहीं मिल सकी है। कई स्वास्थ्य उपकेंद्र बगैर निर्माण के अधूरे पड़े हैं। निर्माणदात्री संस्थाओं से परिवार कल्याण महानिदेशालय ने रिपोर्ट मांगी है कि उन्होंने कितना काम किया।

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आपको बता दें राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन ने वर्ष 2010-11 में सबसे अधिक निर्माण कार्यों के ठेके दिए थे। अधिशासी समिति ने 12 अगस्त, 2010 को सूबे में 2372 उपकेंद्र, तीस जिला दवा भंडार के निर्माण करने और इक्कीस सीएचसी और 89 जिला महिला और पुरुष अस्पतालों के आधुनिकीकरण का ठेका पैक्स्फेड को दिया गया।

तक़रीबन 563.48 करोड़ के ठेके पैक्स्फेड को दे दिए गए, वह भी बगैर किसी लिखा पढ़ी और टेंडर प्रक्रिया को अपनाए। केवल ठेके ही नहीं दिए गए इस सहकारी संस्था को करीब 250 करोड़ अग्रिम भुगतान के तौर में भी दिए। इसके साथ ही पहली बार मार्च, 2011 में 554 स्वास्थ्य उपकेंद्रों के निर्माण का ठेका यूपी लेबर एंड कंस्ट्रक्शन को-ऑपरेटिव एसोसिएशन लिमिटेड (लैकफेड) को दिया गया। इस संस्था को 45.37 करोड़ रुपये एडवांस दे दिए गए थे। इनमें अधिकतर काम अभी तक हो ही नहीं सका है। इसलिए एनआरएचएम ने इस वित्तीय वर्ष में कोई भी धनराशि नहीं दी।

आप को जान कर हैरत होगी कि लैकफेड ने मार्च, 2011 में काम लेने के बाद मई, 2011 में 284 स्वास्थ्य उपकेंद्रों का काम आरंभ करने का दावा किया, लेकिन तब तक 270 स्वास्थ्य उपकेंद्रों का काम आरंभ ही नहीं हो पाया था। वहीं, पैक्स्फेड ने 70 स्वास्थ्य उपकेंद्रों का काम किया ही नहीं और उसे पुनः मार्च, 2011 में 1246 स्वास्थ्य उपकेंद्रों का काम दे दिया गया।यही हाल जल निगम की निर्माण इकाई सीएंडडीएस का भी है जिसने काफी निर्माण कार्य अभी पूरा नहीं किया है।

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