एक विधालय जो बन सकता सबके लिये प्रेरणा

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फर्रुखाबाद:(दीपक शुक्ला) कहते है कि यदि सोच अच्छी हो तो बड़े से बड़े पहाड़ को भी आदमी काट सकता है| इसी अच्छी सोंच का परिणाम है कि प्रधान ने नौनिहालों को उनका असली हक दिया जो उन्हें मिलना चाहिए| विधालय सभी के लिये प्रेरणा श्रोत बन सकता है| आज विधालय की चर्चा सोशल मिडिया में भी आम है|
विकास खंड बढ़पुर के प्राथमिक विधालय विजाधरपुर आज जिले के अन्य विधालयों व अन्य प्रधानो के लिये एक आदर्श साबित हो सकता है| ग्राम प्रधान ओम प्रकाश सक्सेना ने गाँव के नौनिहालों को एक खुशनुमा माहौल में पढ़ाने के लिये जो लगन मेहनत की उसका नतीजा आज सुन्दर और आकर्षक विधालय के रूप में सामने है| विधालय की जमीन पर पत्थर लगाकर फर्श तैयार की गयी है| कमरों में लोहे के मजबूत दरवाजे और पूरे भवन पर तरह-तरह के जानकारी परक लेख लिखे है| जिसे पढ़ने से कई महत्वपूर्ण जानकारी मिलने का अहसास होता है| विधालय में घुसते ही लगेगा की किसी अंग्रेजी माध्यम विधालय में प्रवेश किया हो| अंदर जो शौचालय बने है वह देखने लायक है| साफ-सफाई इतनी की देखते बनती है| खेलने के लिये भी इंतजाम किये गये है|
मजे की बात है इतना होने के बाद भी बच्चो का मध्यान्ह भोजन अभी भी चूल्हे पर बनता है और बच्चे जमीन पर बैठते है| यह सब नही होता कोई जान ही नही सकता की विधालय परिषदीय है| बीएसए अनिल कुमार से जब जेएनआई ने बात की तो उन्होंने बताया कि जल्द ही वह विधालय का दौरा करेगे| और जो बची हुई समस्या है उसे जल्द समाप्त किया जायेगा| वही ग्राम प्रधान को जिलाधिकारी से सम्मान दिलाने के लिये लिखा जायेगा|

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