फर्रुखाबाद:(जेएनआई ब्यूरो) सेन्ट्रल जेल में आजीवन कारावास की सजा काट रहे बंदी का स्वास्थ्य खराब होनें के चलते उपचार के लिए कानपुर मेडिकल कालेज भेजा गया था| बीती रात बंदी बंदी रक्षकों को चकमा देकर फरार हो गया|
जनपद इटावा के जगन्नाथपुरा इकदिल निवासी 59 वर्षीय वीरेंद्र लोधी पुत्र छोटे लाल लोधी को डकैती के दौरान हत्या करनें के मामले में आरोप सिद्ध होनें पर इटावा के न्यायालय से 23 सितम्बर 2016 को आजीवन कारावास की सजा हुई थी| उसे 3 नवंबर 2019 को इटावा जिला कारागार से तबादला करके सेन्ट्रल जेल में दाखिल किया गया था| उसकी 27 मार्च 2022 को हालत खराब होनें पर जेल की एम्बुलेंस से लोहिया अस्पताल भेजा गया था| लेकिन हालत खराब होनें पर उसे 31 मार्च को बंदी रक्षकों की सुरक्षा में मेडिकल कालेज कानपुर नगर भेजा गया|बंदी को खून की कमी की समस्या थी| 5 अप्रैल की रात लगभग 1:30 बजे बंदी वीरेंद्र लोधी बंदी रक्षकों को चकमा देकर फरार हो गया| तकरीबन 4 घंटे उसकी तलाश करनें के बाद बंदी रक्षक विजय प्रकाश तिवारी ने कारागार कोसूचना दी|
वरिष्ठ जेल अधीक्षक प्रमोद कुमार शुक्ला नें जेएनआई को बताया की बंदी की फरारी की सूचना इटावा के थाना इकदिल एवं कानपुर नगर के थाना स्वरूप नगर को दे दी गयी है| बंदी रक्षकों की लापरवाही पर जाँच बंदी के मिलने के बाद होगी|
इलाज के लिए गया सेन्ट्रल जेल का बंदी चकमा देकर फरार
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