आबरू बचाने के लिए बाजार में निर्वस्त्र दौड़ी लड़की

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बरेली।। बरेली का सुभाषनगर इलाका इज्जत बचाने के लिए बेतहाशा दौड़ रही लड़की की चीखों से गूंज उठा। सोमवार की रात गैंग रेप के इरादे से लड़की के घर घुसे गुंड़ों ने उसके कपड़े तक उतरवा लिए थे, इसके बावजूद लड़की ने हिम्मत नहीं हारी और आबरू बचाने के लिए बीच बाजार में इधर-उधर दौड़ने लगी। दोनों गुंडे भी लड़की का पीछा कर रहे थे। आखिरकार एक दुकानदार के दिल में इंसानियत जागी और उसने लड़की को दुकान के अंदर लाकर पहनने के लिए कपड़े दिए।

यह लड़की सुभाषनगर में अकेली रहती थी। उसने बताया कि सोमवार की रात जब वह सो रही थी, तभी करीब 10 बजे दो गुंडे दरवाजे का शटर खोलकर घुस आए। लड़की के विरोध करने पर उन गुंडों ने धमकी दी और उससे रेप की कोशिश करने लगे। लड़की ने जब शोर मचाया तो गुंडों ने उसे बेल्ट से जमकर पीटा और कपड़े उतार दिए। लड़की बिना कपड़ों के ही किसी तरह से भाग निकली।

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बचाओ-बचाओ चिल्लाते हुए बीच बाजार में बिना कपड़ों के दौड़ रही लड़की को देख कर लोग सन्न रह गए। सड़क पर एक महिला ने लड़की को दुपट्टा दिया। एक दुकानदार के इशारा करने पर वह दुकान के अंदर घुस गई। दुकानदार ने लड़की को पहनने के लिए कपड़े दिए और खुद बाहर खड़े हो गए। तब तक लोगों की भीड़ जमा हो चुकी थी। सूचना मिलने पर पुलिस पहुंची और लड़की को दुकान से निकालकर सुभाषनगर थाने ले गई। पुलिस ने दोनों फरार गुंडों की तलाश शुरू कर दी है।

पहले भी हुआ था गैंगरेप

यह लड़की एक लड़के से प्यार करती थी। तीन महीने पहले वह लड़का उससे शादी करने के बहाने घर से ले गया था। मगर स्टेशन पर पहुंचकर लड़की को दूसरे लड़के के हवाले कर दिया। वहां से दूसरी जगह ले जाकर 7 लड़कों ने उसके साथ रेप किया। फिर उसकी मर्जी के खिलाफ एक लड़के के साथ उसकी शादी करा दी गयी| उसके घर पर करीब हफ्ते भर रहने के बाद लड़की चुपचाप निकलकर अपने घर लौट गई।

डीआइजी के निर्देश पर गैंगरेप का मुकदमा दर्ज हुआ और आरोपी जेल गए। आरोप है कि उसके पिता दरिन्दों से रुपये लेकर मुकदमा वापस लेने को राजी थे। लड़की ने मना किया तो घरवालों ने उसे घर से निकल जाने को कहा। लड़की ने दो महीने पहले घर छोड़ दिया।

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