आजादी के 65 साल बाद फिर 26 वें रोजे को ही आया 15 अगस्त का दिन

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फर्रुखाबाद: कहते हैं कि तारीख हमेशा अपने को दोहराती है। तरीखों के अपने आप को दोहराने का एक हसीन इत्तिफ़ाक़ एक बार फिर देखने को मिला। आज से 65 साल पहले जब 15 अगस्त 1947 को हिंदोस्तान आजाद हुआ था, उस दिन रमजान की 26 तारीख थी। आज एक बार फिर जब हम अपनी आजादी की 65 वीं सालगिरह मना रहे हैं, तब भी रमजान के मुबारक महीने की 26 तारीख है।

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इस्लाम में रमजान की 26 तारीख का विशेष महत्व होता है। “शवेकदर” रमजान की 27 वीं रात मानी जाती है। यानी 26 वें रोजे की रात को मुसलमान रातभर जाग कर इबादत करते है। कहते हैं कि इस रात की इबादत का अज्र 70 हजार रातों की इबादत के बाराबर होता है। मगर इस बार तो यह रात सारे देश के लिये ही महत्वपूर्ण हो गयी है।

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