आचार्य प्रशिक्षण वर्ग में नई शिक्षा नीति पर मथन

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फर्रुखाबाद:(जेएनआई ब्यूरो) सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज, श्यामनगर, फर्रुखाबाद में चल रहे दस दिवसीय नवचयनित आचार्य प्रशिक्षण वर्ग के तृतीय दिवस का शुभारंभ वंदना सत्र से हुआ। जिसमे
नवचयनित आचार्य प्रशिक्षण वर्ग के तृतीय दिवस में ईसीसीई व नई शिक्षा नीति पर केंद्रित हुआ|
अयोध्या प्रसाद मिश्र द्वारा ‘प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल और शिक्षा’ विषय पर विस्तार से विचार रखे गये| उन्होंने प्रारम्भिक बाल्यावस्था की देखभाल एवं शिक्षा, प्रारम्भिक एवं माध्यमिक शिक्षा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि शिशु मंदिर योजना के तीन मुख्य आधार हैं – समाज पोषित विद्यालय, मातृभाषा में शिक्षा, तथा शिक्षा में समानता। उन्होंने नई शिक्षा नीति 2020 की रूपरेखा पर चर्चा करते हुए बताया कि यह नीति गुणवत्तापूर्ण, समान, सहनशील एवं जवाबदेही युक्त शिक्षा व्यवस्था को लागू करने की दिशा में एक ठोस प्रयास है। इसके अंतर्गत स्कूली शिक्षा को 5+3+3+4 के नए ढांचे में बांटा गया है, जो बालक की संज्ञानात्मक, शारीरिक, नैतिक एवं सांस्कृतिक विकास को सुनिश्चित करता है। द्वितीय सत्र में विद्यालय की आचार्या माला वर्मा ने पंचपदी शिक्षण पद्धति के माध्यम से बालकों की रुचि अनुसार शिक्षा देने की Kashvi Aesthetics Farrukhabadप्रक्रिया को समझाया गया।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ विभाग पर्यावरण प्रमुख स्वदेश कुमार दुबे, जिला शासकीय अधिवक्ता स्वदेश गंगवार, अयोध्या प्रसाद मिश्र प्रदेश निरीक्षक विद्या भारती कानपुर प्रान्त) व विद्यालय के प्रधानाचार्य रामकृष्ण वाजपेयी,अजय द्विवेदी, संभाग निरीक्षक कानपुर,रामकरन संभाग निरीक्षक बांदा, बलराम आशीष, रत्नेश अवस्थी, आलोक दीक्षित आदि रहे।


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