पंजीरी वितरण में अवैध वसूली पर पूर्व प्रधान व सीडीपीओ में विवाद

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फर्रुखाबाद: बढ़पुर ब्लाक के ग्राम गुतासी की आंगनबाड़ी कार्यकत्री ममता गंगवार के पति पूर्व प्रधान देवकीनंदन गंगवार ने आज अवैध वसूली को लेकर सीडीपीओ कार्यालय में जमकर हंगामा काटा। जिस पर सर्वोदय मण्डल व पुलिस के पहुंचने पर मामला रफादफा हो सका।

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पूर्व प्रधान देवकीनंदन ने बताया कि उनकी पत्नी ममता गंगवार ग्राम गुतासी में आंगनबाड़ी कार्यकत्री के पद पर कार्यरत हैं। आज पत्नी केन्द्र पर थीं। इधर सीडीपीओ कमलेश कुमारी का फोन मेरे पास आया और कहा कि अपना पुष्टाहार ले जाओ। जिस पर मैं सीडीपीओ कार्यालय पहुंचा तो कमलेश कुमारी ने मुझसे 1500 रुपये की मांग कर दी।

देवकीनंदन ने बताया कि बच्चों को हाट कुक के लिए चार हजार रुपये आये हैं। जिसको देने से पहले सीडीपीओ कमलेश कुमारी 1500 रुपये की मांग कर रहीं हैं। जिसको मैने जब देने से इंकार कर दिया तो कमलेश कुमारी ने पुष्टाहार न देकर उल्टा फोर्स बुलाने की बात कहकर धमकाया। इस बात की सूचना देवकीनंदन ने सर्वोदय मण्डल के मंत्री एडवोकेट लक्ष्मण सिंह को दी। सूचना मिलने पर लक्ष्मण सिंह अपने सहयोगियों के साथ सीडीपीओ कार्यालय पहुंचे। सूचना पर एस आई श्रीकृष्ण गुप्ता को भी बुला लिया गया। कमलेश कुमारी ने कहा कि मैं आंगनबाड़ी कार्यकत्री को ही पुष्टाहार दूंगी। देवकीनंदन गंगवार का कहना था कि इससे पूर्व वह मुझे कई बार पुष्टाहार दे चुकी हैं। पैसे न देने के चक्कर में वह पुष्टाहार देने से मना कर रहीं है।

देवकीनंदन ने डेरी व्यापारियों को सीडीपीओ द्वारा आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों के फर्जी हस्ताक्षर कर पुष्टाहार बेचने का आरोप लगाया। काफी देर लक्ष्मण सिंह व सीडीपीओ कमलेश कुमारी की नोकझोंक हुई। इसके बाद कार्यकत्री ममता गंगवार को पुष्टाहार दिया गया।

 

सीडीपीओ कमलेश कुमारी ने बताया कि पैसे मांगने की बात बिल्कुल गलत है। यह पूरी तरीके से मनगढ़न्त बनायी गयी है। इससे पहले कभी भी आंगनबाड़ी कार्यकत्री के पति को पंजीरी नहीं दी गयी। जबर्दस्ती पत्नी के हस्ताक्षर करके पंजीरी लेने की बात को मना करने पर ही हंगामा किया गया। कमलेश कुमारी ने बताया कि कार्यकत्री ममता गंगवार मुझसे कई बार कह चुकी हैं कि उसका पति उसे पूरे पैसे नहीं देता है। फिलहाल कार्यकत्री को पुष्टाहार दे दिया गया।

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