फर्रुखाबाद: जिला पंचायत में शासन के निर्देश पर चल रही जांच के बाद काम काज पटरी पर नहीं आ रहा है। ऊपर से एक साथ छह कर्मचारियों ने चिकित्सीय अवकाश पत्र दे दिया है।सामूहिक रूप से चिकित्सीय अवकाश पर चले जाने को जिलाधिकारी मोनिका रानी ने गंभीरता से लिया है।डीएम ने सभी अवकाश पर गये कर्मियों का मेडिकल परीक्षण कराये जाने के आदेश दिये है| जिससे कर्मियों पर कार्यवाही की तलवार लटक गयी है|
जिला पंचायत के अवर अभियंता दिनेश शाक्य,अवर अभियंता दिनेश शाक्य, ,कर्मी प्रथम श्रेणी लिपिक संजीव कुमार,द्वितीय श्रेणी लिपिक गौरव सिंह, मानचित्रकार प्रगल्भ तिवारी,अनुभागीय मुख्य लिपिक सतीश चंद्र तिवारी व द्वितीय श्रेणी लिपिक रजनीश यादव के सामूहिक रूप से चिकित्सीय अवकाश पर चले गये| इसकी सूचना जब जिलाधिकारी को हुई तो उनका पारा चढ़ गया| उन्होंने घोर अनुशासनहीनता मानते हुए कड़ी कार्रवाई का मन बना लिया है| इसके साथ ही एएमए की रिपोर्ट पर मुख्य विकास अधिकारी अपूर्वा दुबे ने भी सभी अवकाश आवेदनों को न केवल निरस्त कर दिया था बल्कि इसे अनुशासनहीनता भी बताया था।परीक्षण के लिए एक मेडिकल बोर्ड के गठन के लिए मुख्य चिकित्साधीक्षक की देखरेख में 12 फरवरी को मेडिकल करेगा|
एएमए उज्जवल अंबेश ने बताया कि मेडिकल परीक्षण लोहिया अस्पताल में किया जाएगा। बोर्ड के सामने यदि कर्मचारी मेडिकल हेतु प्रस्तुत नहीं होते हैं तो, डीएम के निर्देशानुसार अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।
अवकाश पर गये जिला पंचायत कर्मियों की मेडिकल बोर्ड करेगा जाँच
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