अन्नदाताओं को सौगात, कर्ज के लिए बजट से 11 लाख करोड़

0
103

नई दिल्ली:संसद में बजट 2018 पेश करते हुए वित्त मंत्री अरुण जेटली ने बताया है कि चार साल पहले हमारी सरकार ने जो वादा किया था उसको सरकार ने पूरा करके दिखाया है। आज भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ने वाली अर्थव्यस्था है। एक समय में भ्रष्टा चार देश में हावी था लेकिन आज देश के नागरिक इमानदारी से जीवन निर्वाह कर रहे हैं।

[adrotate banner="3"]

सरकार किसानों की आय बढ़ाने में कामयाब हुई है और इसके लिए लगातार काम कर रही है। सरकार ने गैरजरूरी नियमों को खत्म्इ‍ किए हैं। वर्ष 2016-17 में रिकार्ड उत्पाकदन हुआ है। 275 मिलियन खादद्यान और 300 मिलियन टन से अधिक फलों का उतपादन हुआ है। रबी की फसलों का मूल्यम लागत से डेढ गुणा अधिक तय किया जा चुका है। फसलों के समर्थन मूल्यय को डेढ गुणा अधिक करने का फैसला लिया गया है। नीति आयोग यह तय करेगा जिससे किसानों को फसलों के उचित दाम दिलवाए जा सकेंगे। सरकार का पूरा जोर गांव और उनके विकास की तरफ है। 2022 तक सरकार किसानों की आय को दोगुना करने का प्रयास कर रही है।

भारत सरकार ने जो कड़े फैसले लिए उनकी बदौलत हमने 7.5 की विकास दर हासिल की है। मौजूदा समय में हम दुनिया की सातवीं सबसे बड़ी अर्थव्य वस्थार है और आने वाले समय में हम पांचवें नंबर पर आ जाएंगे। सरकार ने गरीबी दूर करने के लिए इमानदारी से प्रयास किए हैं। सौभाग्यं योजना से चार करोड़ घरों में बिजली दी गई है। भारत के विकास की आईएमएफ ने भी तारीफ की है। 4 करोड़ बिजली से जोड़े गए। औषधालय में कम कीमत पर दवाई। गरीबों को मुफ्त डायलीसिस, सरकारी योजना ट्रेन का टिकट या प्रमाण पत्र ऑनलाइन देने की व्यसवस्थाब, कंपनियों का ऑनलाइन एक दिन में रजिस्ट्रेान से फायदा हुआ है। ग्रुप सी और डी में परीक्षा खत्मइ करने से फायदा हुआ है। आम आदमी के जीवन में सरकार के बेवजह के नियम कायदों को कम किया गया है। सरकार के कार्यकाल में भ्रष्टारचार पर कड़ी मार पड़ी है।

[adrotate banner="2"]