अंधविश्वास से दूर, जातिपांति से उठकर करें वोट

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फर्रुखाबाद: (राहुल सिंह राठौर) भगवान ने मनुष्य को सर्वश्रेष्ठ बनाकर एक अनमोल तोहफा दिया है। वह है बुद्धि, विवेक, जिससे वह सोच समझकर हर काम को सही ढंग से करे। लेकिन आज के दौर में मनुष्य अपने अमूल्य तोहफे का दुरुपयोग कर रहा है। लोग जाति पांति में फसकर आम जन की भलाई को भूल गये हैं। लोगों को चाहिए कि वह जाति पांति से दूर रहते हुए समाज के हित की सोचें एवं उसी के अनुसार वोट करें।

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मनुश्य के बनाये जाति, पांति को अपने जीवन में रोड़ा न बनने दें। भगवान ने तो सिर्फ एक ही जाति बनायी थी, जो है इंसान। लेकिन मनुष्य ने यहां आकर अनेक जातियां, अनेक धर्म बना लिये। जिसका हम बखूबी पालन कर रहे हैं। आज मनुष्य मनुष्य की बातों पर चलता है। अपने बनाये नियमों का पालन करता है। जाति पांति की बात करने वाले भगवान का कोई महत्व नहीं समझ रहे।

जातिवाद ने समाज को इस तरह से जकड़ रखा है जिस तरह से एक मक्खी शहद खाने के लिए अपनी जान दे देती है पर वह शहद खाना नहीं छोड़ती। वह जानती है इस पर बैठेंगे तो हमारे पंख चिपक जायेंगे, इसी प्रकार मनुष्य जानता है कि जाति पाति कुछ नहीं है। लेकिन समाज में रहकर इन सबको मानना एक मजबूरी हो जाती है। कहा जाता है कि एकता में शक्ति होती है, अगर सब मिलकर इसे खत्म करने का प्रयास करें तो यह खत्म हो सकती है। यह तभी संभव है जब हमारे राजनेता, हमारा समाज एक साथ जातिवाद से दूर रहकर विकास की बात करे और उसी के आधार पर जनता वोट करे।

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