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मेजर और विजय समर्थकों की भिड़न्त की खबर पर छावनी बना लोहाई रोडमेजर और विजय समर्थकों की भिड़न्त की खबर पर छावनी बना लोहाई रोड फर्रुखाबाद: शहर के लोहाई रोड स्थित कनौडिया इण्टर कालेज बूथ के बाहर मेजर व विजय समर्थकों में भिड़न्त व नारेबाजी होते ही लोहाई रोड छावनी में तब्दील हो गया। पुलिस ने दोनो नेताओं के समर्थकों को तितर बितर कर दिया। मेजर समर्थकों का आरोप है कि सदर के विधायक व सपा प्रत्याशी विजय...

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पर्ची बंटने के बावजूद नहीं घटी बस्तों की अहमियतपर्ची बंटने के बावजूद नहीं घटी बस्तों की अहमियत फर्रुखाबाद: चुनाव आयोग द्वारा भले ही घर-घर मतदाता पर्ची पहुंचाने की व्यवस्था की गयी हो लेकिन अभी भी बस्तों की अहमियत नहीं घटी। यह नजारा आज हो रहे विधानसभा चुनाव में साफ देखने को मिला। जहां पर प्रत्याशियों द्वारा अपने अपने बस्ते लगवाये गये। किसी पर भीड़ दिखायी दी तो कोई...

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यूपी चुनाव LIVE: तीसरे चरण का मतदान खत्म, करीब 65 फ़ीसदी हुआ मतदानयूपी चुनाव LIVE: तीसरे चरण का मतदान खत्म, करीब 65 फ़ीसदी हुआ मतदान उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के तीसरे चरण का मतदान शुरू हो गया है. इस फेज में 12 जिलों की 69 सीटों पर वोट डाले जा रहे हैं. यह चरण इसलिए अहम है, क्योंकि इसमें सपा के गढ़ इटावा, मैनपुरी, कन्नौज, बाराबंकी और फर्रुखाबाद में मतदान हो रहे हैं. इस चरण में कुल 826 प्रत्याशी मैदान में हैं और...

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विधानसभा अमृतपुर: ईवीएम खराब होने से कई जगह मतदान रुकाविधानसभा अमृतपुर: ईवीएम खराब होने से कई जगह मतदान रुका फर्रुखाबाद: (राजेपुर)लाख प्रयास के बाद भी आखिर ऐन मौके पर कई ईवीएम मशीने धोखा दे गयीं। जिससे विधानसभा क्षेत्र अमृतपुर के राजेपुर व ग्राम कड़क्का की ईवीएम मशीनें खराब होने से मतदान रुका। विधानसभा के ग्राम कड़क्का के बूथ संख्या 56 पर ईवीएम मशीन खराब होने से मतदान तकरीबन आधा...

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राजनीति का खंजर- केवल चार बचेंगेराजनीति का खंजर- केवल चार बचेंगे पांच साल तक नेताओ के हाथ में रहने वाला राजनैतिक खंजर एक दिन मतदाताओ के हाथ में रहता है| मतदान के दिन ये खंजर किस किस पर कैसे कैसे चलेगा ये वोटिंग मशीन में ही गुप्त रूप से दर्ज हो जायेगा| बात उत्तर प्रदेश के आम विधानसभा चुनाव 2017 के जनपद फर्रुखाबाद की चार विधानसभाओ के परिपेक्ष्य...

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बूथों पर अव्यवस्था के शिकार हुए मतदान कर्मीबूथों पर अव्यवस्था के शिकार हुए मतदान कर्मी फर्रुखाबाद: चुनाव आयोग के लाख प्रयास के बाद भी कहीं न कहीं खामी रह ही गयी। इसे किसके सर मड़ा जाये यह तो प्रशासन और चुनाव आयोग ही तय करे। लेकिन जब कई बूथों पर पोलिंग पार्टियां पहुंचीं तो उन्हें अव्यवस्था के शिकार हो गये। शनिवार शाम तक पोलिंग पार्टियां रवाना हुईं और जब बूथों...

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मतदान के लिये फ़ोर्स ने कमर कसी,अधिकारियों ने दिये टिप्समतदान के लिये फ़ोर्स ने कमर कसी,अधिकारियों ने दिये टिप्स फर्रुखाबाद : विधान सभा सामान्य निर्वाचन-2017 के लिये आगामी 19 फरवरी को मतदान को आयोग की मंशा के अनुसार निष्पक्ष, स्वतंत्र एवं शान्तिपूर्वक रूप से सम्पन्न कराने के लिये जिला प्रशासन विभिन्न तैयारियॉ की जा रही है| मतदान को शान्तिपूर्वक सम्पन्न कराने में पुलिस फोर्स की बहुत...

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बादशाह झूठा नहीं होता, झूठा हो तो बादशाह नहीं होता: आजम खानबादशाह झूठा नहीं होता, झूठा हो तो बादशाह नहीं होता: आजम खान फर्रुखाबाद: (कमालगंज/जहानगंज ) भोजपुर विधानसभा क्षेत्र के ग्राम जरारी में सपा प्रत्याशी के समर्थन में समाजवादी पार्टी के स्टार प्रचारक मंत्री आजम खान ने जनसभा को सम्बोधित किया। इस दौरान आजम खान ने प्रधानमंत्री मोदी जी पर कटाक्ष करते हुए कहा कि उन्होंने जनता से झूठा वादा...

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कन्नौज में पीएम मोदी बोले, आपके प्यार को विकास के रूप में लौटाऊंगाकन्नौज में पीएम मोदी बोले, आपके प्यार को विकास के रूप में लौटाऊंगा फर्रुखाबाद : सपा के गढ़ कन्नौज में परिवर्तन संकल्प महारैली को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि इतना प्यार 2014 में दे दिया होता तो कितना अच्छा होता। आपने आंख की शर्म के कारण जिन पर कृपा की वह एक कुनबा टूट गया, लेकिन मैं आपसे वादा करता हूं अबकी बार आपके प्यार...

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यूपी चुनाव LIVE: दूसरे चरण का मतदान खत्म, 65.5 फीसदी लोगों ने डाले वोटयूपी चुनाव LIVE: दूसरे चरण का मतदान खत्म, 65.5 फीसदी लोगों ने डाले... उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में दूसरे चरण के लिए 11 जिलों की 67 सीटों पर मतदान बुधवार को संपन्न हो गया. इसी के साथ सभी 721 उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला भी ईवीएम में बंद हो गया. जो मतदान केंद्र के अंदर बच गए थे उन्हें शाम 6 बजे तक मतदान के अधिकार का इस्तेमाल करने दिया गया. चुनाव...

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बीमारियों से जूझ रहे सेन्ट्रल जेल के आठ सैकड़ा बुजुर्ग कैदी!

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Posted on : 05-02-2017 | By : JNI-Desk | In : CRIME, FARRUKHABAD NEWS, JAIL, POLICE, जिला प्रशासन

फर्रुखाबाद: (दीपक शुक्ला) एशिया की सबसे बड़ी जेल केन्द्रीय कारागार फतेहगढ़ में बंदी रक्षकों की कमी तो हमेशा से ही रही है। इसके साथ ही साथ जेल में बंद बुजुर्ग कैदियों को समुचित उपचार चिकित्सकों की तैनाती न होने पर समय से नहीं मिल पा रहा है। जिससे आये दिन बुजुर्ग कैदी या तो लोहिया अस्पताल में या फिर जेल की सलाखों के पीछे बने अस्पताल में दम तोड़ रहे हैं। बीते 20 घंटे के भीतर सेंट्रल जेल के तीन बुजुर्ग कैदी दम तोड़ चुके है| एक लोहिया अस्पताल में भर्ती है| आंकड़ों पर अगर नजर डालें तो केन्द्रीय कारागार में कुल 2300 कैदी विभिन्न मामलों में सजा काट रहे हैं। जो जेब से मजबूत है उसको हर सुविधा उपलब्ध हो रही है और आम कैदियों को आम तो छोड़िये गुठली तक नसीब नहीं हो रही है।

सेन्ट्रल जेल में कुल 800 बुजुर्ग कैदी सजा काट रहे हैं। जिनकी उम्र 60 वर्ष से ऊपर है। इसमें से अधिकतर सांस, आंखों, कमर, घुटनों, दिल से सम्बंधित बीमारियों से लड़ रहे हैं। इसकी मुख्य बजह यह है कि जेल में चिकित्सकों की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। जेल में तीन चिकित्सकों के पद हैं। जिसमें से महज एक ही चिकित्सक तैनात है। चार फार्मासिस्टों के पद हैं जिसमें से मात्र एक फार्मासिस्ट शैलेन्द्र सिंह की तैनाती है। पहले कैदी बीमार होने पर जेल के अस्पताल में दाखिल किया जाता है उसके बाद उसे लोहिया अस्पताल में भर्ती कर दिया जाता है। बीते दिन ही 60 वर्षीय शशी प्रताप सिंह निवासी भरखा राजेपुर को बीती रात 7 बजकर 30 मिनट पर लोहिया अस्पताल में सीने में दर्द की समस्या के चलते भर्ती किया गया है। लेकिन अस्पताल में समुचित चिकित्सक न होने के कारण उसका भी उपचार काम चलाऊ ही चल रहा है।

वरिष्ठ जेल अधीक्षक वीपी त्रिपाठी का कहना है कि जेल में सभी बुजुर्ग कैदी बीमार नहीं हैं। केवल 5 प्रतिशत ही बंदी विभिन्न बीमारियों से ग्रसित हैं। जिनका उपचार कराने का पूरा प्रयास जेल प्रशासन की तरफ से किया जाता है। गंभीर होने पर उन्हें कानपुर भी भेजा जाता है।

20 घंटे के भीतर सेन्ट्रल जेल के तीन बंदियों की मौत

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Posted on : 05-02-2017 | By : JNI-Desk | In : CRIME, FARRUKHABAD NEWS, JAIL, POLICE

फर्रुखाबाद: केन्द्रीय कारागार में बंद विभिन्न मामलों सजा याफता कैदियों की मौत का सिलसिला लगातार जारी है। बीते 20 घंटे के भीतर भीतर ही तीन सजा याफता कैदियों की मौत हो गयी है। जिसका एक कारण सर्दी भी माना जा रहा है। लेकिन जेल प्रशासन किसी भी प्रकार की लापरवाही से पल्ला झाड़ रहा है।

रविवार को सुबह 6 बजकर 20 मिनट पर 70 वर्षीय सजायाफता सामल सिंह पुत्र बदलू निवासी मिथुखेड़ा उन्नाव को बंदी रक्षक शैलेन्द्र लोहिया अस्पताल लेकर पहुंचे जहां डाक्टर राजकिशोर ने उसे मृत घोषित कर दिया। वह अजीवन की सजा काट रहा था| ठीक एक घंटे बाद 73 वर्षीय रामप्रसाद पुत्र किशोर निवासी पूरनपुरवा रसूलाबाद कानपुर देहात को बंदी रक्षक जनार्दन 7 बजकर 40 मिनट पर लोहिया अस्पताल लेकर पहुंचे, उसे भी डा0 राजकिशोर ने ही मृत घोषित कर दिया। कैदी रामप्रसाद बीते 31 अगस्त 2008 को हत्या के मामले में आजीवन कारावास की सजा काटने के लिए सेन्ट्रल जेल लाया गया था।  बीते शनिवार को दोपहर लगभग 12 बजकर 20 मिनट पर 60 वर्षीय सजायाफता कैदी इदरीश अली (पूर्व प्रधान) की भी उपचार के दौरान लोहिया अस्पताल में मौत हो गयी।

वरिष्ठ जेल अधीक्षक वीपी त्रिपाठी ने बताया कि सभी कैदी वृद्ध थे और विभिन्न बीमारियों का उपचार भी चल रहा था। जेल प्रशासन की तरफ से किसी भी लापरवाही से पल्ला झाड़ लिया गया।

दो घंटे लेट हो सकी बंदियों की मुलाकात

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Posted on : 29-01-2017 | By : JNI-Desk | In : CRIME, JAIL, Politics, जिला प्रशासन

फर्रुखाबाद: सेन्ट्रल जेल में निरीक्षण के दौरान आये मुलाकातियों को दो घंटे तक जेल के बाहर की इंतजार करना पड़ा | जब दो घंटे बाद अफसर बाहर आये उसके बाद ही मुलाकात शुरू हो सकी|

जिलाधिकारी प्रकाश बिंदु और एसपी सुभाष सिंह लगभग 11 बजे सेन्ट्रल जेल निरीक्षण के लिये पंहुचे| यह समय जेल की मुलाकात का है अफसरों के आने से मुलाकत करने आये परिजन घंटो तक जेल के बाहर खड़े रहे| जब लगभग दो घंटे बाद जिलाधिकारी बाहर आये तो उन्होंने सभी मुलाकातियों की तलाशी भी करायी| उन्होंने हिदायत देकर कहा की किसी प्रकार की आपत्तिजनक वस्तु जेल में नही जाने दी जायेगी| मुलाकात करने वाले लगभग दो घंटे तक जेल के गेट के बाहर खड़े रहे|

सेन्ट्रल जेल में बरामद हुये तीन मोबाइल, चार्जर और ईयरफोन

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Posted on : 29-01-2017 | By : JNI-Desk | In : FARRUKHABAD NEWS, JAIL, POLICE, जिला प्रशासन

फर्रुखाबाद: सेन्ट्रल जेल फ़तेहगढ़ में डीएम प्रकाश बिंदु और एसपी सुभाष सिंह बघेल की छापेमारी से जेल के कैदिर्यो के पास तीन मोबाइल, चार्जर, ईयरफोन बरामद होने से हड़कम्प मच गया| जेल प्रशासन के हाथ पैर फूल गये| जिलाधिकारी ने जेल सख्त दिशा निर्देश जारी किये है|

रविवार को डीएम-एसपी व नगर मजिस्ट्रेट शिव बहादुर पटेल और एएसपी अशोक कुमार के साथ अचानक छापेमारी की| उस समय जेल अधीक्षक वीपी त्रिपाठी मौके पर मौजूद नही थे| कई डिप्टी जेलर बिना वर्दी के आ गये| जिसके बाद उन्हें वर्दी पहनने जाना पड़ा| अचानक हुई छापेमारी से जेल प्रशासन की लापरवाही की पोल खोलकर रख दी| तकरीबन दो घंटे तक अफसरों ने सघन चेकिंग अभियान जेल के भीतर चलाया| विभिन्य बैरको की तलाशी ली गयी| अफसरों को जमीन में दबे हुये और पेड़ पर टंगे हुये तीन मोबाइल बरामद हुये| इसके साथ ही साथ पांच चार्जर और दो ईयर फोन भी बरामद हुये| इसके साथ ही साथ पुलिस को एक डायरी भी मिली है जिस पर कुछ मोबाइल नंबर लिखे है| जिन्हें पुलिस ने जप्त कर लिया|

आचार संहिता के दौरान जेल में मोबाइल मिलना जेल प्रशासन की मिली भगत की तरफ इशारा करता है| जिलाधिकारी प्रकाश बिंदु ने बताया कि पकड़े गये मोबाइलों के सम्बंध में जाँच की जा रही है| यह भी जाँच का विषय है कि जेल गेट से लेकर अंदर तक कई जगह चेकिंग होने के बाद आखिर मोबाइल जेल तक कैसे पंहुचे| इसकी भी जाँच की जायेगी| जेल कर्मीयों की मिली भगत से भी इंकार नही किया जा सकता| उन्होंने बताया की यदि जेल कर्मी दोषी है तो उनके खिलाफ कार्यवाही होगी| एसपी सुभाष सिंह बघेल ने बताया की सर्विलांस के सहारे जेल में मोबाइल के सबूत खंगाले जायेगे| और कार्यवाही की जायेगी| सीओ आलोक कुमार, एसडीएम सदर सुरेन्द्र सिंह कई थानाध्यक्षो और चौकी इंचार्जो भी मौजूद रहे|

केन्द्रीय कारागार के शाबिर का संगीत साहब के हवाले

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Posted on : 26-01-2017 | By : JNI-Desk | In : FARRUKHABAD NEWS, JAIL, जिला प्रशासन

फर्रुखाबाद: जिसका संगीत सुने बिना कारागार या प्रशासन का कोई कार्यक्रम सम्पन्न नही होता था| देश भक्ति की इस तरह की धुन शायद ही कही और देखने को मिले| पूरे तन-मन से तराने छेड़ने वाले केन्द्रीय कारागार के आजीवन कैद की सजा काट रहे शाबिर अली पुत्र सराफत अली निवासी हरिहरपुर कानपुर देहात को 18 साल के बाद जेल से आजाद कर दिया गया| शाबिर ने जेल का संगीत अपने शागिर्द के हबाले कर दिया| शाबिर बीते 24 जनवरी को ही रिहा हो गये| लेकिन पुलिस लाइन में उन्हें जेल अधिकारीयों ने निवेदन कर बुलाया था|

केन्द्रीय कारागार में बीते 11 नबम्बर 1999 में हत्या में आजीवन कैद की सजा काटने के लिये आये शाबिर की रिहाई पर उनके सभी साथियों की आँखे नम है| यंहा तक की बंदी रक्षक भी अपनी आंखो में आंसू रोंक नही पाये| शाबिर ने बताया कि जब उन्हें सजा पड़ी तो लगा की इतनी लम्बी कैद को कैसे दीवार और सलाखों के सहारे काटा जायेगा| कुछ दिन बाद उन्होंने संगीत को अपना साथी बना लिया| जेल का बैड ही उनकी पत्नी और बच्चे बन गये| अब शबीर के हाथ में बैंड मेजर का रुल था| जिसके सहारे उन्होंने अपने जीवन के 18 साल का लम्बा समय जेल में काटा |

शाबिर के अच्छे चाल चलन के चलते जेल से लगभग 18 साल में ही रिहाई मिल गयी| जिसके बाद शाबिर ने अपने शागिर्द साहब लाल पुत्र नेत्रपाल निवासी उंन्नाव को जेल के संगीत की कमान दे दी है| साहब लाल बीते 8 नबम्बर 2008 से जेल में आजीवन कैद की सजा काट रहे है| अब साहब उनकी जगह पर बैड बजायेगा| लेकिन उस्ताद की याद सभी को हमेशा आयेगी | जेल अधीक्षक वीपी त्रिपाठी ने बताया कि हर साल कैदी की जेल के अन्दर के चाल चलन की रिपोर्ट जाती है| उसी में शाबिर की भी रिपोर्ट भेजी गयी थी| आईजी जेल और राज्य सरकार के बाद राज्यपाल के आदेश पर शाबिर को रिहा किया गया | उसे अब संगीत विद्यालय खोलने की सलाह भी दी गयी है|

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