जनसम्पर्क भाजपा का: माला फूलमाला लेकर पहुची जनसम्पर्क करने

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फर्रुखाबाद: बात थोड़ी खरी जरुर है मगर है सोलह आने सच| न जाने नेताओ को क्या हो गया है| खुद की माला पहनेगे, खुद की पगड़ी और तलवार की भेट मंचो से लेंगे| और खुद की मिठाई दूसरो से बाटने को कहेंगे| राजनीति में नेतृत्व का गिरता स्तर और विश्वास लोकतंत्र के लिए चिंता का विषय भले ही कम हो मगर भारतीय संस्कृति के लिए चिंताजनक जरुर है| दृश्य सुबह सुबह मनोज अग्रवाल के स्वागत जैसा कुछ भाजपा के खेमे में भी नजर आया| जब माला पारिया माला पहने दिखाई दी| आखिर सुबह सुबह मतदाता के पास फूलमाला आई कहाँ से? अलबत्ता नुनहाई, नुनहाई कटरा में मेजर भी सुबह सुबह नब्बे कोण के अंश पर मतदाता के समक्ष झुकते दिखाई पड़े| एक एक वोट पर नजर, छत पर हो या नीचे वोट सबसे मांगे गए| भाजपा के झंडे और पटका डाले कार्यकर्ता सहित पार्टी के छोटे बड़े सभी पदाधिकारी इस बार किला फतह करने के हौसले के साथ उतरे दिखाई पड़े| एक नजर मंगलवार की सुबह माला के जनसम्पर्क के फोटो आपकी नजर-