कौन बनेगा चेयरमेन- 70% सभासद प्रत्याशी उस्ताद के साथ

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खबर चौकाने वाली हो सकती है मगर सौ फ़ीसदी सच है| एक महीने में जेएनआई ने 31 वार्डो के 162 संभावित प्रत्याशियो के इंटरव्यू किये है| इन संभावित सभासद प्रत्याशियो के तमाम सवाल और जबाब के साथ ये भी सवाल किया गया कि चुनाव में खुद तो लड़ोगे मगर ऊपर यानि अध्यक्ष पद के लिए लड़ रहे किस प्रत्याशी का समर्थन करोगे| निकाय चुनाव में दो पदों का चुनाव एक साथ होता है| वार्ड के सभासद यानि नगरपालिका के सदस्य का और अध्यक्ष का| दोनों को जनता द्वारा सीधे चुनने का प्राविधान है| ऐसे में सभासद प्रत्याशी और अध्यक्ष पद के प्रत्याशी मिलकर चुनाव लड़ते रहे है| यहाँ तक कि चुनाव चिन्ह भी एक ही आवंटित करा लेने की जुगत कर ली जाती रही| मगर इस बार दोनों पदों के चुनाव चिन्ह ही आयोग ने अलग अलग कर इस गणित पर पानी फेर दिया है|

बात मूल खबर की| फर्रुखाबाद में 37 वार्ड है| अधिकतर वार्ड सदस्यों की सत्यनिष्ठा की कोई गारंटी नहीं ले सकता| कब कौन किस के साथ सरक हो जाए, खुद पाला बदलने वाले को मालूम नहीं| लेकिन चुनाव लड़ने समय यहाँ गुटों में चुनाव लड़ने की परंपरा है| भाजपा का अध्यक्ष पद का प्रत्याशी होगा और सदस्य का भी| यही हाल कांग्रेस का भी होगा| मगर बसपा और सपा ने अपने कार्यकर्ताओ को खुला छोड़ दिया है| चाहे जहाँ रहो, चाहे जहाँ मुह मारो| मंसूबा यही कि जो जीतेगा उसे बस में किया जायेगा| मगर फर्रुखाबाद की राजनीती में दलों से बड़ा नाम निर्दल का है| निर्दलीय पीले झंडे वाले विजय सिंह का| खुद की नेटवर्किंग चेले, भतीजे और चाचा का अभूतपूर्व संगम| रंग किसी दल का हो नाले में सब घुलनशील है|

जेएनआई ने 31 वार्डो के 162 सम्भावित लड़ाके सदस्यों से बात चीत की| इनके सभी के इंटरव्यू 28 मई से इसी पोर्टल पर प्रकाशित भी किये जायेंगे| कौन किस योजना के साथ चुनाव लडेगा और किसके पाले में रहेगा| इसी सर्वे में ये भी निकल कर आया कि लगभग 70 प्रतिशत सम्भावित प्रत्याशियो ने कबूला कि वे विजय सिंह के साथ है और उनके साथ ही चुनाव लड़ेंगे| चौकाने वाली बात ये रही कि इनमे से अधिकतर वे भी है जो कल तक मनोज के चक्कर लगाते रहे|