टॉप मेरिट वाले पहले बनेंगे शिक्षक, टीईटी के अंक भी जोड़े जाएंगे

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अध्यापक सेवा नियमावली 1981 में होगा संशोधन

टीईटी में मेरिट में टॉप आने वाले अभ्यर्थियों को शिक्षकों की नियुक्ति में पहले मौका दिया जाएगा। नियुक्ति के लिए बनने वाली मेरिट में अब हाईस्कूल, इंटरमीडिएट, स्नातक के साथ टीईटी के अंक भी जोड़े जाएंगे। अभी तक हाईस्कूल, इंटरमीडिएट, स्नातक और बीएड के नंबरों को जोड़कर मेरिट बनाई जाती थी। उत्तर प्रदेश अध्यापक सेवा नियमावली-1981 में इस आशय का संशोधन किया जा रहा है। निदेशालय ने संशोधन संबंधी प्रस्ताव सोमवार को शासन को भेज दिया है। कैबिनेट से मंजूरी के बाद संशोधित नियमावली जारी कर दी जाएगी।

शासन में हुई उच्चस्तरीय बैठक में सहमति बनी है कि शिक्षकों की भर्ती के लिए जिला स्तर पर बनने वाली मेरिट में हाईस्कूल, इंटरमीडिएट और स्नातक के साथ टीईटी में मिले प्राप्तांकों को भी जोड़ा जाएगा। साथ ही टीईटी के अंकों का वेटेज भी सबसे ज्यादा दिए जाने का प्रस्ताव है। टीईटी में टॉप मेरिट में आने वालों को शिक्षक बनने का पहले मौका दिया जाएगा। सेवा नियमावली को कैबिनेट से मंजूरी मिलने के बाद शिक्षक भर्ती संबंधी शासनादेश जारी किया जाएगा। बेसिक शिक्षा परिषद के प्राइमरी स्कूलों में 72 हजार 825 शिक्षकों की भर्ती की जानी है। शिक्षकों की भर्ती के लिए 13 नवंबर को टीईटी आयोजित की जाएगी।

ओबीसी के लिए उत्तीर्णांक 55 फीसदी

अध्यापक पात्रता परीक्षा (टीईटी) में अन्य पिछड़ वर्ग, स्वतंत्रता सेनानी आश्रित तथा भूतपूर्व सैनिक अभ्यर्थियों के लिए न्यूनतम उत्तीर्णांक 55 प्रतिशत होंगे। यह जानकारी माध्यमिक शिक्षा परिषद, इलाहाबाद की सचिव प्रभा त्रिपाठी ने दी।