अब आवारा मवेशी छोड़ने वालों पर होगी कार्रवाई

FARRUKHABAD NEWS

फर्रुखाबाद:(जेएनआई ब्यूरो) प्रदेश सरकार द्वारा प्रत्येक जिले में आवारा जानवरों की रोकथाम के लिए कड़े निर्देश दिये हैं| जिलाधिकारी ने सोमबार को कलेक्ट्रेट सभागार में अधिकारियों संग बैठक कर आवारा मबेशियों की धरपकड़ में तेजी लानें के निर्देश दिये|
जिलाधिकारी डा.वीके सिंह नें सभी ईओ व बीडीओ को कड़े निर्देश दिये कि उनके क्षेत्र में यदि कोई छुट्टा पशु आवारा घूमता हुआ पाया जाएगा तो संवंधित ईओ व बीडीओ की जिम्मेदारी तय की जायेगी| यदि कोई पालतू पशु खुला हुआ घूमता पाया जायेगा तो उसको कांजी हाउस में बंद कर दिया जायेगा व उसके मालिक पर 5000 रु का जुर्माना लगाया जाएगा, यदि वही पशु बार-बार घूमता हुआ पाया जाएगा तो उसके मालिक के विरुद्ध सुसंगत धाराओं में केस दर्ज कराया जाएगा।
एडीओ पंचायत कमालगंज व मोहम्दाबाद से स्पष्टीकरण तलब
जिलाधिकारी नें विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान की समीक्षा बैठक ली| समीक्षा में ग्रामीण क्षेत्र में नालियो की सफाई कम पायी गयी| कमालगंज, राजेपुर में नालियों की स्थिति खराब पायी गयी| एडीओ पंचायत कमालगंज व मोहम्दाबाद से स्पष्टीकरण तलब किया गया| जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि जिले के जो भी अधिकारी व कर्मचारी जिस जगह पर तैनात है वही पर निवास करे, ऐसा न करने पर अप्रैल माह का वेतन रोक दिया जायेगा| मुख्य विकास अधिकारी अरविन्द मिश्रा, अपर जिलाधिकारी सुभाष चन्द्र प्रजापति रहे।
गर्मी के बढ़ते मौसम में हीट वेव से करें बचाव
जिलाधिकारी नें जिला आपदा प्रबन्धन प्राधिकरण की अध्यक्षता में हीट वेव से बचाव एवं सूखा न्यूनीकरण व बाढ के संबध में आवश्यक तैयारियों के लिये राजस्व ,स्वास्थ्य विभाग, पशुपालन विभाग, श्रम रोजगार विभाग, शिक्षा विभाग, पंचायतीराज विभाग, नगर निगम विभाग, विद्युत विभाग एवं पुलिस विभाग की बैठक ली |
जिलाधिकारी नें बाढ़ चौकियों पर लगने वाले सभी विभागों के कार्मिको के नाम मोबाइल नम्बर की सूची बनानें, नावों का भौतिक सत्यापन तहसीलदार के माध्यम से करानें, सभी नाव मालिकों व नाविकों के नाम पता और मोबाइल नंबर का सत्यापन करनें , क्षेत्र के सभी गोताखोरों की सूची बनाकर सत्यापन करानें के निर्देश दिये| सभी विभाग 15 मई तक अपनी कार्ययोजना बनाकर उपलब्ध करायें|
जिलाधिकारी द्वारा बताया गया कि गर्मी के बढ़ते मौसम में हीट वेव की स्थिति, शरीर कार्य प्रणाली पर प्रभाव डालती है। अगर प्रभावित व्यक्ति को तत्काल उचित उपचार न मिले तो व्यक्ति की स्थिति गम्भीर हो जाती है। हीट वेव के प्रभावों को कम करने के लिये व्यक्ति को प्यास न लगने पर भी पानी पीते रहना चाहिये, ठंडक प्रदान करने वाले फलों व पेय पदार्थों का सेवन करना चाहिये, तेज धूप होनें पर बाहर न निकलें, अगर बाहर निकलना आवश्यक हो तो छाता, गमछा, पानी की बोतल साथ लेकर चलना चाहिये और उनका प्रयोग करना चाहिये। हीट वेव के दौरान बुजुर्गों, बच्चों और गर्भवती महिलाओं का विशेष ध्यान रखना चाहिये।