गंगा खतरे के निशान से 30 सेंटीमीटर ऊपर, सैलाब से मची त्राहि-त्राहि

FARRUKHABAD NEWS

फर्रुखाबाद:(राजेपुर/नगर संवाददाता) गंगा व रामगंगा अपने रौद रूप में अभी भी हैं| लेकिन गंगा के सैलाब से जनजीवन अधिक प्रभावित है| बीते लगभग एक महीने से अधिक समय से बाढ़ कम होनें का नाम नही ले रहीं | सरकार की बाढ राहत सामग्री नाकाफी साबित हो रही है| जनप्रतिनिधि देखनें नही आये जो आये वह केबल देखनें आये | स्थानीय जनप्रतिनिधियों की तरफ से कोई भी सहयोग बाढ़ पीड़ितों को नही मिला है| जिससे बाढ़ पीड़ितों में रोष है |
तहसील अमृतपुर व विकास खंड राजेपुर के लगभग एक सैकड़ा गाँव सैलाब में समायें हुए है | जब बाढ़ पीड़ितों से बात की तो वह बोले की बाढ़ या मुसीबत चुनाव के समय आया करे जिससे कम से कम चार जनप्रतिनिधि मौके पर फर्जी सहानभूति दिखाते तो है| पिछले विधान सभा चुनाव के समय बाढ़ आयी थी लिहाजा कई जनप्रतिनिधियों नें वोटों के चक्कर में लोगों को राहत सामग्री वितरित की थी लेकिन इस बार वह भी नही वितरित की गयी| फकरपुर मार्ग पर सपा के एक नेता नें फ्री भोजन की व्यवस्था की | लेकिन कुछ ही दिनों में हवा निकल गयी! आनें वाले 2024 व 2027 के लिए टिकट की तैयारी कर रहे नेता बाढ़ पीड़ितों को मुंह दिखानें नही पंहुचे! वर्तमान विधायक सुशील शाक्य नें भी बाढ़ पीड़ितों का दर्द जानना उचित नही समझा है! सांसद मुकेश राजपूत एक बार बाढ़ देखनें के लिए गये| बाढ़ से तहसील अमृतपुर के लगभग एक सैकड़ा गाँव जलमग्न है| कस्बा राजापुर बाजार की सड़क पर 2 फीट पानी है, बदायूं रोड निबिया पर भी पानी की धार चल रही, आवागमन पुलिस द्वारा बंद कर दिया गया है| राजेपुर, भुडिया भेड़ा,सबलपुर, कंचनपुर, शीशराम की मडैया, चित्रकूट, अंबरपुर, गांधी, महमदपुर, हसनपुर,,अलीगढ़, मोतीपुर, भाऊपुर चौरासी, कटरी सुंदरपुर, अतरियापुर, माखन नगला आदि में बाढ़ का पानी भर है| एक महीनें से अधिक से बाढ़ होनें से पशुओं को चारे की समस्या खड़ी हो गई है| ग्रामीण व छत के ऊपर निवास कर रहे हैं| कई गांव में सम्पर्क मार्ग में जल भराव होनें से आवागमन भी बंद हो गया है| राजेपुर विद्युत उपकेन्द्र पर लगभग तीन फिट पानी भरा है| जिससे मशीनें भी पानी में डूबी हैं| जिससे विद्युत आपूर्ति बाधित कर दी गयी है| जिससे अब ना दिन में सुकून मिल रहा है और ना ही ग्रामीणों को रात में ही चैन मिल पा रहा है|
लाखों रूपये की गोभी की फसल तबाह
गंगा खतरे के निशान से तीस सेंटीमीटर ऊपर प्रवाहित हो रहीं है| जिससे सदर तहसील के गाँव नगला वजीर, अमिलापुर , हैबतपुर गढ़िया, सलामत खां आदि सैलाब की चपेट में हैं | इन गाँव में ग्रामीणों नें लाखों की लागत से गोभी की फसल बोई थी लेकिन बाढ नें सैलाब में सब वहा दिया | किसानों की लाखों रूपये की फसल बर्बाद हो गयी| इसके साथ ही मक्का ,तोरई व पालक की फसल भी बर्बाद हुई है|
गंगा व रामगंगा का जल स्तर
गंगा रविवार को खतरे के निशान यानी 137.10 से 30 सेंटी मीटर यानी 137.40 मीटर पर दर्ज की गयीं | बुलंदशहर जनपद के नरौरा बांध से गंगा में 1,81,902 क्यूसेक पानी छोड़ा गया| वहीं राम गंगा 136,55 पर मीटर पर दर्ज की गयीं | उत्तराखंड के खो, हरेली व रामनगर बैराज से रामगंगा में 10,602 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है|