5 सेंटीमीटर और बढ़ीं गंगा, रामगंगा स्थिर

FARRUKHABAD NEWS

फर्रुखाबाद:(जेएनआई ब्यूरो) शुक्रवार को गंगा में 5 सेंटी मीटर का फिर उफान आ गया | वहीं राम गंगा बीते 24 घंटे से स्थिर है|
गंगा और रामगंगा के सैलाब में निचला इलाका समाया हुआ है| ग्रामीण सड़क पर रहनें को मजबूर है| प्रशासन की राहत सामग्री भी नाकाफी साबित हो रही है| उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश में एक माह से भीषण बारिश के चलते गंगा की स्थिति बेहद खराब हो रही है। वर्ष अगस्त 2010 में केदारनाथ आपदा के वक्त सबसे अधिक बाढ़ आयी थी लेकिन वह बाढ भी लगभग आठ दिन में खत्म हो गयी लेकिन इस बाद एक महीने से लगातार बाढ़ का पानी गांवों में घुसा हुआ है| जिससे ग्रामीणों की समस्या बढनें लगी है| तहसील अमृतपुर के गौटिया से इमादपुर सोमवंशी को जाने वाले पूरे मार्ग पर पानी बहने लगा है।नदियों का जलस्तर बढ़ने से मोकलपुर, विरसिंहपुर, अलादपुर भटौली, बेचेपट्टी, कोलासोता, हीरानगर, गुलरिया, गुड़ेरा, अमैयापुर, महोलिया,खरगपुर, खंडोली, सीढेचकरपुर, निसवी, राई, नहरैया आदि लगभग 40 गांव के पास पानी पहुंच गया है। अलहादपुर भटौली में रामगंगा तेजी से कटान कर रही है। इससे पूरा गांव खतरे के साये में है|
गंगा-रामगंगा का जलस्तर
बीते दिन गंगा का जल स्तर 137.35 मीटर दर्ज किया गया| जो शुक्रवार शाम 4 बजे तक 137.40 मीटर तक पंहुच गया| बीते 24 घंटे में गंगा का जल स्तर 5 सेंटी मीटर बढ़ गया| गंगा खतरे के निशान 137.10 मीटर से 30 सेंटीमीटर ऊपर प्रवाहित हो रहीं है| शुक्रवार को गंगा में नरौरा बैराज से 317158 क्यूसेक पानी छोड़ा गया | वहीं रामगंगा नदी बीते दिन 136.70 पर दर्ज की गयी थी जो शुक्रवार को 136.70 पर ही स्थिर रही | उत्तराखंड के खो, हरेली व रामनगर बैराज से रामगंगा में 16467 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है|
डीएम नें लिया बाढ़ ग्रस्त क्षेत्र का जायजा
जिलाधिकारी संजय कुमार सिंह व तहसीलदार सदर श्रद्धा पाण्डेय नें तहसील सदर के विकास खंड कमालगंज के बाढ़ ग्रस्त ग्राम चाचूपुर का निरी क्षण किया | उन्होंने बाढ़ के हालात देखे और ग्रामीणों को बाढ से बचाव के लिए जागरूक किया |