चार पैर, चार हाथ और दो लिंग वाले बच्चे का जन्म, भीड़ उमड़ी

FARRUKHABAD NEWS सामाजिक


औरैया: फफूंद थाना क्षेत्र के ग्राम फूटाताल में महिला ने विचित्र बच्चे को जन्म दिया तो ग्रामीणों की भीड़ लग गई। चार पैर और चार हाथ होने से ग्रामीणों के बीच बच्चा कौतूहल का विषय बना रहा। अंधविश्वास के चलते कुछ ग्रामीणों ने पुष्प आदि अर्पित करके उसकी पूजा-अर्चना शुरू कर दी। हालांकि दस मिनट के अंदर बच्चे की मौत हो गई। दोपहर बाद तक आसपास के गांवों से उसे देखने के लिए लोगों का तांता लगा रहा।
विकृत काया वाला बच्चा देख घबराए अस्पताल कर्मी
फूटेताल ग्राम निवासी भूरे दिवाकर की पत्नी अलका गर्भवती थी। रविवार को उसे प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। भूरे ने उसे गांव के पास ही एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया। रात में अलका ने बालक को जन्म दिया। बच्चे की विचित्र काया देखकर अस्पताल का स्टॉफ घबरा गया और बाहर आकर भूरे को जानकारी दी। बच्चे के चार पैर, चार हाथ और दो लिंग थे, जबकि विकृत एक सिर था। जन्म के दस मिनट बाद ही बच्चे ने दम तोड़ दिया।
अंधविश्वास में शुरू कर दिया पूजन
भूरे मृत बच्चे को लेकर गांव पहुंचा तो ग्रामीणों को जानकारी हुई। विकृत काया वाला बालक ग्रामीणों के बीच कौतूहल का विषय बन गया। कुछ महिलाओं और ग्रामीणों ने अंधविश्वास में आकर फूल चढ़ाने शुरू कर दिये और अगरबत्ती जलाकर पूजन किया। सुबह विचित्र बच्चे के जन्म की बात आसपास के गांवों तक पहुंची तो उसे देखने के लिए लोगों को तांता लग गया। दोपहर तक बच्चे को देखने के लिए लोगों की भीड़ लगी रही। ग्रामीणों ने बताया कि भूरे दिवाकर की दो पुत्रियां और एक पुत्र पहले से है।
डॉक्टरों ने कही ये बात
विचित्र बच्चे के बारे में डॉक्टरों का कहना है कि कोई कौतूहल वाली बात नहीं है। संभव है कि महिला के गर्भ में जुड़वा बच्चे पल रहे हों और उनका पूर्ण विकास नहीं पाया हो। इसलिए एक शरीर में चार हाथ, चार पैर और दो लिंग बन गए हों। पहले भी अक्सर इस तरह के बच्चों का जन्म हुआ है। अक्सर दो बच्चे आपस में जुड़े हुए भी पैदा हुए हैं। पूर्ण विकास न हो पाने की वजह से जन्म लेते ही नवजात की मौत संभव है।