खाकी हुई दागदार: किडनैप कर फिरौती की मांग करने वाला दारोगा गिरफ्तार

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लखनऊ||  उत्‍तरप्रदेश पुलिस पर हमेशा से सवालिया निशान उठते आये हैं। चाहें वह कुछ माह पूर्व लखनऊ के चिनहट थाने में तैनात एक सिपाही पर थाने परिसर के अंदर बने कमरे में युवती के साथ बलात्‍कार करने की कोशिश हो या फिर लखनऊ में हुए चर्चित सरार्फा व्‍यवसायी रितु शर्मा हत्‍या काण्‍ड के बाद शव को ऑटो में बेरहमी से लाद कर ले जाने का मामला हो यूपी पुलिस के दामन पर कई बार दाग लगें हैं तो कई बार बदनामी की छिटें उछली हैं।

ऐसा ही एक मामला शुक्रवार को प्रदेश की राजधानी में सामने आया जिससे एक बार फिर खाकी दागदार हुई। कानपुर में तैनात दारोगा कुशलपाल सिंह ने सरकारी पिस्टल और वर्दी की हनक के बलबूते बदमाशों की तरह किराए की मार्शल जीप से लखनऊ शहर से दो युवकों को अगवा कर लिया। खुद को ग्वालियर एसटीएफ की टीम का सदस्य बताकर दोनों युवकों को कानपुर के एक मुकदमे में फंसाने की धमकी देकर एक युवक के पिता से 20 हजार रुपये वसूले और दूसरे के पिता से 50 हजार रुपयों की मांग कर रहा था।

पीडि़त परिवार ने जनपद लखनऊ के गुडम्बा पुलिस से शिकायत की तो आरोपी दारोगा व उसके साथी पकड़े गए। एसओ गुडम्बा के मुताबिक ग्राम कूरी, मुरादाबाद निवासी दारोगा कुशपाल, लाजपतनगर कानपुर निवासी राजीव पाठक, त्रिवेणीनगर अलीगंज निवासी सुशील, ग्राम बस्ती बाराबंकी निवासी रामदुलारे यादव व ग्राम कठौनी हरदोई निवासी रामचंदर को डालीगंज रेलवे क्रासिंग के पास से गिरफ्तार किया गया है। कुशलपाल ने गुरुवार को कपूरथला से बाराबंकी निवासी राममिलन के बेटे रवी व गुडम्बा क्षेत्र से प्रगति विहार, कल्याणपुर निवासी हरीराम भारद्वाज के बेटे विवेक को अगवा कर लिया था।

कुशलपाल ने खुद को एसटीएफ ग्वालियर में तैनात बताकर दोनों युवकों को धमकाया था। फिर कानपुर के बर्रा थाने में दर्ज साइबर अपराध के एक मुकदमे में फंसाने की धमकी देकर रवी के पिता से 20 हजार रुपये वसूल लिए पर रवि को छोड़ा नहीं। प्रशासनिक सेवाओं की तैयारी कर रहे रवि के पिता की कपूरथला के पास दुकान है। कुशलपाल ने इसी तरह विवेक के पिता से 50 हजार रुपये की मांग कर रहा था। वह विवेक के घर वालों को रुपये लेकर डालीगंज स्थित एक पेट्रोल पंप पर बुला रहा था।

विवेक के पिता ने शुक्रवार को गुडम्बा थाने में जब इसकी शिकायत की तब पुलिस चौकन्नी हुई। सर्विलांस व क्राइम ब्रांच की मदद से पुलिस ने मामले की छानबीन शुरू की और दारोगा व उसके साथियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने उसके कब्जे से रवि व विवेक को भी सकुशल मुक्त करा लिया। कुशलपाल ने घटना के लिए सुशील की मार्शल किराये पर ली थी। सुशील, चालक रामदुलारे, रामचंद व राजीव लगातार कुशलपाल के साथ थे। राजीव दारोगा का करीबी है और कानपुर से उसके साथ आया था।

उसके कब्जे से 20 हजार रुपये, सरकारी पिस्टल व तीन हथकड़ी बरामद की हैं। दोनों युवकों को वांछित बता रहा था दारोगा कुशलपाल ने पकड़े जाने पर उल्टा लखनऊ पुलिस को रौब में लेने का प्रयास किया। कानपुर के बर्रा थाने में दर्ज धोखाधड़ी व साइबर अपराध के एक मुकदमे की छायाप्रति देकर उसने दावा किया कि वह इसकी विवेचना कर रहा है।