यूपी : सरकारी कर्मचारियों को झटका- बिजली बिल नहीं दिया तो होगा वेतन बंद

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Electric Meterलखनऊ : सूबे में सरकारी आवास में बेपरवाही से बिजली खर्च करने वाले अधिकारी व कर्मचारी अब सावधान हो जाएं। उन्हें न केवल मीटर के जरिए ही बिजली मिलेगी बल्कि समय से बिल का भुगतान सुनिश्चित करना होगा। तबादले पर भी वे बिल अदा करने से नहीं बच सकेंगे। अब उन्हें एलपीसी तभी मिलेगी जब उन्होंने बिजली के पूरे बिल की अदायगी कर दी होगी।

गौरतलब है प्रदेश् में बड़ी संख्या में विभिन्न श्रेणियों के सरकारी आवास में अधिकारी-कर्मचारी रहते हैं। वैसे तो दायित्व है कि वे सरकारी आवास में उपभोग की गई बिजली के बिल का भुगतान समय से करें लेकिन अक्सर ऐसा हो नहीं रहा है। सरकार का खुद ही मानना है कि कालोनियों में रहने वाले ज्यादातर अधिकारी-कर्मचारी समय से विद्युत बिलों का भुगतान नहीं करते हैं। ज्यादातर आवासों में बिना मीटर के ही बिजली ली जा रही है। बिजली का दुरुपयोग होने से यूपी पावर कारपोरेशन को वित्ताीय क्षति भी हो रही है।

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ऐसे में मुख्य सचिव जावेद उस्मानी ने ही मंडलायुक्तों व जिलाधिकारियों को निर्देश दिया है कि 31 मई तक प्रदेश के सरकारी आवास में बिजली की आपूर्ति, विद्युत मीटर के माध्यम से ही होना सुनिश्चित किया जाए। इसके लिए जिले या तहसील स्तर तक पर पावर कारपोरेशन के अधिकारियों व प्रशासनिक अधिकारियों की संयुक्त टीम गठित करने के निर्देश हैं। टीम को सरकारी आवासों में मीटर के साथ ही उनमें रहने वाले अधिकारी-कर्मचारी के समय से बिजली के बिल की अदायगी भी सुनिश्चित करनी होगी।

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खास बात यह है कि तबादला होने पर भी अब कोई अधिकारी-कर्मचारी बिजली का बिल अदा करने से नहीं बच सकेगा। मुख्य सचिव ने ऐसी व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं कि तबादला होने पर किसी भी अधिकारी-कर्मचारी को तभी एलपीसी मिलेगी जब वह विद्युत विभाग के संबंधित अधिकारी से बिजली के कुल बिल के भुगतान का अनापत्तिप्रमाण पत्र (एनओसी) ले लेगा। विदित हो कि स्थानांतरित सरकारीकर्मियों को नई तैनाती पर एलपीसी के बिना वेतन नहीं मिल सकता है। उक्त निर्देशों के अनुपालन में हीला-हवाली न हो सके इसके लिए सभी को तय प्रारूप पर एडीएम के माध्यम से प्रतिमाह शासन को प्रगति रिपोर्ट भेजने की भी हिदायत दी गई है।

‘सरकारी कर्मियों का हो अनुकरणीय आचरण’ : विद्युत अधिनियम व इलेक्ट्रिक सप्लाई कोड के तहत बिना मीटर के बिजली लेने को विद्युत चोरी के साथ ही दण्डनीय बताते हुए मुख्य सचिव ने सरकारी कर्मियों को नसीहत दी है कि वे शासकीय नियमों का पालन करें। उनका आचरण ऐसा हो जिससे समाज में सकारात्मक संदेश जाए। उनका आचरण समाज के लिए अनुकरणीय हो। मुख्य सचिव का मानना है कि अभी वो सरकारी आवासों में जिस तरह से बिजली ले रहे हैं उससे जनता में सरकारीकर्मियों के आचरण के संबंध में गलत संदेश जा रहा है जो कि कतई उचित नहीं है।