बजट LIVE: शि‍क्षा के लि‍ए सबसे ज्‍यादा 32 हजार करोड़ दि‍ए

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Akhilesh Budgetलखनऊ. यूपी सरकार ने 2 लाख 15 हजार 919 करोड़ रुपए का 2013-14 का यूपी का बजट पेश किया। खुद सीएम अखिलेश ने वित्‍त मंत्री के तौर पर बजट विधानसभा में पेश किया। मुख्‍य विपक्षी दल बसपा ने प्रदेश सरकार के बजट का बहिष्‍कार किया।

वहीं विपक्ष ने सरकार पर आरोप लगाया है कि पिछले बजट की 45 फीसदी राशि भी खर्च नहीं हुई है तो दूसरा बजट क्यों। कृषि में सिर्फ 26 फीसदी राशि खर्च हुई है। पंचायती राज (36.55), शहरी विकास (38.21), डेयरी (12 फीसदी), सार्वजनिक स्वास्थ्य (34 फीसदी), पर्यटन (12 फीसदी), प्रावधिक शिक्षा (23), उच्च शिक्षा (13), पशुधन विकास (36 फीसदी), माध्यमिक शिक्षा (11 फीसदी), ग्रामीण विकास (35 फीसदी) ही खर्च हो पाई है। वि‍पक्ष के आरोपों के चलते बजट सत्र हंगामाखेज होने के आसार हैं।
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विपक्ष के अनुसार यूपी सरकार ने अनुपूरक बजट में हजारों करोड़ रुपए पास कराए लेकिन वह भी खर्च नहीं कर सकी। अब 2013-14 का बजट पिछले साल से करीब 10 फीसदी ज्‍यादा का रखा गया है। सरकार इसे खर्च कैसे करेगी? यूपी में राजकोषीय घाटा बढ़कर 24 हजार करोड़ रुपए हुआ। यह जीडीपी का करीब तीन फीसदी है।

अखिलेश सरकार ने 2013-14 के बजट में विकास और इंफ्रास्‍ट्रक्‍चर (कृषि, सिंचाई, सड़क आदि) के लिए 26 हजार 641 करोड़ रुपए से ज्‍यादा दिए गए। यह पिछले साल से 25 फीसदी ज्‍यादा है। वहीं कृषि 17 हजार 174 करोड़ दिए गए, जो पिछले बजट से करीब तीन गुना ज्‍यादा है। शिक्षा के लिए सरकार ने 32 हजार 886 करोड़ रुपए रखे हैं, वहीं चिकित्‍सा के लिए 10 हजार 645 करोड़ रुपए दिए गए हैं। अनुसूचित जाति, जनजाति, पिछड़ा वर्ग कल्‍याण योजनाओं के लिए 30 हजार 292 करोड़ रुपए दिए गए। यूपी में लखनऊ को नई मेट्रो की सौगात दी गई। छात्राओं को डिग्री स्‍तर तक मुफ्त शिक्षा का प्राविधान। कम साक्षरता वाले 36 जिलों में सरकार कॉलेज खुलेंगे। 2100 गांवों को संपर्क मार्ग से जोड़ा जाएगा।
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यूपी सरकार ने ऐलान किया कि लखनऊ के लौरेटो कान्‍वेंट के पास फ्लाईओवर बनेगा, आईएएस अफसरों के लिए नई अकादमी खुलेगी। लखीमपुर, आजमगढ़ में कृषि विश्‍वविद्यालय खुलेंगे। इलाहाबाद और सिद्धार्थनगर में दो नए विश्‍वविद्यालय खोले जाएंगे।

पूर्वांचल के 27 जिलों के विकास के लिए 100 करोड़ रुपए, बुंदेलखंड के लिए 109 करोड़ रुपए। 21 करोड़ रुपए गन्‍ना मूल्‍य भुगतान के लिए, सौर ऊर्जा मोटर चालित रिक्‍शा योजना के लिए 400 करोड़ रुपए, हमारी बेटी उसका कल योजना के लिए 350 करोड़ रुपए, किसानों को ॠण माफी के लिए 750 करोड़ रुपए, निराश्रित विधवाओं के लिए 608 करोड़ रुपए, अधिवक्‍ताओं के लिए 40 करोड़ की विशेष निधि, वृद्धावस्‍था पेंशन के लिए 1683 रुपए, बेरोजगारी भत्‍ते के लिए 1200 करोड़ रुपए, सिंचाई के लिए 761 करोड़ रुपए, गरीब आवासों के लिए 400 करोड़ रुपए। कब्रिस्‍तानों की बाउंड्री के लिए 400 करोड़ रुपए। अल्‍पसंख्‍यक बाहुल्‍य इलाकों के लिए 375 करोड़ रुपए। मदरसों के लिए 200 करोड़ रुपए।
हालांकि प्रदेश सरकार लगातार घाटे में चल रही है। इसका कारण गैर जरूरी खर्चों में कमी न करना और आय बढ़ाने के साधनों को न बढ़ाना है। अखि‍लेश सरकार में भी इन बिंदुओं पर अभी तक कोई ध्‍यान नहीं दि‍या गया है। इस बार के बजट में, जैसा कि सरकार के सूत्र कह रहे हैं, कोई नया टैक्‍स नहीं लगेगा। लेकिन सबसे खास बात यह है कि इस बजट में लोकसभा चुनावों की तैयारी की धमक साफ देखी जा सकती है। पार्टी सूत्रों के मुताबि‍क पार्टी के घोषणा पत्र में जो मुद्दे थे, सरकार उन्‍हीं को वि‍स्‍तार देने जा रही है। पि‍छले बजट की योजनाओं के लि‍ए जो धन दि‍या गया था, उसे बढ़ाया जा सकता है। वोट बैंक के नजरिए से नौजवान, किसान तथा मुसलमान को खास तवज्जो दी जा सकती है।
इसके अलावा सूबे को बि‍जली संकट से बाहर नि‍कालने के लि‍ए ऊर्जा क्षेत्र को खास तवज्‍जो मि‍लने की उम्‍मीद है। बि‍जली उत्‍पादन बढ़ाने के साथ ही वि‍तरण, पारेषण में भी बड़े पैमाने पर काम के लि‍ए अधि‍क धनराशि दी जा रही है। बि‍जली घरों का उत्‍पादन बढ़ाने के लि‍ए उत्‍पादन नि‍गम का बजट प्रावधान डेढ़ हजार करोड़ रुपये से ज्‍यादा होने का अनुमान है। पारेषण को बेहतर करने के लि‍ए 13 सौ करोड़ रुपये, वि‍तरण संबंधी कार्यों के लि‍ए 14 सौ करोड़ रुपये, कृषि क्षेत्र को बि‍जली के स्‍वतंत्र फीडर के लि‍ए 15 सौ करोड़ रुपये राजीव गांधी ग्रामीण वि‍द्युतीकरण योजना के लि‍ए 117 करोड़ रुपये, राम मनोहर लोहि‍या समग्र ग्राम वि‍कास योजना के तहत वि‍द्युतीकरण के लि‍ए 371 करोड़ रुपये की व्‍यवस्‍था होने का अनुमान है। पारेषण नेटवर्क को बढ़ाने के लि‍ए 5 हजार करोड़ रुपये से ज्‍यादा के काम प्रस्‍तावि‍त कि‍ए जा सकते हैं। गांव में सस्‍ती बि‍जली देने के ऐवज में सरकार इस बार 48 सौ करोड़ रुपये ऊर्जा नि‍गम को बतौर क्षति‍पूर्ति दे सकती है।