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बूथ लुटेरों पर लगा गैंगेस्टर

फर्रुखाबाद: पंचायत चुनाव के मतदान में गड़बड़ी करने वालों पर पुलिस ने कहर ढहाना शुरू कर दिया है| ३ ग्रामीण घटना के बाद से फरार हो गए हैं| जिनको पुलिस सरगर्मी से तलाश कर रही है|

प्रथम चरण के मतदान के दौरान ब्लाक बढपुर थाना मऊदरवाजा के ग्राम हैवतपुर गढ़िया एवं बाबरपुर तथा ब्लाक व् थाना कमालगंज के ग्रामीणों ने चुनाव मतदान में गड़बड़ी फैलाकर बूथ लूटने का प्रयास किया था| थाना मऊदरवाजा पुलिस ने आज ग्राम हैवतपुर गढ़िया के जीतेन्द्र, सुशील, उमेश बाबरपुर के जावेद, अकील, शालू पर आज गैंगेस्टर तामील करा दिया| पुलिस ग्राम हैवतपुर गढ़िया के फरार अभियुक्त हरीराम, भूरेलाल को तलाश कर रही है|

उधर थाना कमालगंज पुलिस ने ग्राम भुलानपुर चिल्सरा के शीशराम, हरनाथ देवराम गढ़िया के राशिद आजाद नगर भटपुरा के बाबू दीन, इरशाद अली, कालाझाला के राजपाल तथा कोतवाली फतेहगढ़ के मोहल्ला सिविल लाइन निवासी खालिद उर्फ़ रज्जू पर गैंगेस्टर लागू कर दिया | यह सभी आरोपी जिला जेल में पुलिस ने चुनाव आयोग को संतुस्ट करने के लिए चुनाव मतदान में गड़बड़ी मचाने वालों के विरुद्ध तत्परता से गैंगेस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की है | पुलिस यह भी सन्देश देना चाहती है की जो व्यक्ति अब चुनाव मतदान के दौरान ज़रा सी भी गड़बड़ी करेगा उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जायेगी |

महंगी शिक्षा के खिलाफ सपा का अभियान

लखनऊ|| महंगाई के बीच अभिभावकों की कमर तोड़ रही महंगी शिक्षा के खिलाफ अब समाजवादी पार्टी ने बिगुल फूंक दिया है। उत्तर प्रदेश के प्रमुख विपक्षी दल सपा के प्रदेश अध्यक्ष अखिलेश यादव ने मायावती सरकार पर शिक्षा का व्यावसायीकरण कर इसे महंगी करने का आरोप लगाते हुए कहा कि महंगी शिक्षा के खिलाफ पार्टी 26 अक्टूबर से प्रदेशभर में अभियान चलाएगी।

यादव ने रविवार को पार्टी के प्रदेश मुख्यालय पर आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि राज्य सरकार की नीति शिक्षा का व्यावसायीकरण करके गरीब छात्रों को उच्च शिक्षा के वंचित रखने की है। इस षडयंत्र में केंद्र सरकार भी उसके साथ शामिल है। उन्होंने कहा कि विश्व विद्यालयों में उच्च शिक्षा के विभिन्न पाठ्यक्रमों की फीस 100 फीसदी बढ़ गई है। निजी विश्वविद्यालय मनमाने ढंग से फीस वसूल रहे हैं। सरकार का उन पर कोई नियंत्रण नहीं है। ऐसे में गरीब और पिछड़े तबके के छात्र भला कैसे उच्च शिक्षण संस्थानों में पढ़ पाएंगे।

यादव ने कहा कि बहुजन समाज पार्टी (बसपा) सरकार ने अनगिनत निजी संस्थाओं से धन वसूली करके मानकों की अनदेखी कर उन्हें उच्च शिक्षण संस्थान खोलने की मान्यता दी है, जिससे पूरा प्रदेश शिक्षा की मंडी में तब्दील हो गया है। निजी संस्थाएं छात्रों से मनमानी वसूली कर रही हैं।

यादव ने कहा कि महंगी शिक्षा के खिलाफ समाजवादी छात्र सभा की अगुवई में लोहिया वाहिनी, समाजवादी युवजन सभा और यूथ ब्रिगेड 26 अक्टूबर से 1 नवंबर तक प्रदेश भर में सघन अभियान चलाएगी।

चुनावी गुंडई की हद: माँ-बेटे पर हमला

फर्रुखाबाद: मतदान हो जाने के बाबजूद भी पंचायत चुनाव की रंजिश थम नहीं रही है| लोग वोट न देने की रंजिश में विरोधियों पर हमला करने से कतई चूक नहीं रहे हैं|

पंचायत चुनाव में वोट न देने से गुस्साए प्रत्याशी व् उनके समर्थकों के सीनों में रंजिश की ज्वाला धधक रही है| इसी रंजिश के चलते थाना राजेपुर के ग्राम डबरी निवासी मगनलाल लोधे राजपूत के पुत्र मनोज को लाठी डंडो से बुरी तरह पीटा गया| मनोज को बचाने जब उनकी माँ अन्नपूर्णा गईं तो हमलावरों ने उन्हें भी नहीं बख्सा|

मगनलाल घायल बेटे व् पत्नी को लेकर लोहिया अस्पताल पहुंचे| अन्नपूर्णा ने बताया कि आगन में पानी फ़ैल जाने पर पड़ोसी रामफेरे गली देने लगा| बेटे मनोज ने जब विरोध किया तो रामफेरे, धर्मेन्द्र, लालमन व भगवान स्वरुप ने उसके ऊपर हमला बोल दिया| बेटे को बचाने का प्रयास करने पर मेरी भी पिटाई कर दी गयी|

अन्नपूर्णा ने बताया कि पंचायत चुनाव में हमलोगों ने अपने जेठ जगराम को वोट दिए जबकि हमलावरों ने प्रधान माल्ती के प्रधान पद के प्रत्याशी पति यूधिष्टिर की पैरवी की| पानी फैलना तो बहाना था यूधिष्टिर ने अपनी रंजिश निकालने के लिए हमला करवा दिया|

एसओ सुजीत दुबे ने बताया कि हमलावर रामफेरे आदि के विरुद्ध सूचना दर्ज कराई गयी है|

खाकी का कहर: महंगी पड़ी विधायक की सिफारिश

फर्रुखाबाद: बसपा सरकार में ठीक उल्टा हो रहा है पावर होने के कारण विधायकों पर पुलिस भारी पड़ रही है|

जिले की थाना मऊदरवाजा पुलिस ने विधायक की सिफारिश से खिसियाकर हिरासत में लिए गए लोगों को छोंड़ने के बजाय उन्हें संगीन धाराओं में जेल भेज दिया| पुलिस ने नगर के मोहल्ला बजरिया निहाल्चंद्र निवासी बंटी गुप्ता तथा बजरिया हरलाल निवासी राजेश उर्फ़ राजा की जुएँ में गिरफ्तारी के दौरान ११० -११० ग्राम नशीला पाउडर की बरामदगी दर्शाई|

पुलिस ने आरोपियों का लोहिया अस्पताल में डाक्टरी परीक्षण कराया| हलवाई बंटी ने बताया कि आज मेरे छोटे भाई मुकेश के बेटे का जन्मदिन है| बीते दिन मै अपने दोस्त को दावत देने गया था तभी पुलिस पकड़कर थाने ले गयी| मेरी पैरवी में माँ एमएलसी मनोज अग्रवाल से मिली| मनोज ने थाना फोन करने के बाद माँ को मुझे लाने के लिए थाने भेजा इसी दौरान एसओ कमरुल हसन खान ने जुएँ के अलावा नशीला पाउडर भी लगा दिया|

पीड़ित बंटी ने बताया कि पुलिस ने मेरे पास तलाशी में निकले ५ हजार रुपये हड़प लिए| राजा ने बताया कि मेरे पास ४८०० रुपये थे पुलिस ने उन रुपयों की बरामदगी नहीं दिखाई|

सेन्ट्रल जेल में पथराव, कैदी घायल

फर्रुखाबाद: दवंग लोग चाहे जैसी परिस्थित में कहीं भी रहें परन्तु वह अपनी गुंडागर्दी से बाज नहीं आते है| दबंग कैदियों ने बीती रात केंद्रीय कारागार फतेहगढ़ में इसी कारनामे को कर दिखाया|

सेन्ट्रल जेल के दवंग कैदियों ने बीती रात पथराव करके कैदी राजेश उर्फ़ सिपाही को गंभीर रूप से घायल कर दिया| जेल के बंदी रक्षक इस्लाम व् सुनील ने सुबह ५ बजे घायल राजेश को लोहिया अस्पताल पहुंचाया| जिला हरदोई थाना लोनार के ग्राम गिन्दौली गोपाल निवासी राजेश ने बताया कि वह बीती रात बैरंक नंबर ७ में सो रहा था| रात ३ बजे बैरक के ही बंदी भैयालाल कल्लू व् नरेन्द्र ने मार डालने के लिए जबरदस्त पथराव किया|

जब मैंने जान बचाने के लिए शोर मचाया तो अन्य कैदियों ने नरेन्द्र भैयालाल को पकड़ लिया| भैयालाल की रात २ से ४ तथा नरेन्द्र की ४ से ६ बजे तक पहरा ड्यूटी थी| हरदोई जिले के रहने वाले इन कैदियों को आजीवन कारावास की सजा हुयी है जो हमसे पहले से यहाँ बंद हैं| दुष्कर्म के मुकद्दमे में १० वर्ष की सजा काटने वाले राजेश ने बताया कि मै यहाँ सन २००६ से बंद हूँ| राजेश ने बताया कि मेरी भंडारे में ड्यूटी लगी है एक ही इलाके के होने के कारण तीनो हमलावरों का बैरक में दवदवा है| जब मेरे ऊपर हमला हुआ उस समय बंदी रक्षक सो रहे थे|

घायल कैदी की सुरक्षा में लगे बंदी रक्षक हमले के बारे में कोई जानकारी नहीं दे सके| वह सरकारी रायफलों को डंडे की तरह दीवार से टिकाकर मौज मस्ती कर रहे थे|

लताड़े गए जेल अधिकारी

फर्रुखाबाद: केंद्रीय कारागार में कैदी राजेश उर्फ़ सिपाही के घायल होने तथा लोहिया अस्पताल में भर्ती कराये जाने की घटना को छिपाए जाने के कारण जेल अधिकारियों को डांट कहानी पडी|

मीडिया में खबर आने के बाद प्रदेश के आला अधिकारियों ने जिले के अधिकारियों से जानकारी माँगी तब प्रशासनिक अधिकारियों में हडकंप मच गया| जिला अधिकारी के धन लक्ष्मी व् पुलिस अधीक्षक अखिलेश कुमार ने सायं जिला कारागार जाकर घटना की जानकारी की|

कोतवाली फतेहगढ़ के इन्स्पेक्टर बीके मिश्रा ने लोहिया अस्पताल जाकर कैदी का डाक्टरी परीक्षण करने वाले डाक्टर शर्मा से जानकारी की| डाक्टर शर्मा ने पुलिस को बताया की कैदी के सिर में अंदरूनी चोट लगी है जिसके कारण उसे भर्ती किया गया है| कैदी का एक्स-रे करने के लिए लिखा गया रविवार होने के कारण आज उसका एक्स-रे नहीं हो पाया|

इन्स्पेक्टर श्री मिश्र ने बताया कि यदि जेल अधिकारी रिपोर्ट की तहरीर देंगे तो रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई की जायेगी|

केवल अनुशासन से ही नहीं संवरता बचपन

बड़ी उम्र में होने पर बचपन अच्छा लगता है, किंतु यदि किसी बच्चे से पूछा जाए तो वह बचपन को कैद खाना ही बताएगा। बच्चे जब बड़े लोगों को स्वंतत्र जीवन जीते हुए देखते हैं तो उन्हें लगता है कब बचपन खत्म होगा और हम बड़े होंगे। बच्चों को सिखाने के चक्कर में कभी-कभी अत्यधिक अनुशासन लाद दिया जाता है।

बच्चों को लगता है ये न करो, वो न करो की टोका-टोकी के अलावा बचपन और कुछ नहीं होता। दरअसल बड़े लोगों को बाल दिवस की सही ट्रेनिंग लेना होगी। बाल मन के मनोविज्ञान को समझना भी एक तपस्या है। श्रीराम बचपन में गुमसुम रहते थे। स्थिति यहां तक पहुंच गई थी कि वे गहरे मौन में उतर गए थे। गंभीर तो वे थे ही दशरथजी को लगने लगा था राम राजकुमार हैं और इनके भीतर बालपन में ही जो वैराग्य भाव जागा है ये ठीक नहीं है। इसलिए उन्होंने श्रीराम को वशिष्ठजी के पास भेजा तथा गुरु वशिष्ठ ने राम के बाल मनोविज्ञान को समझते हुए जो ज्ञान उन्हें दिया उसे योग वशिष्ठ के नाम से जाना जाता है। श्रीकृष्ण के जीवन में एक घटना आती है। जब उन्होंने इन्द्र की पूजा का विरोध किया था तो उस समय सभी ने इसे बालक का हठ समझा था लेकिन मां यशोदा ने उनका मनोवैज्ञानिक विशषण किया और श्रीकृष्ण के पक्ष में खड़ी हो गईं। वे जानती थीं कि बच्चों का मनोबल कभी-कभी सत्य के अत्यधिक निकट पहुंच जाता है।

बचपन ईसामसीह का हो या मोहम्मद का या ध्रुव प्रहलाद का। इनके लालन-पालन करने वाले लोग यह समझ गए थे कि जीवन हमेशा विरोधाभास या जिसे कहें कॅन्ट्रास्ट में ही उजागर होता है। जैसे बच्चों को ब्लेक बोर्ड पर सफेद चोक से लिखकर पढ़ाया जाता है ये पूरे जीवन का प्रतीक है। काला है तो सफेद दिखेगा। ऐसे ही शरीर में आत्मा प्रकट होगी, शून्य से संगीत आएगा, अंधेरे में से ही प्रकाश निकल आएगा। बचपन से ही पूरे जीवन की तैयारी निकलकर आएगी।

नाम नहीं लिख पाए बाल सदन के बच्चे

आगरा: बाल सदन के अनाथ बच्चों को महात्मा गांधी, जवाहर लाल नेहरू और अंबेडकर जैसे महापुरुषों की जानकारी नहीं है। गिनती और ककहरा तक उन्हें ठीक से नहीं आता। शनिवार को राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग के रजिस्ट्रार ने बच्चों की शिक्षा व्यवस्था में बरती जा रही लापरवाही पर अधीक्षिका को आड़े हाथ लिया।

रजिस्ट्रार बीके साहू और बाल कल्याण समिति की अध्यक्ष श्रीमती कमलेश ने बच्चों से एकांत में मुलाकात की। उन्होंने बच्चों से खानपान, साफ सफाई, पढ़ाई लिखाई और स्वास्थ्य संबंधी सुविधाओं की जानकारी ली। तमाम बच्चे एबीसीडी नहीं सुना पाए, तो तमाम अपना नाम तक नहीं लिख सके। रजिस्ट्रार ने बाल सदन के दस्तावेजों, खानपान और अन्य सुविधाओं की जांच की।

इस मौके पर सिटी मजिस्ट्रेट चंद्रशेखर, जिला प्रोबेशन अधिकारी दिलीप कुमार, सदन की अधीक्षिका रेनू बाला समेत तमाम कर्मचारी मौजूद थे।

चुलबुल पांडे, पहुंच गए हवालात

इलाहबाद|| उत्तर प्रदेश के इलाहबाद में एक युवक को दबंग में सलमान खान के किरदार चुलबुल पांडे की नकल करना भारी पड़ गया। जनाव चुलबुल पांडे बनकर झाड़ रहे थे रौब लेकिन चढ़ गए असली पुलिस वालों के हत्थे।

इलाहबाद में संजय नाम के युवक ने पुलिस की वर्दी खरीदी और बन गया चुलबुल पांडे। उसने एक पुलिस का फर्जी आई कार्ड भी बनाया और रौब झाड़ने के लिए तमाम बड़े पुलिस अधिकारियों के नंबर भी अपनी डायरी में लिख लिए।

चुलबुल पांडे बने संजय की पोल एक चाय की दुकान वाले ने खोल दी। वर्दी पहनकर चुलबुल ने चाय तो पी ली लेकिन पैसे देने की बात पर रौब झाड़ने लगा। इस पर चाय वाले ने असली पुलिस बुला ली और चुलबुल को गिरफ्तार कर लिया गया।

पुलिस हिरासत में संजय ने बताया कि वो दबंग में सलमान खान के किरदार से प्रभावित होकर पुलिस की वर्दी का रौब झाड़ रहा था। उसे अपनी गलती का कोई अहसास भी नहीं हुआ। उसका कहना है कि वो हमेशा से ही पुलिस वाला बनना चाहता था। फिलहाल चुलबुल बना संजय हवालात की हवा खा रहा है।

बढ़ रही हैं बलि चढ़ाने की घटनाएं

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के सभ्य कहे जाने वाले समाज में इन दिनों बलि चढ़ाने और जीभ काटने जैसी घटनाएं आम होने लगी हैं। इन घटनाओं न केवल पुलिस

को परेशान कर दिया है बल्कि स्टेट ह्यूमन राइट कमिशन की पेशानी पर भी बल ला दिए हैं। ताजी घटना मुलायम सिंह यादव के संसदीय क्षेत्र मैनपुरी जिले की है जहां अमीर बनने की लालच में एक आदमी ने अपने पड़ोसी की छह साल की मासूम बालिका की बलि चढ़ा दी। दूसरी ओर दो दिन पहले ही एक दुधमुंही चार माह की बच्ची की जीभ काटकर देवी को चढ़ाई दी गई।

यूपी में आखिर यह सब क्या हो रहा है? मैनपुरी पुलिस ने भी मामले की पुष्टि कर दी है और इस मामले की रिपोर्ट लखनऊ भेज दी है। महाराजगंज की पुलिस भी जीभ काटने की घटना को तंत्र-मंत्र से जोड़कर देख रही है। इससे पहले यूपी में इसी साल इसी तरह के आधा दर्जन से भी ज्यादा मामले सामने आ चुके हैं। बाद में पुलिस फाइनल रिपोर्ट लगाती है तो तंत्र-मंत्र और बलि की घटना को दूसरी तरह का मामला बताकर यूपी पुलिस पल्ला झाड़ लेती है क्योंकि तब तक मानवाधिकार आयोग सवाल-जवाब की मुद्रा में आ चुका होता है।

मैनपुरी जिले में आने वाली कोतवाली के संतपुर गांव में पैंतीस वर्षीय जसवंत सिंह को पड़ोसी गुलाब सिंह की 6 वर्षीया बेटी के शव के पास तांत्रिक पूजा करते हुए पुलिस ने पकड़ा। शुक्रवार देर रात यह गिरफ्तारी पुलिस ने की थी, पहले के मामलों की तरह उम्मीद है कि इस मामले को भी एक नया मोड़ दे दिया जाएगा।

राज्य मानवाधिकार आयोग ने इसे संज्ञान में ले लिया है। ऐसे में पुलिस मामले को पलट भी सकती है। फिलहाल मैनपुरी की कोतवाली पुलिस की ओर से लखनऊ भेजी गई रिपोर्ट में यही बताया गया है कि मामला तंत्र-मंत्र के साथ अपहरण एवं हत्या से सीधा जुड़ा है और बलि चढ़ाने वाले हत्यारे को गिरफ्तार कर लिया गया है। वहीं दो दिन पहले महाराजगंज के सिसवां विलेज में मंजू नामक महिला ने अपने पड़ोसी मनोज की दुधमुंही बिटिया की जीभ काटकर देवी को चढ़ा दी थी। बताया जाता है कि मंजू भी जल्दी अमीर बनना चाहती थी।

यात्री गिरा..तीन किमी. तक उलटी चली ट्रेन.

मुरैना: ऐसा शायद ही पहले कभी सुना होगा कि चलती ट्रेन से गिरे किसी यात्री को तलाशने के लिए ट्रेन उलटे पांव वापस लौटी हो। रोंगटे खड़े कर देने वाली यह घटना शुक्रवार देर रात मुरैना से ग्वालियर के बीच हुई,जब एक युवक ट्रेन से गिर गया।

इसके बाद लगभग तीन किलोमीटर तक ट्रेन उलटी चली। शुक्र था कि इसी ट्रैक पर आने वाली सदर्न एक्सप्रेस आधा घंटा लेट थी।

क्या हुआ था

हुआ यह था कि ख्वाजा की सराय आगरा निवासी 24 वर्षीय इकबाल झांसी-आगरा पैसेंजर ट्रेन से ग्वालियर से आगरा जा रहा था। ट्रेन में उसके साथ उसका छोटा भाई और कुछ दोस्त भी थे।

रात लगभग दस बजे ट्रेन मुरैना जिले के नूराबद कस्बे की सांक नदी के ऊपर से गुजर रही थी। इस दौरान इकबाल डिब्बे के गेट पर खड़ा था। उसका छोटा भाई भी उसके पीछे था।

अचानक इकबाल का पैर फिसला और वह नीचे गिर पड़ा। इस बात की खबर उसके भाई और साथियों ने ट्रेन के स्टाफ को दी। ट्रेन में यह खबर फैलते ही हड़कंप मच गया।

रेलवे स्टाफ ने इकबाल को ढूंढने के लिए मानवता के नाते ट्रेन को पीछे की और दौड़ा दिया। ट्रेन धीमी गति से चलते हुए करीब तीन किलोमीटर तक पीछे गई। पुल पर ट्रेन रोककर आसपास इकबाल की तलाश की गई लेकिन वह नहीं मिला। इसके बाद नियमों को ध्यान में रखते हुए ट्रेन को वापस आगरा की ओर रवाना करना पड़ा।

उधर नूराबाद थाने से भी युवक की खोज के लिए पुलिस बल रवाना कर दिया गया। रेलवे से टेलीफोन के माध्यम से हमें एक युवक के गिरने की सूचना मिली। इसके बाद हमने सर्चिग की तो हमें रेलवे के गैंगमैन के साथ युवक घायल हालत में मिल गया।

आरके सोनी,टीआई नूराबाद

गैंगमैन को मिला

छानबीन के दौरान पुलिस को सांक नदी के आगे रेलवे के कुछ गैंगमैन दिखाई दिए। गैंगमैनों को घायल इकबाल मिल गया था। गैंगमन इकबाल को मुरैना पहुंचाने की कोशिश में थे,लेकिन पुलिस के आने के बाद उनकी मुश्किल आसान हो गई।

पुलिस ने घायल इकबाल को मुरैना अस्पताल पहुंचाया। उसके सिर में गंभीर चोटें थी,लेकिन उसकी हालत खतरे से बाहर बताई गई। बाद में इकबाल को आगरा के एक प्राइवेट अस्पताल में भर्ती करा दिया गया।

एक युवक के गिरने के बाद ट्रेन को वापस ग्वालियर की ओर ले जाया गया था। मानवता के नाते इसमें कोई गलत बात नहीं है। रेलवे कर्मचारियों ने प्रयास किया और एक युवक की जान बच गई।