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खाकी वर्दी का शर्मनाक चेहरा, जुआं खेलते दरोगा जी

महोबा|| उत्तर प्रदेश के महोबा जिले में खाकी वर्दी का एक शर्मनाक चेहरा सामने आया। यहां की एक कोतवाली में तैनात सब इंस्पेक्टर और दो सिपाहियों को जुआ खेलते पकड़ा गया। फिलहाल तीनों को जेल भेज दिया गया है।

सूत्रों के मुताबिक कोतवाली में तैनात ध्यान सिंह चौहान, सिपाही ओम प्रकाश दूबे और ओम प्रकाश कौशिक एक होटल में जुआ खेल रहे थे। पुलिस ने छापा मारा तो पकड़े गए लोगो में इनके नाम भी प्रकाश में आए। खाकी पहन कर यह शर्मनाक हरकत करने पर इन तीनों को हवालात में भेज दिया गया है।

पकड़े गए हवलदार और सब इंस्पेक्टर के पास से दस हजार रुपए बरामद हुए है। पुलिस अंदाजा लगा रही है कि यह पैसे उन्होंने या तो जुए मे जीते होंगे या फिर वह जुआ खेलने के लिए इन पैसों को जाए होंेगे।

स्टेशन उड़ाने की दी धमकी

लखनऊ|| चारबाग स्टेशन को बम से उड़ाने की धमकी सातवीं के छात्र विशाल यादव (१५) ने दी थी। जीआरपी ने उसे चिनहट से गिरफ्तार करके बाल सुधार गृह भेज दिया है। पूछताछ में विशाल ने बताया कि, ये सिमकार्ड उसे पड़ा मिला था। उसने मजाक में पुलिस कंट्रोल रूम में फोन करके धमकी दी थी।

जीआरपी के दारोगा मनोज मिश्रा ने बताया कि, जिस नंबर (८००९८३०३४८) से धमकी दी गई थी उसे सर्विलांस पर लगाया गया था। ये सिमकार्ड हरदोई निवासी मुन्नीलाल का था। मुन्नीलाल से पूछताछ करने पर पता चला कि, कई दिन पहले लखनऊ में उसका मोबाइल फोन गिर गया था। जबकि जीआरपी ने पहले बताया था, कि ये सिमकार्ड फर्जी नाम-पते पर खरीदा गया था। उधर, गुरुवार को सेलफोन ऑन होने पर उसकी लोकेशन चिनहट में मिली, जिसके बाद जीआरपी के उपनिरीक्षक के एम शर्मा, कांस्टेबल इंद्रजीत सिंह व मानवेंद्र सिंह की टीम ने विशाल को पकड़ लिया।

पूछताछ में विशाल ने कबूला कि उसने मजाक-मजाक में पुलिस कंट्रोल रूम में फोन करके धमकी दी थी। चिनहट स्थित शांति निकेतन स्कूल में कक्षा सात में पढ़ने वाले विशाल के पिता एके यादव एक ठेकेदार के यहां मुंशी हैं।

सड़े चावल के वितरण पर रोक

फर्रुखाबाद: नगर मजिस्ट्रेट हरिशंकर व जिलापूर्ति अधिकारी आरएन चतुर्वेदी की टीम ने ठंडी सड़क स्थित भारतीय खाद्य निगम की गोडाउन में छापा मारकर सड़े चावल के वितरण पर रोक लगा दी|

अधिकारियों ने ठोस सूचना के आधार पर दोपहर के समय एफसीआई के गोदाम में छापा मारा| जांच-पड़ताल के दौरान गोदाम नंबर 90 में 158 बोरी तथा गोदाम नंबर 91 में 120 बोरी सड़ा चावल पाया गया| अधिकारी हानिकारक चावल को देखकर दंग रह गए| सड़े चावल की खरीददारी के लिए गोदाम प्रभारी राजेन्द्र सहाय को जमकर लताड़ा गया|

नगर मजिस्ट्रेट हरिशंकर ने बताया कि घटिया चावल के वितरण को रोक दिया गया है| उन्होंने बताया कि इस चावल की मिड डे मील व राशन उपभोक्ताओं को आपूर्ति की जाने वाली थी| छापे की जांच की रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंप दी गयी है|

एसपी ने अधिवक्ता के आंसू पोंछे

फर्रुखाबाद: मेड़ तोड़ने के विवाद में ग्रामीणों ने अधिवक्ता की पिटाई कर मार डालने के लिए धमकाया| एसपी डॉ के एजिलरशन ने अधिवक्ता के आंसू पोंछकर रिपोर्ट दर्ज करने के आदेश दिए हैं|

थाना राजेपुर के ग्राम नयागांव उजरामऊ निवासी बाबू सिंह एडवोकेट बीती रात ८ बजे अपने खेत पर गए| वहां उन्होंने अपने खेत की काटी गई मेड़ देखी और मेड़ को काटे जाने का विरोध किया| इसी बात से गुस्साए गाँव के पहलवान के पुत्र अवधेश, अनिल, अशोक तथा सरल व सदन ने अधिवक्ता की पिटाई कर दी और उन्हें कानूनी कार्रवाई करने पर मार डालने की धमकी दी|

अधिवक्ता बाबू सिंह ने आज जिला वार एसोशिएशन के सचिव संजीव पारिया से न्याय दिलाने की गुहार लगाई| श्री पारिया ने करीब दो दर्जन अधिवक्ताओं के साथ एसपी से भेंट की और उन्हें अधिवक्ता के साथ हुयी घटना से अवगत कराया|

जिला जेल के दलित बंदी की ह्त्या का आरोप

मरने वाले बंदी भेजे जाते हैं अस्पताल में

फर्रुखाबाद: जिला कारागार के बंदी दलित सुभाष कठेरिया की ह्त्या किये जाने का आरोप लगाया गया है| जब आवास विकास चौकी इंचार्ज इन्द्रपाल सिंह ने पंचनामा भरने के लिए शव का निरीक्षण किया तो परिजन सुभाष के शरीर पर घाव देखकर भड़क गए| वह बुरी तरह बिलखते रहे|

सुभाष के भाई विक्की, जीजा बबलू, मौसी आदि रिश्तेदारों ने हंगामा मचाते हुए आरोप लगाया कि सुभाष की ह्त्या की गयी है| उन्होंने एक दूसरे को सुभाष के सीने के घाव दिखाते हुए कहा कि देखो ये सरिया भोंकी गयी है|

पीड़ित महिला ने बताया कि दिन के १ बजे एक सिपाही घर पर यह जानकारी देने गया था कि सुभाष की हालत खराब है उसका लोहिया अस्पताल में इलाज चल रहा है जाकर देख आओ| यह पहली बार हुआ कि जेल के बंदी की मौत के दौरान कोई बंदी रक्षक वहां मौजूद नहीं रहा|

सूवे की जेलों की हालत बेहद खराब है, खासकर बीमार बंदियों की सेहत व उनके उपचार के बारे में| ज़िंदा रहते बीमार बंदियों की कोई फ़रियाद नहीं सुनता, शायद वह मरने के बाद ईश्वर को ही अपनी व्यथा बताते होंगे|

जिला कारागार फतेहगढ़ बीमार बंदियों की मौत का कारण बन रहा है| जहां के आये दिन बीमार बंदियों की मौत हो रही है| जब बीमार बंदी के पैर कव्र में लटकने लगते हैं तब उनसे छुटकारा पाने के लिए उन्हें इलाज के लिए अस्पताल भेजा जाता है| यही हाल जिला जेल के बंदी २८ वर्षीय दलित सुभाष कठेरिया के साथ किया गया|

जेल के बंदी रक्षक रामकृपाल सिंह, आलोक सिंह व विकास कटियार ने सुभाष को ९:५० बजे लोहिया अस्पताल पहुंचाया| डॉ योगेन्द्र सिंह ने उसका उपचार किया, १०:१७ बजे सुभाष ने दम तोड़ दिया| फार्मासिस्ट एसके मिश्रा ने बताया कि सुभाष को पुराने बुखार व शरीर की कमजोरी की शिकायत थी, वह इमरजेंसी बार्ड में ही मर गया|

बताया गया कि अविवाहित सुभाष रामलीला गड्डा का रहने वाला है, उसके मरने की सूचना पर रिश्तेदार व परिवार की महिलायें पहुँची| जिन्होंने बताया कि सुभाष ट्रक ड्राईवर था, वह स्मैक पीने का आदी था| आईटीआई पुलिस चौकी ने उसे रक्षाबंधन पर बंद कर दिया था|

पोस्टमार्टम को लेकर खाकी में विवाद

फर्रुखाबाद: बंदी सुभाष का पोस्टमार्टम कराये जाने को लेकर पीएम हाउस पर चौकी प्रभारी इन्द्रपाल सिंह व बंदी रक्षक आलोक सिंह की कहासुनी हुयी| दोनों ने एक-दूसरे पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया| दरोगा पीएम की कार्रवाई करने के लिए जब पुलिस लाइन गए तो उन्हें यह कहकर चलता कर दिया गया कि जेल के बंदी रक्षक को भेजो उसकी जब आमद होगी तभी कार्रवाई पूरी की जायेगी|

इसी विवाद के कारण सायं ५:३० बजे तक शव का पोस्टमार्टम शुरू नहीं हो सका| दरअसल लोहिया अस्पताल से सुभाष के मरने का मीमो विलम्ब से कोतवाली भेजा गया और बाद में पंचनामा भरने में भी लापरवाही की गयी|

बदमाशों के चुंगल से ड्राईवर छूटा, रातभर भीगता रहा सर्दी में

फर्रुखाबाद: थाना मऊदरवाजा क्षेत्र से एक सप्ताह पूर्व अपहत ड्राईवर राजेश पाल बीती रात किसी तरह मेरापुर थाना क्षेत्र में छूट गया| थाना मेरापुर व मोहम्दाबाद पुलिस एक-दूसरे के क्षेत्र से पकड़ छूटने का आरोप लगा रहे हैं|

राजेश गड़रिया थाना नवाबगंज के ग्राम सादिकपुर का रहने वाला है| वह बीते ३ वर्षों से थाना मऊदरवाजा के ग्राम नगला खैरबन्द निवासी पप्पू जाटव के ट्रैक्टर को चलाता था| १२ नवम्बर को उसने पप्पू के गाँव के राजकुमार के यहाँ ट्रैक्टर से खाद उतारी, और ट्रैक्टर को मालिक के घर खड़ा कर अपने घर के लिए रवाना हुआ|

रात राजेश के घर न पहुँचने पर उसके पिता नन्हे पाल उर्फ़ चंद्रपाल ने बेटे को तलाश किया| कोई सुराग न मिलने पर थाना मऊदरवाजा में बेटे के अपरहण की रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए तहरीर दी| पुलिस ने अपहरण की रिपोर्ट दर्ज न कर गुमसुदगी लिख ली|

राजेश बीती रात ११ बजे थाना मेरापुर के ग्राम गुरूशादीनगर की सड़क पर पहुँच कर चिल्लाने लगा| उस समय पानी बरस रहा था| वहां पहुंचे ग्रामीणों ने देखा कि एक युवक के दोनों हाँथ पीछे रस्सी से बंधे थे| उसने गाँव वालों को जानकारी दी कि बुलेरो सवार बदमाशों ने अपहरण कर लिया था| किसी तरह भागकर आया हूँ| राजेश ने बताया कि बदमाशों ने मेरे २५०० रुपये छीन लिए, उसने ट्रैक्टर मालिक के द्वारा अपहरण कराये जाने की भी आशंका व्यक्त की| पुलिस के भय के कारण किसी भी ग्रामीण ने उसे पनाह नहीं दी|

राजेश तखत पर ही लेट कर रात भर पानी से भीगता रहा| आज सुबह मेरापुर पुलिस ने उससे पूंछ-तांछ कर थाना मऊदरवाजा पुलिस को जानकारी दी| एसओ मऊदरवाजा उसे जीप से थाने ले आये| पुलिस राजेश के मामले में पप्पू से पूंछ-तांछ कर चुकी है, और राजकुमार पुलिस की हिरासत में हैं|

राष्ट्र गान नहीं बन सकेगा कॉलर ट्यून

दूरसंचार विभाग ने सेवा प्रदाताओं को कॉलर ट्यून के रूप में राष्ट्र गान उपलब्ध न कराने का निर्देश दिया है। यदि ऐसा किया जाता है तो यह राष्ट्रीय सम्मान कानून, 1971 का उल्लंघन होगा।

विभाग ने एक वक्तव्य जारी कर कहा है, ‘लाइसेंसधारियों को निर्देश दिया गया है कि वे यह सुनिश्चित करें कि उनके द्वारा दी जा रही सेवाओं में राष्ट्रीय सम्मान के चिन्हों के अपमान कानून, 1971 व कार्यकारी आदेशों का अनुपालन किया जा रहा है।’ इसमें कहा गया है कि इस कानून के उल्लंघन को लाइसेंस समझौते की शर्तों का उल्लंघन माना जाएगा।

स्विस खातों में सर्वाधिक धन भारतीयों का

अंदाज़ा लगाइये स्विस बैंकों में भारत का कितना रुपया जमा होगा? काफी कोशिश के बाद भी सही रकम तो क्या इसके आसपास भी शायद आप न पहुंच पाएं।

तो चलिये हम आपकी दुविधा खत्म किये देते हैं। स्विस बैंकों में भारतीयों का कुल जमा धन 65 हज़ार 227 अरब रुपए है। यकीन नहीं होता न ! लेकिन ये सच है कि स्विस बैंकों में भारतीयों की इतनी बड़ी रकम जामा है। इस बात का खुलासा काफी जद्दोजहद के बाद खुद स्विस बैंक एसोसियेशन ने किया है।

एसोसियेशन का कहना है कि उसके बैंकों में दुनिया का सबसे अधिक धन भारतीयों का ही है। विश्लेशकों का कहना है कि जितना धन स्विस बैंकों में जमा है वो तकनीकी रूप से हमारे जीडीपी का छह गुना है। विशेषज्ञ मानते हैं कि ये रुपया काला धन (ब्लैक मनी) है और अगर यह धन भारत आ जाए तो यहां की अर्थव्यवस्था की काया ही बदल जाएगी।

स्विस बैंकों में काला धन जमा के मामले में जहां भारत विश्व में नंबर वन पर है वही रूस नंबर दो के स्थान पर है और चीन पांचवें स्थान पर है। रूस के लोगों के करीब 21 हज़ार 235 अरब रुपये स्विस बैंकों में जमा हैं। चीन के लोगों के 2154 अरब रुपये स्विस बैंकों में जमा हैं।

गौरतलब है कि हमारी सरकार पर इस बात का अत्यधिक दबाव है कि इस काले धन को देश में वापस लाया जाए। कहा जा रहा है कि स्विस बैंकों में भारतीयों की जमा धनराशि का अगर कुछ प्रतिशत भी देश में आ जाए तो यहां की सड़कों की दुर्दशा समाप्त हो जाएगी, लोगों के लिए नौकरियों की संभावनाएं बढ़ जाएंगी और आम आदमी को आयकर में भी काफी हद तक राहत मिल सकेगी।

भारत और स्विटजरलैंड ने इस साल अगस्त में डबल टैक्सेसन अवॉयडेंस समझौते पर हस्ताक्षर किए थे। समझौते के तहत सरकार भारतीयों द्वारा स्विस बैंक में जमा किये गए धन की जानकारी हासिल कर सकती है।

गौरतलब है कि साल 2009 के चुनावों में बीजेपी नेता लाल कृष्ण आडवाणी ने स्विस बैंकों में जमा काले धन को वापस देश में लाने की मांग उठाई थी।

बकरीद पर अमन व खुशहाली की दुआ

फर्रुखाबाद: आज लाखों मुसलमानों ने कुर्बानी का पर्व ईद-उल-जुहा धूमधाम से मनाया। इसके पवित्र अवसर पर  हजारों लोगों ने नमाज अदा कर देश के अमन व खुशहाली की दुआ की| सुबह से ही हजारों लोग मस्जिदों, ईदगाहों और खुले मैदानों में नमाज के लिए मुसलमान इकट्ठे होने लगे थे।

इस अवसर पर इमामों ने पैगम्बर इब्राहिम की कुर्बानी को याद किया और मुसलमानों से पवित्र ग्रंथ कुरान की शिक्षाओं पर चलने के लिए कहा। प्रदेश के अन्य शहरों में भी बकरीद मनाई गई। मस्जिदों और ईदगाहों में हजारों की संख्या में पहुंचे लोगों ने नमाज अदा की।

आज फर्रुखाबाद की नई व पुरानी ईदगाह एवं फतेहगढ़ की ईदगाह में हजारों मुसलमान भाईयों ने ईद अदा की| जामा मस्जिद कमेटी के सेक्रेटरी नाजिम शमसी आदि ने व्यवस्थाएं संभाली| जिलाधिकारी मिस्थिनी एस, पुलिस अधीक्षक डॉ के एजिलरशन व सीडीओ सीपी त्रिपाठी ने मौके पर मौजूद रहकर मुस्लिम भाईयों को ईद की मुबारकबाद दी|

शताब्दियों पहले की पैगम्बर इब्राहिम की महान कुर्बानी की याद में नमाज अदा करने के बाद लोगों ने बकरों की कुर्बानी दी। ऐसा माना जाता है कि अल्लाह ने पैगम्बर इब्राहिम की एक बहुत कठिन परीक्षा ली थी, जिसमें वह अपने एकमात्र बेटे इस्माइल की कुर्बानी देने को तैयार हो जाते हैं। अल्लाह ने उनकी कुर्बानी को कुबूल करते हुए इस्माइल के स्थान पर बकरे की बलि ली। बकरीद को ईद-ए-कुर्बान भी कहा जाता है। ईद-उल-फितर के बाद यह मुसलमानों का दूसरा सबसे बड़ा त्योहार है।

गायब बाप की बेटी के विवाह को लगा ग्रहण

फर्रुखाबाद: उस बेटी पर क्या गुजर रही है जिसकी कल डोली उठने वाली है| इसी शादी की तैयारी में उसका बाप गायब हो गया है|

कोतवाली कम्पिल के ग्राम भटमई निवासी पप्पू बढई के परिजनों पर अचानक दुखों का पहाड़ टूट पडा है| उन्हें यह समझ में नहीं आ रहा है कि वह अब क्या करें? मजबूरी में उन लोगों ने सब ईश्वर के ऊपर छोंड दिया है| पप्पू की बेटी माया की गुरूवार को ही काशीराम नगर से बारात आनी है|

पप्पू शनिवार को अपनी बुआ गुड्डन के यहाँ विवाह का निमंत्रण देने दिल्ली गए थे| बीते दिन उनकी बुआ यहाँ आईं तब इस बात का खुलासा हुआ कि पप्पू गायब हो गएँ हैं| बुआ ने बताया कि उन्होंने दहेज़ के लिए सामान देकर पप्पू को शनिवार की शाम ७ बजे बस पर बिठवा दिया था| अब घर वाले पप्पू को यहाँ से दिल्ली के रास्ते में खोज रहे हैं| अब यह कल ही पता चलेगा कि अभागी माया की डोली उठेगी कि नहीं|