15 दिसंबर के बाद गंगा नदी में नहीं गिरेगा कोई नाला: सीएम योगी

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Posted on : 13-08-2018 | By : JNI-Desk | In : FARRUKHABAD NEWS, LUCKNOW, Politics, Politics-BJP, जिला प्रशासन

कानपुर:देश की जीवन दायिनी गंगा नदी को स्वच्छ तथा निर्मल बनाने का काम प्रदेश के साथ केंद्र सरकार की प्राथमिकता में है। आज मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कानपुर में नमामि गंगे के तहत हो रहे काम की समीक्षा की। इसके बाद सीएम योगी आदित्यनाथ ने सख्त तेवर दिखाए और साफ कहा कि 15 दिसंबर के बाद गंगा नदी में कोई भी नाला नहीं गिरेगा। सूबे में कहीं से भी इस मामले में शिकायत मिलने पर कोई भी दोषी छोड़ा नहीं जाएगा।
कानपुर में गंगा नदी के सफाई का हाल जानने आज प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी आज कानपुर में थे। सीएम योगी आदित्यनाथ और भूतल परिवहन एवं जल संसाधन मंत्री नितिन गडकरी ने भैरोघाट पर सीसामऊ नाले को टैप करने के कार्य का निरीक्षण किया। उन्होंने जल निगम के अफसरों से प्रोजेक्ट के बारे में जाना। मुख्यमंत्री ने महाप्रबंधक से कहा वे हर हाल में निर्धारित अवधि में नाले को टैप कर दें। किसी भी कीमत पर 15 दिसंबर के बाद गंगा नदी में कोई भी नाला नहीं गिरना चाहिए। कुंभ का पहला स्नान 15 जनवरी को प्रयागराज में होगा। देश व दुनिया से करोड़ों लोग यहां आएंगे। सभी के स्वागत के लिए हम प्रतिबद्ध हैं। उसके लिए हम सुनिश्चित करेंगे कि गंगा जी से जुड़ी सभी परियोजनाओं को समय से पूरा कर लिया जाए।
सीएम ने कहा कि अन्य नालों को भी टैप करने का कार्य अतिशीघ्र शुरू करा दें। इससे पहले उन्होंने गंगा बैराज पर नमामि गंगे प्रोजेक्ट के तहत हो रहे घाट के निर्माण का कार्य देखा। इस समय गंगा नदी का जलस्तर बढ़ जाने के कारण वहां काम रुका पड़ा है। इस अवसर पर उनके साथ औद्योगिक विकास मंत्री सतीश महाना भी उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ ही भूतल परिवहन एवं जल संसाधन मंत्री नितिन गडकरी ने भैरोघाट पर सीसामऊ नाले को टैप करने के कार्य का निरीक्षण किया। उन्होंने जल निगम के अफसरों से प्रोजेक्ट के बारे में जाना। शहर में नमामि गंगे प्रोजेक्ट के तहत कुल कितने नाले टैप हो रहे हैं इसकी जानकारी ली। उन्होंने कहा कि अन्य नालों को भी टैप करने का कार्य अतिशीघ्र शुरू करा दें।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ जहाजरानी मंत्री नितिन गडकरी कानपुर पहुंचे। उन्होंने गंगा बैराज पर नमामि गंगे के कार्य का निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में थोड़ा बदलाव किया गया है पहले उन्हें जनसभा को संबोधित करना था लेकिन सबसे पहले गंगा बैराज पहुंचे। नमामि गंगे प्रोजेक्ट की समीक्षा में कानपुर, इलाहाबाद, वाराणसी, मुरादाबाद, और गाजियाबाद के अधिकारी भाग लेंगे। समीक्षा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ व नितिन गडकरी के साथ उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, नगर विकास मंत्री सुरेश खन्ना और सांसद डॉ. मुरली मनोहर जोशी भी होंगे। यहां गंगा स्वच्छता में सहभागिता के लिए नेशनल मिशन फॉर क्लीन गंगा के तहत गठित की गई सेना की गंगा टास्क फोर्स की लांचिंग की जाएगी। यहां जनसभा भी होगी, जिसमें पांच हजार लोगों के बैठने का इंतजाम किया गया है।
सीएसए में आयोजित जनसभा से पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और जल संसाधन मंत्री नितिन गडकरी ने गंगा स्वच्छता टास्क फोर्स का शुभारंभ किया। इस टास्क फोर्स में सेना के जवान शामिल किए गए हैं जो गंगा की स्वच्छता के लिए कार्य करेंगे। उनमें पड़ने वाला कचरा निकालेंगे। साथ ही विभिन्न शहरों में जन जागरूकता अभियान चलाकर लोगों को गंगा की निर्मलता के प्रति जागरूक करेंगे। मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री ने नमामि गंगे योजना के तहत बने घाटों का लोकार्पण किया। शहर के लोगों को गंगा की स्वच्छता के लिए आगे आने की अपील मुख्यमंत्री ने की।
उधर मुख्यमंत्री को काला झंडा दिखाने की तैयारी कर रहे सपा नेताओं को पुलिस ने उनके घरों में ही कैद कर लिया। सपा विधायक अमिताभ बाजपेयी को भी पुलिस ने नजरबंद किया। कुछ सपा कार्यकर्ता काले झंडे लेकर कानपुर विकास प्राधिकरण तक पहुंचे हालांकि पुलिस ने उन्हें पकड़ लिया।

राजभवन के सामने दिनदहाड़े कैश वैन से 20 लाख लूट,गार्ड की हत्या

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Posted on : 30-07-2018 | By : JNI-Desk | In : CRIME, FARRUKHABAD NEWS, LUCKNOW, POLICE, जिला प्रशासन

लखनऊ:मुख्यमंत्री आवास तथा राजभवन से चंद कदम की दूरी पर आज लखनऊ में बदमाशों ने बड़ी वारदात को अंजाम दिया। पॉश तथा सुरक्षित माने जाने वाले राजभवन के सामने से बैंक कैश वैन से 20 लाख रुपए लूटकर गार्ड की हत्या कर दी गई। बड़ी लूट तथा हत्या की सूचना पर डीजीपी ओपी सिंह के साथ सभी बड़े पुलिस अधिकारी मौके पर हैं।
राजभवन के सामने महात्मा गांधी मार्ग पर आज दिन में करीब चार बजे एक्सिस बैंक के सामने कैश वैन खड़ी थी। इसी बीच बाइक सवार बदमाशों ने कैश वैन चालक धर्मेंद्र और गार्ड को गोली मारकर 20 लाख रुपया लूट लिया। गोली लगने से कैश वैन चालक धर्मेंद्र की मौत हो गई जबकि गार्ड घायल है। यह लोग दो बैग में रुपया लेकर वैन में रख रहे थे। गोली लगने से कैश वैन चालक धर्मेंद्र की मौत हो गई जबकि गार्ड घायल है। यह लोग दो बैग में रुपया लेकर वैन में रख रहे थे।
राजधानी के महात्मा गांधी मार्ग पर राजभवन के कालोनी में सुरक्षा व्यवस्था काफी मुस्तैद रहती है। बंदरियाबाग में कैबिनेट मंत्री ब्रजेश पाठक का भी आवास है। उनके आवास के सामने सड़क पार एक्सिस बैंक प्रांगण में कैश वैन से लूट में सफेद रंग की बाइक का प्रयोग हुआ है। मौके पर एक जिंदा कारसूत भी मिल है। बदमाशों ने इस लूट के दौरान कैशियर के पैर में भी गोली मारी थी। कैशियर उमेश के पैर में लगी गोली है।
बदमाशों की बाइक का नंबर ट्रेस हुआ। बदमाश UP 32 जीके 7022 सफेद रंग की अपाचे पर सवार थे। अफसरों ने बदमाशों को पकड़ने वाले को 50 हजार रुपये का इनाम देने की घोषणा की।वैन ड्राइवर को गोली मार कर हुई लूट के मामले में फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची।

यूपी में एक-एक अधिकारी के पास हैं 20-20 विभाग,107 आईएएस की भारी कमी

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लखनऊ:इसे सरकार की उलटबांसी ही कहा जाएगा कि उत्तर प्रदेश में जिन दो बड़े विभागों को संभालने के लिए दो उप मुख्यमंत्री हैं, उनकी जिम्मेदारी सिर्फ एक ही आइएएस पर है। लोक निर्माण विभाग उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के पास है तो माध्यमिक तथा उच्च शिक्षा डॉ. दिनेश शर्मा के पास। इनके लिए योजना और क्रियान्वयन के लिए महज एक अपर मुख्य सचिव संजय अग्रवाल हैं। यह भी अजब विडंबना है कृषि उत्पादन आयुक्त डॉ. प्रभात कुमार के पास अपने अधीनस्थ खुद ही 20 विभाग हैं लेकिन, उन्हें बेसिक शिक्षा जैसे बड़े विभाग का काम भी देखना पड़ रहा है। और तो और प्रदेश के मुख्य सचिव अनूप चंद्र पांडेय इस पद के साथ ही अवस्थापना और औद्योगिक विकास आयुक्त का पद भी संभाल रहे हैं।
प्रमुख अफसरों पर अधिक जिम्मेदारी
अनूप चंद्र पांडेय – मुख्य सचिव, अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त
संजय अग्रवाल – अपर मुख्य सचिव लोक निर्माण विभाग, अपर मुख्य सचिव मा. शिक्षा, उच्च शिक्षा
डॉ. प्रभात कुमार – कृषि उत्पादन आयुक्त, यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण, अपर मुख्य सचिव बेसिक शिक्षा विभाग का अतिरिक्त प्रभार
कल्पना अवस्थी – प्रमुख सचिव आबकारी, वन एवं पर्यावरण विभाग का अतिरिक्त प्रभार
रेणुका कुमार – अपर मुख्य सचिव महिला कल्याण, अपर मुख्य सचिव राजस्व विभाग, भूतत्व एवं खनिकर्म विभाग का अतिरिक्त प्रभार
आलोक सिन्हा – अपर मुख्य सचिव वाणिज्य कर एवं मनोरंजन कर, अपर मुख्य सचिव आइटी एवं इलेक्ट्रानिक्स का अतिरिक्त प्रभार
आलोक कुमार – प्रमुख सचिव ऊर्जा, अध्यक्ष पावर कॉरपोशन
अपने काम में सामंजस्य कैसे बैठाएं
बड़े पदों पर काबिल अफसरों की कमी प्रदेश की एक बड़ी समस्या बनती जा रही है। खुद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी इस बात को स्वीकार किया है कि उनके पास अच्छे अधिकारियों की कमी है। उधर पदों पर बैठे अधिकारियों की सबसे बड़ी समस्या यह है कि वह अपने काम में सामंजस्य कैसे बैठाएं। रिजल्ट देने वाले अधिकारियों की कमी से उनके पास कई-कई विभागों का बोझ है। कुछ अधिकारियों के पास तो इतने महत्वपूर्ण पदों की जिम्मेदारी है कि उन्हें दम लेने भर की फुर्सत नहीं। मसलन कृषि उत्पादन आयुक्त (एपीसी) डा. प्रभात कुमार का ही उदाहरण लें। एपीसी होने के साथ ही उनके पास यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण की तो जिम्मेदारी है ही, बेसिक शिक्षा जैसा बड़ा विभाग भी देखना पड़ रहा है।
107 आइएएस अधिकारियों की कमी
उत्तर प्रदेश में आइएएस संवर्ग में 621 पद हैं। इनमें 433 पद प्रत्यक्ष भर्ती के हैं जबकि 188 प्रमोशन से भरे जाते हैं। एक वरिष्ठ अधिकारी स्वीकार करते हैं कि अफसरों की कमी से काम पर असर पड़ा है। रिजल्ट देने वाले अधिकारियों की क्षमता भी काम के बोझ की वजह से प्रभावित होती है। प्रदेश में 107 आइएएस अधिकारियों की कमी है। विभागीय पदोन्नति से भी बहुत असर नहीं पड़ने वाला, क्योंकि हाल-फिलहाल बड़ी संख्या में आइएएस सेवानिवृत्त हो चुके हैं। पिछले जनवरी माह से ही अब तक 24 अधिकारी रिटायर हो चुके हैं, जबकि एक आइएएस की सेवाकाल में मृत्यु हो चुकी है। अफसरों की कमी को देखते हुए ही योगी सरकार ने प्रतिनियुक्ति से कुछ अधिकारियों को बुलवाया है लेकिन, इससे कुछ खास फर्क नहीं पड़ने जा रहा, क्योंकि एक दर्जन अधिकारी प्रतिनियुक्ति के इंतजार में भी हैं।
समस्या दूसरी भी है
संयोजक लोक प्रहरी सेवानिवृत्त आइएएस एसएन शुक्ला का कहना है कि अधिकारियों के पास अधिक विभाग होने से काम पर असर होना स्वाभाविक है। समस्या दूसरी भी है। पिछले कुछ दशकों से सत्ता प्रतिष्ठानों ने अपने चहेते अफसर तय करने शुरू किए हैं। नियमानुसार आइएएस अपने संवर्ग में विभागाध्यक्ष का एक से अधिक पद नहीं रख सकता लेकिन, इसकी अनदेखी की जाती है।

मुख्यमंत्री का प्रर्दशनकारी बीटीसी अभ्यर्थियों को भरोसा, सात दिन में नियुक्ति पत्र

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Posted on : 16-03-2018 | By : JNI-Desk | In : FARRUKHABAD NEWS, LUCKNOW, POLICE, जिला प्रशासन, सामाजिक

लखनऊ:शिक्षक भर्ती समेत कई मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे बीटीसी अभ्यर्थियों से मुख्यमंत्री ने एक सप्ताह में नियुक्ति पर कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है। जिसके बाद बीटीसी अभ्यर्थियों ने प्रदर्शन खत्म करने का ऐलान किया। बताते चलें कि बीटीसी अभ्यर्थियों का पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल बेसिक शिक्षा मंत्री के साथ सीएम से मिला। मुख्यमंत्री ने अभ्यर्थियों को आश्वासन दिया कि जल्द ही उनकी भर्ती होगी। इसके अलावा मुख्यमंत्री ने शिक्षक भर्ती मामले पर प्रमुख सचिव राजप्रताप सिंह पर नाराजगी जताई। मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षक प्रदर्शन नहीं करें और स्कूल में पढ़ाएं एेसी व्यवस्था की जाये। उन्होनें 12460 लोगों को तुरंत नियुक्ति पत्र जारी करने का आदेश दिया है।
इसके पहले नियुक्ति पर लगी रोक को हटाने की मांग को लेकर बीटीसी अभ्यर्थियों ने प्रदेश सरकार के खिलाफ हल्ला बोल दिया। राजधानी में शुक्रवार को भारी संख्या में बीटीसी अभ्यर्थी योगी सरकार में बेसिक शिक्षा मंत्री अनुपमा जायसवाल के आवास का घेराव करने पहुंचे। प्रदर्शन कर सरकार विरोधी नारेबाजी की। मौके पर पुलिस बल भी तैनात है।हमारी सरकार सकारात्मक है, हम इस मामले पर विचार करेंगे,धरना बंद करने का दिया आदेश, सभी अभ्यर्थी संतुष्ट है
गौरतलब हो कि बीते दिन यानी गुरुवार को भी बीटीसी अभ्यर्थियों ने भाजपा मुख्यालय के सामने हजारों की संख्या में सरकार विरोधी नारेबाजी की थी। इस दौरान पुलिस ने प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों पर लाठियां भांजी थी। इसमें कई अभ्यर्थियों को चोटें भी आई। वहीं, सीओ हजरतगंज अभय कुमार मिश्र का कहना था कि अभ्यर्थियों पर लाठीचार्ज नहीं किया गया है। अभ्यर्थियों को अपर मुख्य सचिव से वार्ता कराने के लिए कहा गया था, लेकिन उन्होंने इंकार कर दिया। इस पर उन्हें गिरफ्तारी देने के लिए कहा गया।
करीब 35 अभ्यर्थियों को हिरासत में लेकर पुलिस हजरतगंज कोतवाली ले गई थी, जहां उन्हें बाद में निजी मुचलके पर छोड़ दिया गया। 12460 पदों की बहाली की माग पर अड़े बीटीसी अभ्यर्थी बीटीसी अभ्यर्थी राकेश विश्वकर्मा का कहना है कि दिसंबर 2016 में 12460 सहायक अध्यापक भर्ती का शासनादेश हुआ।मार्च में काउंसिलिंग प्रक्रिया पूरी हो गई। वहीं प्रत्येक जिलों का कट ऑफ भी आ गया। 31 मार्च 2017 को नियुक्ति पत्र मिलना था। मगर प्रदेश में बीजेपी सरकार बनते ही इस पर रोक लगा दी गई। ऐसे में बीटीसी अभ्यर्थियों का भविष्य दांव पर हैं।

योगी सरकार पहली सालगिरह पर दे सकती है नौकरियों की सौगात

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Posted on : 16-03-2018 | By : JNI-Desk | In : FARRUKHABAD NEWS, LUCKNOW, Politics, Politics-BJP, सामाजिक

लखनऊ:अगले साल आम चुनाव होने हैं। इस लिहाज से प्रदेश की अहमियत को देखते हुए योगी सरकार अपनी सालगिरह पर नौकरियों का पिटारा खोल सकती है। विपक्ष अक्सर केंद्र सरकार के उस वादे की आलोचना जुमला कह कर करता रहा है, जिसमें हर साल युवाओं को एक करोड़ नौकरियां देने की बात कही गई थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकसभा की चुनावी रैलियों में इस वादे को कई बार दोहराया था। नौकरियां तो मिली नहीं उलटे नोटबंदी और जीएसटी से कारोबार में आई मंदी से कइयों की नौकरियां चली गईं। एक कारोबारी के अनुसार जिसका सालाना कारोबार पांच करोड़ रुपये का था वह घटकर दो करोड़ पर आ गया। उसी अनुपात में रोजगार भी घटे हैं।
मुख्य सचिव राजीव कुमार ने खाली पदों को लेकर पिछले दिनों सभी विभागों के अपर सचिव, प्रमुख सचिव और सचिव को निर्देश जारी किया है। निर्देश के अनुसार सरकार सभी जरूरी और महत्वपूर्ण पदों को भरने के लिए दृढ़ संकल्पित है। लिहाजा आपसे अपेक्षा है कि अपने अधीनस्थ सभी अनिवार्य खाली पदों की औपचारिकताओं को पूर्ण करते हुए इससे संबंधित अधियाचन आयोगों और प्रमुख सचिव कार्मिक को 16 मार्च तक अवश्य उपलब्ध करा दें। सरकार प्राप्त सूचना के आधार पर ही अपने साल भर पूरे होने के अवसर पर नई नौकरियों की घोषणा कर सकती है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ खुद बार-बार युवाओं को नौकरियां देने पर जोर देते रहे हैं। उनके मुताबिक सरकार छह लाख युवाओं को नौकरी देने जा रही है। कुछ की प्रक्रिया शुरू हो चुकी हैं और कुछ की होने वाली है। सरकारी नौकरियों के अलावा कौशल विकास के जरिये युवाओं को हुनरमंद बनाकर बड़े पैमाने पर उनको रोजगार दिलाने के प्रति अपनी प्रतिबद्धता जता चुकी है।
सालगिरह पर उपलब्धियों के साथ कार्ययोजना भी बताएंगे
सरकार की सालगिरह पर 19 मार्च को मुख्यमंत्री लोकभवन में पत्रकारवार्ता के दौरान साल भर की उपलब्धियां बताने के साथ विभागवार अगले साल की कार्ययोजना भी बता सकते हैं। शासन की मंशा है कि वर्ष 2018-19 के लिए पेश बजट में जिन योजनाओं के क्रियान्वयन की बात कही गई है, उसकी स्पष्ट रूपरेखा तैयार कर शासन को उपलब्ध कराएं। अधिकांश विभाग अपनी कार्ययोजना शासन को भेज भी चुके हैं।

उत्तर प्रदेश में 2227 दरोगा बनेंगे इंस्पेक्टर

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Posted on : 23-02-2018 | By : JNI-Desk | In : CRIME, FARRUKHABAD NEWS, LUCKNOW, POLICE

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में बड़ी संख्या में पुलिस वालों का दरोगा से प्रमोट होकर इंस्पेक्टर बनने का रास्ता अब साफ हो गया है। इसके लिए अब इंतजार की घड़ियां खत्म हो चुकी हैं। यूपी पुलिस ने अपने 2227 दरोगाओं को जल्द ही प्रमोशन देने की तैयारी कर ली है। उनके कैरेक्टर रोल और बोर्ड पत्र पुलिस मुख्यालय ने शासन को भेज दिए गए हैं। डीपीसी भी हो गई है। माना जा रहा है कि अगले दो-चार दिन में दरोगाओं के प्रमोशन की खुशखबरी आ सकती है।
पुलिस मुख्यालय को रिक्तियों के आधार पर 2306 दरोगाओं को प्रमोट करके इंस्पेक्टर बनाना था। इसमें 2001, 2005 और 2007 बैच के दरोगाओं को प्रमोशन पाने का मौका मिला था। 2306 पदों के सापेक्ष यूपी पुलिस में इन बैचों में कुल 3127 दरोगा दावेदार थे। कैरेक्टर रोल के आधार पर इनका प्रमोशन होना था। पुलिस मुख्यालय ने सभी दरोगाओं का संबंधित जिले से कैरेक्टर रोल मंगाकर जांच शुरू की।
इसके बाद आपराधिक मामले और विभागीय कार्रवाई में फंसे करीब सवा आठ सौ दरोगाओं की फाइल रुक गई है। कुछ दरोगाओं को सजा हो चुकी थी, जिसके कारण उनकी फाइल क्लोज कर दी गई। वहीं कुछ दरोगाओं को सजा मिलने पर उन्होंने उच्चाधिकारियों के यहां अपील की है, लेकिन अभी तक केस का निस्तारण नहीं हो सका है। ऐसे में 2306 पदों पर सिर्फ 2227 दरोगाओं के इंस्पेक्टर बनने का रास्ता साफ हुआ है।

योगी सरकार ने पेश किया 4.28 लाख करोड़ रुपये का बजट, जानें किसे क्या मिला

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Posted on : 16-02-2018 | By : JNI-Desk | In : FARRUKHABAD NEWS, LUCKNOW, Politics, Politics-BJP, जिला प्रशासन

लखनऊ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार शुक्रवार को सदन में अपना दूसरा बजट पेश कर रही है। 428384.52 करोड़ का बजट पेश किया गया। वित्तमंत्री राजेश अग्रवाल द्वारा वित्तीय वर्ष 2018-19 के लिए पेश किए इस बजट में 2019 लोकसभा चुनाव की झलक दिखती है। उन्होंने बजट भाषण के दौरान पिछली सरकार पर तंज कसते हुए शेर भी पढ़ा कि, ” वह और दर हैं, पुकारे से जो नहीं खुलते, हमारा प्यार ग़रीबो के द्वार जाता है।। बजट भाषण में सरकार ने राम के साथ-साथ श्री कृष्ण के 16 कलाओं के अवतार को याद किया। यूपी बजट 2018 उत्तर प्रदेश का अबतक का सबसे बड़ा बजट साबित होगा। यूपी के यह बजट किसान, उद्योग, निवेश, रोजगार, कानून व्यवस्था पर केंद्रित होगा।
– चिकित्सा एवं स्वास्थ्य में प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के लिए 291 करोड़ रुपये
– ग्रामीण क्षेत्रों में 100 नए आयुर्वैदिक अस्पताल खुलेंगे
– सिंचाई सरयू नहर परियोजना के लिए 1 हजार 614 करोड़ रुपये मिले
– प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के लिए 2 हजार 8 सौ 73 करोड़ रुपये
– राष्ट्रीय ग्रामीण पेयजल कार्यक्रम के लिए 1 हजार 500 करोड़ रुपये
– राज्य ग्रामीण पेयजल कार्यक्रम हेतु 120 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित
– कक्षा 1 से 8 तक निःशुल्क किताबों के लिए 76 करोड़ रुपये और यूनिफॉर्म के लिए 40 करोड़ रुपये
– माध्यमिक शिक्षा अभियान के लिए 480 करोड़ रुपये
– दीनदयाल उपाध्याय राजकीय मॉडल विद्यालय के लिए 26 करोड़ रुपये
– राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान के लिए 167 करोड़ रुपये
– अहिल्याबाई निःशुल्क शिक्षा योजना के लिए 21 करोड़ रुपये
– महिला एवं बाल कल्याण के लिए 8 हजार 815 करोड़ रुपये
– महिला सशक्तिकरण के अंतर्गत सबला योजना के लिए 351 करोड़ रुपये और बाल पुष्टाहार के लिए 3 हजार 780 करोड़ रुपये
– मुख्यमंत्री सामुहिक विवाह योजना के लिए 250 करोड़ रुपये

– एकलव्य क्रीड़ा कोष की स्थापना के लिए 25 करोड़ रुपये मिले और राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के विजेताओं के लिए 3 करोड़ रुपये की राशि
– रीजनल रैपिड ट्रांसिट सिस्टम के लिए 250 करोड़ रुपये और मेट्रो परियोजनाओं के लिए 500 करोड़ रुपये
– नगरों में विकास के लिए 300 करोड़ रुपये और कुम्भ मेले के लिए 1500 करोड़ रुपये
– स्मार्ट सिटी मिशन योजना के लिए 1650 करोड़ रुपये
– स्वच्छ भारत मिशन के लिए 1100 करोड़ रुपये, अमृत योजना के लिए 2200 करोड़ रुपये
– कान्हा गौशाला व बेसहारा पशु आश्रय योजना के लिए 98 करोड़ 50 लाख रुपये मिले
– अल्पसंख्यक कल्याण के लिए 2757 करोड़ रुपये रखे हैं। इसके अलावा मदरसों के आधुनिकीकरण पर 404 करोड़ रुपये और आलिया
स्तर के मदरसों के लिए 246 करोड़ रुपये
– बुंदेलखंड योजना के लिए 650 करोड़ रुपये, लखनऊ आगरा एक्सप्रेस वे के लिए 500 करोड़ रुपये, गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस वे के लिये 500 करोड़ रुपये
– एक जनपद, एक उत्पाद योजना के लिये 250 करोड़ मुख्यमन्त्री युवा स्वरोजगार योजना के लिए 100 करोड़ रुपये
– स्टॉर्ट-अप फण्ड के लिए 250 करोड़ रुपये

– सड़कों के लिए 11343 करोड़ रुपये, पुलों के लिए 1817 करोड़ रुपये, फोर लेन सड़को के लिए 1600 करोड़ रुपये
– बिजली के लिए 29883 करोड़ रुपये की भारी रकम का इंतजाम
– पूर्वांचल एक्सप्रेस वे के लिये 1000 करोड़ रुपये दिए

एटीएम में कूड़ा डालने पर मिलेगा पैसा

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Posted on : 07-02-2018 | By : JNI-Desk | In : FARRUKHABAD NEWS, LUCKNOW, Politics, जिला प्रशासन

लखनऊ:अब खाली बोतल व अन्य अनुपयोगी सामान को इधर-उधर फेंकने की जरूरत नहीं है। गारबेज एटीएम (रिवर्स वेंडिंग मशीन) आपकी मदद करेगा। इसमे बोतल व अन्य अनुपयोगी सामान डालने पर आपको पैसा भी मिलेगा।
नगर विकास मंत्री सुरेश खन्ना ने मंगलवार को दो गाबरेज एटीएम का लोकार्पण किया। उन्होंने कहा कि स्वच्छ भारत मिशन की कड़ी में कूड़े के निस्तारण और प्रदेश को स्वच्छ बनाने के उद्देश्य से स्थापित की गई गारबेज एटीएम मशीन एक क्रांतिकारी कदम है। आम शहरी कूड़े-कचरे को इस मशीन में डालकर आमदनी भी कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि गारबेज एटीएम मशीन को पूरे उत्तर प्रदेश में स्थापित किया जाएगा। हजरतगंज में हनुमान मंदिर के समीप और 1090 चौराहे के पास गारबेज एटीएम मशीन लगाई गई है। मंत्री ने कहा कि स्वच्छ एटीएम एक तकनीकी उपकरण है, जिसका उपयोग विभिन्न प्रकार के कूड़े-कचरे के निस्तारण के लिए किया जा सकता है।
इसी मशीन में शहर के नागरिकों को व्यवसायिक एवं मार्केट एरिया में कूड़े-प्लास्टिक के बोतल, कैन, रैपर व फलों के छिलके आदि के निस्तारण की सुविधा होगी। इस तरह की मशीन की स्थापना शहर के 10 स्थलों पर की जा रही है। इस मशीन में कूड़ा डालने पर नागरिकों को कूड़े वेस्ट की प्रकृति के अनुसार कैश बैक भी दिया जाएगा। एटीएम पर लगे एलईडी पैनल से राज्य एवं भारत सरकार की योजनाओं का डिस्प्ले किया जायेगा। एटीएम में प्राप्त होने वाले वेस्ट को प्रकृति के अनुसार फर्म द्वारा रीसाइकिल किया जाएगा। नगर निगम की ओर से प्रति मशीन 6000 रुपये प्रतिमाह की दर से किराया देगा।
इसके अलावा मंत्री ने वीवीआईपी गेस्ट हाउस के समीप वाटर एटीएम का भी शुभारम्भ किया। इस मशीन से दो रुपये में एक गिलास, पांच रुपये में एक लीटर शुद्ध ठंडा पेयजल उपलब्ध होगा। इस अवसर पर प्रमुख सचिव नगर विकास मनोज कुमार सिंह निदेशक सूडा डॉ. देवेंद्र कुमार पांडेय, अपर निदेशक स्थानीय निकाय विशाल भारद्वाज और नगर आयुक्त उदयराज सिंह भी उपस्थित थे।
ऐसे काम करेगा गारबेज एटीएम
एटीएम में प्रवेश करने पर वहां लगी स्क्रीन से संचालन करना होगा। मोबाइल नंबर डालने पर ओटीपी आएगा। फिर आगे की कार्यवाही स्क्रीन पर मांगी जाने वाली जानकारी से देनी होगी। इसमें एप भी लोड करना होगा और ई-वॉलेट में आपके पास पैसा आ जाएगा।

अब लाउडस्पीकर की अनुमति नहीं लेने वालों के खिलाफ कार्रवाई की बारी

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Posted on : 27-01-2018 | By : JNI-Desk | In : FARRUKHABAD NEWS, LUCKNOW, Politics

लखनऊ:उत्तर प्रदेश शासन के आदेश के बावजूद बड़ी संख्या में धर्मस्थलों पर लाडस्पीकर बजाने की अनुमति नहीं ली गई। जिला प्रशासन की ओर से इन सभी स्थलों पर पहले नोटिस भेजा जा चुका है। अब 27 जनवरी से विशेष अभियान चलाने की बारी है। अब ऐसे स्थलों का सत्यापन शुरू कर दिया गया है। इसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। एक सैंपल सर्वे के मुताबिक करीब एक तिहाई स्थलों पर अनुमित नहीं ली गई है। इस मामले में अब राजस्व विभाग की टीम की रिपोर्ट पर थाना पुलिस कार्रवाई को अंजाम देगी।
पांच साल सजा या एक लाख रुपये जुर्माना
प्रदेश सरकार के आदेश के बाद बिना अनुमति के लाडस्पीकर बजाना प्रतिबंधित होगा। इलाहाबाद हाईकोर्ट इस मामले में पहले ही अपना फैसला सुना चुका है। आदेश का अनुपालन न करने वालों पर पांच साल की सजा या फिर एक लाख रुपये जुर्माना हो सकता है। जिन स्थलों की अनुमति दी गई है वहां केवल एक हार्न या एक लाउडस्पीकर ही लगाया जा सकता है।
जानकारी के मुताबिक करीब एक तिहाई स्थानों पर लाउडस्पीकर बजाने की अनुमति नहीं ली गई। गोंडा के तरबगंज में 101 स्थलों पर नोटिस के बावजूद लाडस्पीकर बजाने की अनुमति नहीं ली गई। एसडीएम अमरेश कुमार ने बताया हाईकोर्ट के आदेश पर धार्मिक व अन्य स्थलों पर लाउडस्पीकर का चिह्नांकन राजस्व टीम से कराया गया था। क्षेत्र में 312 स्थलों को चिह्नित करके नोटिस जारी की गई थी। निर्धारित अवधि में 211 लोगों को लाडस्पीकर की अनुमति जारी की गई है जबकि 101 स्थलों के लिए अनुमति नहीं ली गई।
फैजाबाद के रुदौली में 621 धार्मिक स्थलों को लाउडस्पीकर की अनुमति प्रशासन ने दी है। एसडीएम पंकज सिंह ने बताया कि 27 जनवरी से विशेष अभियान चलाकर धार्मिक स्थलों का सत्यापन कराया जाएगा। जहां बगैर अनुमति लाउडस्पीकर का प्रयोग होगा, वहां लाउडस्पीकर उतराने के साथ ही कार्रवाई की जाएगी। अनुमति न लेने वाले सभी इलाकों के थानाध्यक्ष को ऐसे स्थलों पर कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।

ओम प्रकाश सिंह बने उत्‍तर प्रदेश के नए डीजीपी

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Posted on : 23-01-2018 | By : JNI-Desk | In : FARRUKHABAD NEWS, LUCKNOW, POLICE

लखनऊ: डीजीपी के जनसम्पर्क अधिकारी राहुल गुप्ता ने बताया कि सिंह ने कार्यभार ग्रहण कर लिया है। उन्होंने 31 दिसंबर को ही सेवानिवृत्त हो चुके सुलखान सिंह का स्थान लिया है।
साफ-सुथरी छवि वाले 1983 बैच के आईपीएस अफसर ओम प्रकाश सिंह इससे पहले केन्द्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) के महानिदेशक थे। केन्द्र से उन्हें कार्यमुक्त करने में काफी समय लगने के कारण वह पदभार ग्रहण नहीं कर सके थे। प्रदेश में डीजीपी का पद पिछले 22 दिन से खाली था।सेंट जेवियर्स कॉलेज, नेशनल डिफेंस कॉलेज और दिल्ली विश्वविद्यालय से शिक्षा प्राप्त कर चुके सिंह आपदा प्रबन्धन में एमबीए के साथ-साथ एम.फिल डिग्रीधारी हैं। वह पूर्व में उत्तर प्रदेश तथा केन्द्र सरकार में अनेक महत्वपूर्ण पदों पर रह चुके हैं।

वर्ष 1992-93 में लखीमपुर खीरी जिले के पुलिस अधीक्षक पद पर रहते हुए उन्होंने आतंकवादी गतिविधियों पर सख्ती से लगाम कसी थी। इसके अलावा लखनऊ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक पद पर काम करते हुए उन्होंने धार्मिक जुलूसों को लेकर अर्से पुराने शिया-सुन्नी विवाद को सुलझाने में अहम भूमिका निभायी थी| आपदा राहत बल के महानिदेशक के तौर पर सिंह ने जम्मू-कश्मीर में आयी बाढ़, नेपाल में आये विनाशकारी भूकम्प, हुदहुद तूफान तथा चेन्नई के शहरी इलाकों में आयी बाढ़ की विभीषिका से निपटने के लिये सराहनीय कार्य किये थे। सिंह को उत्कृष्ट सेवा के लिये वीरता पुरस्कार समेत कई तमगे भी मिल चुके हैं।