स्वास्थ्य संविदा कर्मियों की हड़ताल से भटके मरीज

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Posted on : 21-01-2019 | By : JNI-Desk | In : FARRUKHABAD NEWS, HEALTH, जिला प्रशासन, सामाजिक

फर्रुखाबाद:सोमबार से शुरू हुई संविदा कर्मियों की अनिश्चित कालीन हड़ताल के प्रथम दिन ही स्वास्थ्य व्यवस्था चरमरा गयी| जिसके साथ ही मरीज भटकते रहे| कई स्वास्थ्य केन्द्रों पर ताले लटके नजर आये| वही स्वास्थ्य कर्मियों कहा कहना है कि उनकी मांगे जब तक मानी नही जाती वह हड़ताल से नही हटेंगे|
लोहिया अस्पताल में सुबह से ही सैकड़ों की संख्या में स्वास्थ्य कर्मी यूपी राष्ट्रिय स्वास्थ्य मिशन कर्मचारी संघ के बैनर तले एकत्रित होकर धरने पर बैठ गये| प्रथम दिन संविदा कर्मियों की हड़ताल को संयुक्त राज्य परिषद,डिप्लोमा फार्मासिस्ट एसोसिएशन,स्टाफ नर्स संघ आदि संगठनों ने अपना समर्थन भी दिया| संगठन के महामंत्री नरेंद्र मिश्रा ने बताया की अनिश्चित कालीन हड़ताल तब तक नही खत्म होगी जब तक उनकी चार सूत्रीय मांगे नही मानी जाती|
हड़ताल के प्रथम दिन सोमबार को महिला ओपीडी के सर्वाधिक भीड़ रही दूर-दराज से आने वाली महिलायें चिकित्सक ना मिलने से मायूस होकर लौट गयीं| इस दौरान अध्यक्ष डॉ० गौरव वर्मा,कोषाध्यक्ष पुनीत पाण्डेय,साबिर हुसैन आदि रहे|

अस्पताल में एंटी रैबीज का टोटा, भटके मरीज

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Posted on : 16-04-2017 | By : JNI-Desk | In : CRIME, FARRUKHABAD NEWS, HEALTH

फर्रुखाबाद: (कमालगंज) योगी सरकार के सख्त निर्देशों के बाद भी आम जनता को राहत नसीब नहीं हो रही है। स्वास्थ्य व्यवस्था सबसे ज्यादा चरमराई हुई है। रविवार को जंगली जानवर के हमले से घायल हुए ग्रामीण एंटी रैबीज इंजेक्शन न होने से परेशान दिखे। अस्पताल प्रशासन ने स्टाक न होने की बात कहकर अपने हाथ खड़े कर दिये।

रविवार सुबह जंगली जानवर के हमले से थाना जहानगंज के कोठी निवासी हनीफ खां, बरुआ नगला निवासी ओमप्रकाश, सीमा देवी, गीता को जंगली जानवर के हमले से घायल होने पर सीएचसी में भर्ती किया गया था। लेकिन उपचार में महत्वपूर्ण एंटी रैबीज इंजेक्शन न होने से मरीजों पर संकट के बादल नजर आने लगे हैं। अस्पताल प्रशासन ने स्टाक न होने की बात कहकर पल्ला झाड़ लिया है। एंटी रैबीज मेडिकल स्टोरों पर भी उपलब्ध न होने से संकट और गहरा गया है। सीएचसी के वरिष्ठ फार्मासिष्ट ने बताया कि एंटी रैबीज इंजेक्शन के लिए डिमांड भेजी गयी है। लेकिन मुख्यालय पर भी एंटी रैबीज न होने से उन्हें उपलब्ध नहीं हो पा रहे हैं।

आस्था क्लीनिक के अस्तित्व पर संकट के बादल

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Posted on : 12-04-2017 | By : JNI-Desk | In : CRIME, FARRUKHABAD NEWS, HEALTH, POLICE

फर्रुखाबाद: पूर्व आयकर निरीक्षक जीवनलाल कमल के मामले में जिलाधिकारी प्रकाश बिन्दु ने अपना फैसला सुना दिया। उन्होंने सम्बंधित अधिकारियों को मौके पर जाकर जांच करने और अवैध निर्माण पाये जाने पर उसके ध्वस्तीकरण की कार्यवाही के आदेश भी दिये। जिलाधिकारी के आदेश पर सिटी मजिस्ट्रेट व सीएमओ ने मौके पर जाकर जांच पड़ताल की।
उच्च न्यायालय के हस्तक्षेप के बाद डीएम प्रकाश बिंदु ने अपना फैसला सुना दिया| दोपहर नगर मजिस्ट्रेट शिवबहादुर सिंह पटेल व सीएमओ राकेश कुमार ने आवास विकास स्थित आस्था क्लीनिक व अल्ट्रासाउण्ड सेन्टर पर पहुंचकर जांच पड़ताल की। उन्होंने आवास विकास परिषद के अधिकारियों को भी मौके पर बुलाकर तलब किया। जांच के बाद फ़िलहाल अफसर बैरंग लौट गये। पूर्व आयकर निरीक्षक जीवनलाल कमल कई वर्षों से आस्था क्लीनिक के खिलाफ मोर्चा खोले हैं। उनका कहना है कि क्लीनिक को अवैध तरीके से तालाब की भूमि पर खड़ा किया गया है। फिलहाल अधिकारियों ने बुधवार को केवल कागजात ही चेक किये और वापस लौट गये।

इसके बाद अधिकारियों ने लोहिया अस्पताल के नाक कान गला रोग विशेषज्ञ डा0 मनोज रत्मेले के आवास विकास स्थित कथित क्लीनिक पर छापेमारी की और उसे सीज कर दिया।

फिर किया मृतक का इलाज, ठगे 23 हजार

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Posted on : 08-04-2017 | By : JNI-Desk | In : FARRUKHABAD NEWS, HEALTH

फर्रुखाबाद: जनपद में गंभीर मरीज को इमरजेंसी बार्ड मे भर्ती करने और मनमानी फीस वसूलने का धन्धा कोई नया नहीं है। इस तरह की घटनायें अक्सर सुर्खियों में आ ही जाती है। इसी तरह की घटना आवास विकास स्थित अस्पताल में उस समय देखने को मिला जब एक मृतक के परिजनों ने डाक्टर व कम्पाउंडर पर मृत पिता का इलाज कर 23 हजार रुपये ठगने का आरोप लगाया।

घटना आवास विकास स्थित चर्चित डाक्टर वर्मा के अस्पताल की है। जहां पर राजेपुर के ग्राम कमालुद्दीनपुर निवासी मदनपाल सिंह सोमवंशी को गंभीर हालत में भर्ती कराया गया था। मदनपाल सोमवंशी की पत्नी सरलादेवी, पुत्र विनोद व प्रमोद व पोता रोहित का आरोप है कि उन्होंने मदनपाल को अस्पताल में भर्ती किया तब से इमरजेंसी बार्ड में देखने के लिए किसी भी परिजन को डाक्टर व कम्पाउंडर ने घुसने नहीं दिया गया। उन्हें शक हुआ तो देखने के लिए जोर जबरदस्ती की। तब डाक्टर व कम्पाउंडर ने 23 हजार रुपये जमा करने के लिए कहा और कहा कि जब तक रुपये जमा नहीं कर दोगे तब तक देखने को नहीं मिल पायेंगे। जब इन लोगों ने 23 हजार रुपये जमा कर दिये तो शव को बाहर कर दिया गया।

यह देख परिजनों ने हंगामा काटना शुरू कर दिया। मामला इतना बढ़ गया कि अस्पताल से कम्पांउडर भाग गया। सूचना पुलिस को दी गयी तो सीओ सिटी, कोतवाल, एसडीएम के अलावा चीता मोबाइल पुलिस भी मौके पर पहुंच गयी। परिजनों ने डाक्टर व कम्पाउंडर पर कार्यवाही की मांग की। इस पर अधिकारियों ने कहा कि वह तहरीर दें जिसके आधार पर कार्यवाही की जायेगी। परिजनों ने डाक्टर व कम्पाउंडर के खिलाफ तहरीर दी है।

अंदर की बात- अब भाजपा जनप्रतिनिधि ने सीएमओ के तबादला रुकवाने के लिए संभाली कमान!

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Posted on : 02-04-2017 | By : | In : FARRUKHABAD NEWS, HEALTH

फर्रुखाबाद: एक तरफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी ने अधिकारियो के तबादले और पोस्टिंग से जनप्रतिनिधियो को दूर रहने की हिदायत दी है| शायद फर्रुखाबाद में जनप्रतिनिधि को अपने बड़े नेताओ की प्रतिष्ठा का ख्याल नहीं है तभी तो तबादले के बाद एकतरफा कार्यमुक्त हो जाने पर भी चार्ज न छोड़ने वाले सीएमओ को अभी भी उम्मीद है कि “यहाँ के लोग” अगर चाहेंगे तो वे फर्रुखाबाद में रुके रहेंगे| वैसे भी 31 मार्च अभी अभी निपटा है, गठरी में माल की कमी भी नहीं है|

विश्वस्त सूत्रों से ज्ञात हुआ है कि स्वास्थ्य सचिव द्वारा एकतरफा कार्यमुक्त किये जाने के बाद चार्ज न छोड़ने वाले 5 साल से जिले में डटे मुख्य चिकित्सा अधिकारी राकेश कुमार ने भाजपा के एक जनप्रतिनिधि से तबादला रुकवाने के लिए वाणिज्यक जुगाड़ लगाई है| और इसीलिए चुनाव से पहले तबादले के आदेश के क्रम में स्वास्थ्य सचिव द्वारा एकतरफा कार्यमुक्त कर दिए जाने के बाद भी पिछले 36 घंटे से मुख्य चिकित्सा अधिकारी राकेश कुमार न केवल चार्ज पर बने हुए है बल्कि बैकडेट में फ़ाइल भी निपटा रहे है| अपुष्ट खबर है कि साहब की मुलाकात भी अकेले में जनप्रतिनिधि से हो चुकी है|

मुख्य चिकित्सा अधिकारी राकेश कुमार जुलाई 2012 में फर्रुखाबाद में तबादले पर आये थे| इनके कार्यकाल में जनपद में कुकुरमुत्ते की तरह गली गली गैर मानको के नर्सिंग होम न केवल खुले बल्कि खूब चले भी| पूरे मानको पर तो जिले में एक भी नर्सिंग होम नहीं चल रहा है| अप्रशिक्षित पैरामेडिकल स्टाफ और भवन तो गैर मानको के है ही, दर्जन भर नर्सिंग होम में तो डॉक्टर भी नहीं है| केवल बोर्ड भर है|

जाहिर है गैर मानको और नियमो को ताक पर रख नर्सिंग होम बिना किसी लोभ या प्रलोभन के तो नहीं चले होंगे| सपा सरकार में जो हुआ सो हुआ मगर भाजपा सरकार आते ही मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी ने अफसरों से कह दिया है कि प्रदेश में कानून का पालन होगा|अवैध बूचड़खानों पर नकेल इसी का नतीजा रहा| अब अगर बदहाल और भ्रष्ट स्वास्थ्य व्यवस्था सपा सरकार के जैसी ही चलने देना चाहते है यहाँ के जनप्रतिनिधि तो शायद उन्हें सीएमओ के तबादले और कार्यमुक्त के क्रम में यहाँ से तत्काल हटने के लिए कहना चाहिए था| मगर फर्रुखाबाद में तो उल्टा ही हो रहा है|

सर्वविदित है कि जिलो में प्रमुख अफसरों की तैनाती में पैसो के लेन देन की बाते सामने आती रही है| कहीं ये लालच तो जन प्रतिनिधियों को सीएमओ की मदद करने को मजबूर नहीं कर रहा है ये सवाल जनता के जनमानस पर आना लाजमी है| सीएमओ राकेश कुमार ने खुद जेएनआई को फोन पर बताया कि यहाँ के लोग चाहेंगे तो रुके रहेंगे| अब “यहाँ के लोग’ शब्द यहाँ किसी खास के लिए ही हो सकता है| किसी आम आदमी के बस का तो सीएमओ का तबादला करवाना या रुकवाना है नहीं| यहाँ के लोग में सत्ताधारी जनप्रतिनिधि ही इतने ताकतवर होते है जो ये काम करते रहे है|